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महायुद्ध के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप सत्ता बदल पाने में हुए फेल, मकसद पूरा ना होने पर कह दी ये बात

महायुद्ध के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप सत्ता बदल पाने में हुए फेल, मकसद पूरा ना होने पर कह दी ये बात
Mar 17, 2026, 07:29 AM
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Posted By Preeti Kumari

अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ छिड़ी जंग जरा भी थमने का नाम नहीं ले रही है. इस महायुद्ध को छिड़े 27 दिन होने के बाद भी नतीजा कुछ खास नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में माना ये जा रहा है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही ईरान पर जीत का ऐलान कर सकते हैं. जहां देखने वाली बात यह होगी कि इस फैसले पर ईरान आखिर किस तरह का कदम उठाता है.


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क्योंकि, ईरान का मकसद अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देकर उसे ये सबक सिखाना चाहता है कि अगर कोई चुप है तो उसकी कमजोरी समझकर उसका फायदा नहीं उठाना चाहिए, जो अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को बिना वजह के छेड़कर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का काम किया है. यहीं कारण है कि ट्रंप द्वारा जीत का ऐलान करने से उनकी जीत नहीं हो सकती. इसलिए ईरान के अगले उस कदम पर हर किसी की नजरे टिकी हुई है, जो काफी चौकाने वाला हो सकता है.


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"युद्ध किसी भी हाल में खत्म नहीं होगा"


वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, अगर ईरान इस जंग को जारी रखते हुए जवाबी कार्रवाई करता है तो ये युद्ध किसी भी हाल में खत्म नहीं होगा. हालांकि, इस युद्ध में पहले ही ईरान की नौसेना का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया गया है. जिसके चलते उसकी कई मिसाइलें भी खत्म हो चुकी हैं और उसके कई टॉप लीडर्स भी मारे जा चुके हैं. वहीं डोनाल्ड ट्रंप का राजनीतिक मकसद अभी भी पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है. ईरान में अभी भी पुराना शासन ही कायम है. इसी के साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल के समुद्री रास्ते को बाधित करके वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा कर रखी है.


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अमेरिका की अर्थव्यवस्था हुई बर्बाद


एक्सपर्ट्स की माने तो ईरान को कमजोर समझने वाला अमेरिका जीत का ऐलान कर खुद ही घुटने टेकने को मजबूर हो चुका है. लेकिन ईरान इतनी आसानी से इस जंग में हार नहीं मानने वाला है. उसके पास अभी भी खेल पलटने की ताकत है. यहीं स्थिति डोनाल्ड ट्रंप के लिए मुश्किल पैदा करती है, उनकी ही पार्टी के लोग अब उनसे खफा होते नजर आ रहे है, क्योंकि इस युद्ध का असर अमेरिका पर भी देखने को मिल रहा है, जी हां, इस जंग ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था को काफी हद तक बर्बाद कर दिया है, इसी बिगड़ती अर्थव्यवस्था को दुबारा से सुधारने के लिए उनकी पार्टी मांग कर रही हैं. खास बात तो यह है कि इसी साल नवंबर माह में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं. जिस पर ध्यान देने की बात कहीं जा रही है.


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ईरान की कट्टरपंथी ताकतें होंगी मजबूत


अमेरिका और इजराइल के हमले शुरू होने के बाद पेट्रोल की कीमतों में लगभग 25 फीसदी तक बढ़ोतरी हो चुकी है. किसानों के लिए खाद महंगी हो गई है और अमेरिकी सैनिकों की मौत का आंकड़ा भी बढ़कर 13 पहुंच गया है. वहीं इस युद्ध पर कुछ एक्सपर्टस का मानना है कि इस महायुद्ध में जीत हासिल करना और किसी देश को खतरे को लंबे समय तक खत्म करना दो अलग-अलग बातें हैं.


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कुछ को इस बात का भी डर सताने लगा है कि, युद्ध के बाद ईरान के भीतर कट्टरपंथी ताकतें और मजबूत हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में ज्यादा तेजी से आगे बढ़ने का फैसला कर सकता है. ईरान के पास अब भी करीब 440 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम मौजूद है, जिसे अमेरिका और उसके सहयोगी देश एक बड़ा खतरा मानते हैं. यह यूरेनियम ईरान के लिए एक तरह की रणनीतिक ताकत भी है, जिससे वह अमेरिका और इजराइल के हमलों के बीच खुद को बचाने की कोशिश कर सकता है.

