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बीएचयू के प्रोफेसर्स कालोनी में गिरा ड्रोन, तीन संदिग्ध पकड़ाए

बीएचयू के प्रोफेसर्स कालोनी में गिरा ड्रोन, तीन संदिग्ध पकड़ाए
Sep 10, 2025, 10:29 AM
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Posted By Gaandiv



वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रोफेसरों की कालोनी में मंगलवार रात अचानक एक ड्रोन गिरने की घटना से हड़कंप मच गया. घटना रात लगभग 9 बजे की है जब नरिया गेट के बगल स्थित तुलसीदास कालोनी में मकान संख्या एल-11 और एल-12 के आंगन में ड्रोन आकर गिर पड़ा. जानकारी मिलते ही कालोनी में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्रोन गिरने के कुछ देर बाद ही तीन अज्ञात युवक कालोनी में ड्रोन तलाशते हुए पहुंचे. उन्हें देखकर स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत बीएचयू के प्राक्टोरियल बोर्ड के कंट्रोल रूम को सूचना दी. कुछ ही देर में मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय सुरक्षा कर्मियों ने लोगों से मिली जानकारी के आधार पर उन तीनों संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया. इसके बाद गिरे ड्रोन को भी उन्होंने अपने कब्जे में ले लिया.


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बाहरी हैं संदिग्ध, हो रही पूछताछ


सुरक्षा टीम ने तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में सामने आया कि ये युवक विश्वविद्यालय परिसर से बाहर के हैं. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इन युवकों ने ड्रोन का प्रयोग किस उद्देश्य से किया गया था. यह केवल शौकिया उड़ान थी या इसके पीछे कोई और मंशा छिपी थी.


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सुरक्षा एजेंसियों को दी गई सूचना


बीएचयू प्रशासन और प्राक्टोरियल बोर्ड इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहे हैं. ड्रोन की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें कैमरा या कोई अन्य उपकरण फिट था या नहीं. साथ ही, सुरक्षा एजेंसियों को भी इस घटना की सूचना दे दी गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कालोनी में प्रोफेसर और उनके परिवार रहते हैं, ऐसे में यह घटना बेहद संवेदनशील है. ड्रोन के गिरने और बाहरी युवकों के पकड़े जाने के बाद से ही क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

