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कई स्थानों पर शुरू हुआ प्याऊ, भीषण गर्मी में राहगीरों को मिलेगी राहत

कई स्थानों पर शुरू हुआ प्याऊ, भीषण गर्मी में राहगीरों को मिलेगी राहत
Apr 21, 2026, 12:00 PM
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Posted By Preeti Kumari

Drinking water stalls have been set up at several locations, providing relief to pedestrians from the scorching heat.


वाराणसी: भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच नगर निगम ने शहरवासियों और राहगीरों को बड़ी राहत दी है. शहर के अलग-अलग इलाकों में प्यास बुझाने के लिए नगर निगम ने 17 स्थानों पर वाटर कूलर और 22 स्थानों पर प्याऊ का इंतजाम किया है. ​नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि इन सुविधाओं का उद्देश्य आम जनता को पीने का ठंडा और शुद्ध पानी उपलब्ध कराना है. प्याऊ का संचालन उद्यान विभाग की देखरेख में किया जा रहा है और इन्हें शहर के भीड़भाड़ वाले और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया है.


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नगर निगम द्वारा वाटर कूलर की व्यवस्था


वाराणसी के नगर निगम का कहना है कि अगर किसी अन्य क्षेत्र से मांग आती है, तो भविष्य में इन सुविधाओं की संख्या को और बढ़ाया जा सकता है. नगर निगम द्वारा वाटर कूलर की व्यवस्था की गई है. अस्सी घाट, रवीदास गेट, गोलघर कचहरी रोड, पांडेयपुर चौराहा, कचहरी परिसर, सारनाथ जोनल कार्यालय, धोबीघाट बजरडीहा, महमूरगंज तिराहा, ऋषे-माण्डवी जोनल कार्यालय, रामनगर किला और मंसा देवी मंदिर सहित कुल 13 स्थानों पर वाटर कूलर अब पूरी तरह से चालू हो गए हैं. वहीं शेष स्थानों पर भी जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा.


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​इसके अलावा, शहर के 22 अन्य प्रमुख स्थलों पर भी प्याऊ शुरू किए गए हैं. इनमें लक्सा थाने के पास, रत्नाकर पार्क, आनंद बाग पार्क, मैदागिन, शहीद उद्यान (पूर्वी द्वार के पास), कचहरी, पांडेयपुर हनुमान मंदिर, मच्छोदरी पार्क, तेलियाबाग तिराहा, रामकटोरा चौराहा, सिगरा थाने के सामने और विभिन्न प्रमुख घाट जैसे अस्सी घाट, दशाश्वमेध, नमोघाट और भैंसासुर घाट शामिल हैं.


मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन
मंडलीय अस्‍पताल : शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन
वाराणसी: कबीरचौरा जिला महिला चिकित्सालय में मरीजों और तीमारदारों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन किया गया है, यह समिति स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित करेगी, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें.समिति के अध्यक्ष डा. संजीव वर्मा होंगे, अन्य सदस्यों में डा. अलका सिंह, डा. आरएन सिंह, जोगेंद्र सिंह और विजयलक्ष्मी सिंह शामिल हैं, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. मनीष सिंह सेंगर का कहना है, कि इस समिति के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा.चिकित्सालय में रोजाना बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और अन्य मरीजों का इलाज होता है. कभी-कभी दवाइयों की उपलब्धता, स्टाफ के व्यवहार, सफाई या अन्य सुविधाओं को लेकर शिकायतें आती रहती हैं,अब इन शिकायतों को सीधे समिति के समक्ष रखा जा सकेगा, समिति नियमित बैठकें कर शिकायतों की समीक्षा करेगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.ALSO READ: पुरानी दीवार गिरने से दंपती की मौत, मलबे में दबे थे दोनों; मौके पर पहुंची पुलिसग्रिवान्स रिड्रेसल समिति का गठन स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, समिति के सदस्यों के नाम सार्वजनिक करने से लोगों में विश्वास बढ़ेगा और वे बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं रख सकेंगे.
पुरानी दीवार गिरने से दंपती की मौत, मलबे में दबे थे दोनों; मौके पर पहुंची पुलिस
पुरानी दीवार गिरने से दंपती की मौत, मलबे में दबे थे दोनों; मौके पर पहुंची पुलिस
वाराणसी: मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बाटा मोड़ के पास मंगलवार को दर्दनाक हादसा हो गया. यहां एक पुरानी दीवार अचानक गिर गई. दीवार के मलबे में दबने से पति-पत्नी की मौत हो गई. मृतकों की पहचान रवींद्र और उनकी पत्नी प्रतिमा के रूप में बताई जा रही है. दोनों मूल रूप से झारखंड के रहने वाले बताए गए हैं.घटना की सूचना मिलते ही मंडुवाडीह प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव टीम को भी मौके पर बुलाया गया, रेस्क्यू टीम ने मलबा हटाकर दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.सुबह उनका बेटा ड्यूटी से वापस घर पहुंचा तो दीवार गिरी हुई मिली और उसके माता-पिता मलबे में दबे थे, इसके बाद उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई.सूचना मिलते ही मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा बल के साथ मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर दोनों के शव बाहर निकाले गए, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.ALSO READ: वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोपप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पुरानी दीवार कमजोर होने को हादसे की वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है.
वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोप
वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का आरोप
वाराणसी: वाराणसी में 14 साल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है, छात्रा के पिता ने एक युवक पर बेटी को परेशान करने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है. पिता का आरोप है कि बेटी ने जब स्कूल की प्रधानाचार्य से इसकी शिकायत की तो उसकी मदद करने के बजाय स्कूल प्रबंधन ने उसका नाम ही काट दिया, मामले की शिकायत पर अब पुलिस और संबंधित विभाग से कार्रवाई की मांग की गई है.परिजनों के मुताबिक, छात्रा के साथ आरोपी युवक कथित तौर पर काफी समय से छेड़छाड़ कर रहा था. आरोप है कि वह छात्रा को परेशान करने के साथ ही उसे ब्लैकमेल भी करता था, इससे छात्रा मानसिक रूप से परेशान हो गई. छात्रा ने हिम्मत जुटाकर स्कूल की प्रधानाचार्य को पूरे मामले की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई.छात्रा के पिता का आरोप है कि शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय छात्रा का नाम स्कूल से काट दिया. उनका कहना है कि बेटी पहले ही कथित छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग से परेशान थी, ऐसे में स्कूल से नाम काटे जाने से परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं.परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. साथ ही स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई है, उनका कहना है कि शिकायत करने वाली नाबालिग छात्रा को सुरक्षा और सहयोग मिलना चाहिए था.ALSO READ: वरुणा जोन में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की बड़ी समीक्षा बैठक, डीसीपी ने दिए सख्त निर्देशमामले में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी सच्चाई सामने आएगी. नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले को देखते हुए उसकी पहचान गोपनीय रखी जा रही है.