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिवार में पसरा मातम
A student preparing for competitive exams committed suicide by hanging himself, leaving his family in mourning.वाराणसी: सारनाथ क्षेत्र में किराए पर रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ने मंगलवार को फांसी लगाकर जान दे दी. सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. छात्र की पहचान गाजीपुर निवासी 20 वर्षीय विशाल यादव के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार आत्‍महत्‍या की वजह स्‍पष्‍ट नहीं हो सकी है. घटना से जुडे सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. छात्र की मौसेरी बहन आकृति यादव ने बताया कि विशाल अपनी बड़ी बहन सरिता और उनके साथ सारनाथ थाना क्षेत्र की अटल नगर कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान में रहते थे. वे सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे.आकृति के अनुसार, उनके मौसा रमेश यादव दुबई में रहते हैं और विशाल गाजीपुर से स्‍नातक का छात्र था. आकृति ने बताया कि घटना वाले दिन वह सुबह मंदिर दर्शन के लिए गई थीं, जबकि विशाल की बड़ी बहन सरिता कोचिंग चली गई थी. दोपहर करीब 12:30 बजे जब आकृति मंदिर से लौटीं, तो विशाल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने विशाल के मोबाइल पर कई बार कॉल किया, जो रिसीव नहीं हुई.डायल 112 को दी सूचना अनहोनी की आशंका होने पर आकृति ने खिड़की से झांक कर देखा तो विशाल के गले में स्टॉल से फंदा लगा था और वह बेड पर लटका हुआ था. यह देखते ही आकृति जोर से चीख पड़ीं. उसकी चीख-पुकार सुनकर मकान मालिक और अन्य किराएदार भी मौके पर आ गए. लोगों ने दरवाजा तोड़कर विशाल को फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं. इसके बाद परिजनों और डायल 112 को घटना की सूचना दी गई.यह भी पढ़ें: रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतारसारनाथ पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की. सारनाथ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.थाना प्रभारी सारनाथ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. मृतक के मोबाइल को फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए कब्जे में ले लिया है. परिजनों द्वारा तहरीर दिए जाने पर आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी.
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
रोहनिया हाईवे पर फुट ओवरब्रिज निर्माण के चलते घंटों बाधित रहा यातायात, वाहनों की लगी कतार
वाराणसी: रोहनिया के मोहनसराय हाईवे स्थित चौराहे पर पैदल राहगीरों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे फुट ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान मंगलवार की सुबह यातायात लगभग दो घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा. इस दौरान हाईवे और सर्विस रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.रोका गया वाहनों का आवागमन निर्माण एजेंसी की टीम ने भोर से ही तैयारी शुरू कर दी थी. पहले से बगल की जमीन पर लोहे के गटर को दो भागों में वेल्डिंग करके तैयार किया गया था. सुबह करीब 5 बजे से 7 बजे तक चार क्रेन की मदद से इन भारी-भरकम गटरों को हाईवे के दोनों तरफ बने पिलरों पर सेट किया गया. क्रेन से सेटिंग का काम चलने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था. इस दौरान दोनों तरफ सैकड़ों वाहन खड़े हो गए और यातायात जाम की स्थिति बन गई. राहगीर पैदल चौराहा पार करने में भी दिक्कत महसूस कर रहे थे.लगभग दो घंटे की मेहनत के बाद सफलतापूर्वक गार्डर की सेटिंग पूरी होने के बाद सुबह 7 बजे यातायात को सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया. इस फुट ओवर ब्रिज के बनने से मोहनसराय चौराहे पर पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी.यह भी पढ़ें: BHU अस्‍पताल में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों ने संभाला कामकाजस्थानीय लोगों ने निर्माण टीम की कुशलता की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही यातायात बाधित होने के दौरान बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग भी की है ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी न हो. रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
 BHU अस्पताल में  जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों  से संभाला कामकाज
BHU अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों से संभाला कामकाज
वाराणसी: बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डाक्‍टरों (जेआर1) की हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने लगा है. जिससे मरीजों और तीतारदारों को इलाज में दुश्‍वारियों का सामना करना पड़ रहा है. जूनियर डाक्टरों ने अपनी हड़ताल का कारण एक महिला रेजिडेंट की आत्महत्या की कोशिश का विरोध बताया है. वहीं सीनियर रेजिडेंट ने मोर्चा संभाला लिया है. वहीं जूनियर डाक्‍टर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. धरने पर बैठे डा. अंबुज ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाईडाक्टरों की प्रमुख मांगों में जूनियर रेजिडेंट्स के लिए निश्चित ड्यूटी आवर तय करना, अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु करना और महिला जूनियर डाक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है. इस बीच, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन का कहना है कि जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल के करीब 28 वार्डों में तैनात लगभग 85 जूनियर रेजिडेंट्स ने कामकाज ठप कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.धरना पर बैठा जूनियर रेजिडेंटों का समूह जूनियर रेजिडेंटों का एक समूह इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य द्वार पर धरना दे रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन को मामले में की गई कार्रवाई को लेकर लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. डा. अंबुज ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. वहीं इस मामले में आईएमएस निदेशक ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.यह भी पढ़ें: BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौकारिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस स्थिति के चलते मरीजों को इलाज में हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोश‍िश कर रहा है. इस हड़ताल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुनौती दी है और मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. हालांकि सीनियर डाक्‍टरों ने कामकाज संभाल रखा है.