बिजली विभाग की लापरवाही, वेतन के लिए भटक रहे कंप्यूटर ऑपरेटर
बिजली विभाग की लापरवाही, वेतन के लिए भटक रहे कंप्यूटर ऑपरेटर
Negligence of electricity department, computer operators wandering for salaryवाराणसी: संविदा कर्मियों के मानदेय को लेकर बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है. पिछले सात महीने से 60 संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर मानदेय के लिए भटक रहे हैं. इसमें सर्किल और डिविजन में पोस्ट किए गए 37 कंप्यूटर ऑपरेटरों को दो महीने और कैश काउंटर पर बैठने वाले 23 ऑपरेटरों को तीन महीने से वेतन नहीं दिया गया. कंप्यूटर ऑपरेटरों का लगभग 11 लाख 89 हजार रुपए रोके रखा गया है.सर्विस की लापरवाही से कर्मचारियों को दौड़ना पड़ाकंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति करने वाली फर्म एएल सन्स एसोसिएट और रेखा सिक्यूरिटी सर्विस की लापरवाही के चलते कर्मचारियों को मानदेय के लिए दौड़ना पड़ रहा है. कैश काउंटर कंप्यूटर ऑपरेटर सर्किल प्रथम के चार डिवीजन में तैनात हैं. जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर की सर्किल द्वितीय के डिविजनों और कार्यालय में पोस्टिंग है.सर्किल द्वितीय में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटरों का कहना है कि रेखा सिक्यूरिटी सर्विस ने भुगतान के लिए बिल लगा दिया है, लेकिन निर्माण खंड द्वितीय के अधिकारी और लेखाकार बिल दबाए बैठे हैं जबकि कई बार इसकी शिकायत सर्किल 2 के निर्माण खंड प्रमुख वरिष्ठ वीरेंद्र कुमार से की गई.Also Read: BHU ट्रामा सेंटर में घोटाले की शिकायत खारिज, लोकपाल ने प्रभारी सौरभ को दी क्‍लीन चिटइसके बावजूद भी मामले को अनदेखा किया गया. कंप्यूटर ऑपरेटर का आरोप है कि सुविधा शुल्क लेकर कैपिटल और एलऐडटी कंपनी के बिल तुरंत पास कर दिए जा रहे हैं. वहीं सर्किल प्रथम के कैश काउंटर ऑपरेटर ने आरोप लगाया कि मानदेय का भुगतान कराने के लिए प्रमुख वरिष्ठ से कई बार आग्रह किया लेकिन असर नहीं पड़ा. कंप्यूटर ऑपरेटर का कहना है कि 3 महीने से मानदेय और नहीं मिलने से आर्थिक स्थिति खराब हो गई है.
BHU ट्रामा सेंटर में घोटाले की शिकायत खारिज, लोकपाल ने प्रभारी सौरभ को दी क्‍लीन चिट
BHU ट्रामा सेंटर में घोटाले की शिकायत खारिज, लोकपाल ने प्रभारी सौरभ को दी क्‍लीन चिट
Complaint of scam at BHU Trauma Centre dismissed, Lokpal gives clean chit to in-charge Saurabhवाराणसी: घोटाले मामले में बीएचयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी सौरभ सिंह को राहत मिल गई है. ट्रामा सेंटर में मशीनों और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई शिकायतों को लोकपाल ने खारिज कर दिया है. लोकपाल न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ ने 21 मई को अपना फैसला सुनाते हुए ट्रामा सेंटर प्रभारी प्रोफेसर सौरभ सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया.ट्रामा सेंटर में खरीदे गए सभी उपकरण24 पृष्ठों के आदेश में लोकपाल ने कहा कि ट्रामा सेंटर में खरीदे गए सभी उपकरण और चिकित्सा सामग्री नियमानुसार खरीदी गईं तथा अन्य चिकित्सा संस्थानों की तुलना में कम कीमत पर प्राप्त की गईं. पीठ ने अपने आदेश में खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया और शिकायतों को निराधार मानते हुए अपील खारिज कर दी.ट्रामा सेंटर में मरीजों की जांचट्रामा सेंटर में मरीजों की जांच और इलाज के लिए आवश्यक मशीनों एवं अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GEM पोर्टल के माध्यम से की गई थी. कुछ लोगों ने इस खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयोग, सीबीआई, कैग और लोकपाल से की थी. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि खरीद प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ सामान ऊंचे दामों पर खरीदे गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकपाल की एकल पीठ ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी.Also Read: ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 531 वाहनों के रजिस्‍ट्रेशन निलंबितसीबीआई की टीम ने वाराणसी पहुंचकर खरीद से जुड़े दस्तावेजों की जांच की थी. जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए. विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर सीबीआई ने हाल ही में लोकपाल को सौंपी थी. सीबीआई रिपोर्ट और उपलब्ध दस्तावेजों के अध्ययन के बाद लोकपाल की सात सदस्यीय पीठ ने 21 मई को अपना अंतिम निर्णय सुनाया. आदेश में कहा गया कि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के प्रमाण नहीं मिले हैं.
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 531 वाहनों के रजिस्‍ट्रेशन निलंबित
ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, 531 वाहनों के रजिस्‍ट्रेशन निलंबित
Ignoring traffic rules proved costly, registration of 531 vehicles suspendedवाराणसी: यातायात के नियमों के बार बार उल्लंघन पर परिवहन विभाग ने जिले में 531 वाहनों का रजिस्ट्रेशन तीन महीनों के लिए निलंबित कर दिया है. इन वाहनों का चालान लगभग 40 बार से ज्यादा हो चुका है. कार्रवाई की चपेट में आए टॉप 20 में से 19 वाहन ऐसे हैं,जिनका चालान 100 बार से अधिक हो चुका है. इसमें भी दो पहिया एक वाहन का 168 बार चालान हुआ है. जिसमें 7 बार इस वाहन की कार्रवाई का समाधान कर दिया गया है,जबकि 161 चालान अभी पेंडिंग है. वही,चार वाहनों का क्रमशः 99,98,97 और 96 बार चालान हुआ है. इसमें वाहनों का चालान एक से 24 बार निस्तारण किया गया है ,जबकि 10 वाहन स्वामी निस्तारण की प्रक्रिया पूरी करने ही नहीं पहुंचे.... तो जब्‍त होंगे वाहनआरटीओ (प्रशासन) मनोज प्रसाद वर्मा ने बताया कि निलंबित अवधि में अगर सड़कों पर वाहन चलते पाए गए या बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के वाहन चलाते है तो उन्हें जब्त कर लिया जाएगा. एमवी ऐक्ट की धारा 133 के तहत वाहनस्वामी को जुर्माना भरना होगा फिर कार्रवाई के बाद ही वाहन रिलीज किया जाएगा.दो पहिया वाहन तोड़ रहे ट्रैफिक नियम 22 मई को हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ट्रैफिक पुलिस की ओर से रिपोर्ट दी गई थी. अधिकारी ने बताया कि ट्रैफिक नियमों को तोड़ने में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन शामिल हैं. दूसरे नम्बर पर हल्के मोटर वाहन है. भारी वाहनों की संख्या कम है.60-70 हजार लोग तोड़ रहे ट्रैफिक नियमहर दिन दिशा निर्देश जारी होने के बाद भी ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वालों को संख्या बढ़ती जा रही है. महीने की यह संख्या लगभग 60 से 70 हज़ार तक पहुंच गई है. ट्रैफिक पुलिस यातायात नियम को तोड़ने वालों का चालान कर रही है और उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के लिए रोज आरटीओ रिपोर्ट भी भेजी जा रही हैं, मगर कार और बाइक चालक बेख़ौफ़ हैं.Also Read: वाराणसी में इतने बजे शुरू होगी बकरीद की नमाज, जान लें प्रमुख मस्जिदों में नमाज का समयपुलिस और ट्रैफिक विभाग सिटी कंट्रोल सेंटर के कैमरों के जरिए भी चालान कर रही है. बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने, एक बाइक पर तीन सवारी, नशे एवं गलत दिशा में ड्राइविंग, मोडिफाइड साइलेंसर, रेड लाइट जंप, मोबाइल चलाते हुए ड्राइविंग, ओवर स्पीड आदि ट्रैफिक नियमों के आधार पर चालान किए जा रहे हैं.