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पीएम का आगमन : नदेसर और बाबतपुर की ओर जाने वाले रहें सावधान

पीएम का आगमन : नदेसर और बाबतपुर की ओर जाने वाले रहें सावधान
Sep 10, 2025, 10:02 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : गुरुवार को पूरी दुनिया की निगाहों में रहेगा काशी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम एक साथ बाबा विश्वनाथ की नगरी में कुछ घंटों के अंतराल पर कदम रखने जा रहे हैं. दोनों नेताओं का आगमन न सिर्फ कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी किसी बड़े इम्तिहान से कम नहीं है. इस वीवीआईपी यात्रा के लिए वाराणसी के कुछ इलाकों के अभेद किले के रूप में तब्दील कर दिया गया है. एयरपोर्ट से लेकर होटल ताज नदेसर तक हर मोड़, हर चौराहा और हर गली कड़ी सुरक्षा घेरे में है.


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मारीशस के प्रधानमंत्री का स्वागत बाबतपुर एयरपोर्ट पर होगा


एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला हरहुआ – गिलट बाजार – सर्किट हाउस – आंबेडकर पार्क चौराहा – नदेसर होटल ताज पहुंचेगा. इस मार्ग पर बुधवार की शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक किसी भी आम वाहन को चलने की अनुमति नहीं होगी. सुरक्षा कारणों से पीएम के काफिले के निकलने से घंटे भर पहले ही मार्ग सील कर दिया जाएगा.


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पूरा डायवर्जन प्लान – आम जनता कहां फंस सकती है


ट्रैफिक पुलिस ने खासतौर पर इसके लिए डायवर्जन प्लान जारी किया है. यह आम लोगों के लिए सबसे अहम है, क्योंकि शहर का बड़ा हिस्सा इससे प्रभावित होगा.


इस मार्ग पर पूरी तरह रास्ते होंगे बंद


  1. शगुनहां तिराहा → बाबतपुर एयरपोर्ट


  1. बाबतपुर पुलिस चौकी → बड़ागांव थाना


  1. हरहुआ फ्लाईओवर


  1. व्यास मोड़ और भेलखा मोड़ → हरहुआ


  1. वाजिदपुर चौराहा → हरहुआ चौराहा


  1. नदेसर तिराहा → होटल ताज


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डायवर्ट होने वाले रास्ते


  1. गिलट बाजार तिराहा → भोजूबीर/तरना बंद, वाहन सेंट्रल जेल रोड या शिवपुर बाजार की तरफ जाएंगे.


  1. भोजूबीर तिराहा → सर्किट हाउस बंद, वाहन अर्दली बाजार डायवर्ट होंगे.


  1. गोलघर कचहरी → सर्किट हाउस बंद, वाहन आंबेडकर चौराहा और अर्दली बाजार की तरफ.


  1. जेपी मेहता तिराहा → भोजूबीर की ओर बंद, वाहन सेंट्रल जेल रोड डायवर्ट.


  1. आंबेडकर चौराहा → जेपी मेहता कॉलेज की ओर बंद, वाहन गोलघर कचहरी भेजे जाएंगे.


  1. जेएचवी तिराहा → आशियाना तिराहा बंद, वाहन छावनी डायवर्ट।


  1. मिंट हाउस → आशियाना तिराहा बंद, वाहन इंडिया होटल चौराहा की ओर.


  1. इंडिया होटल चौराहा → होटल ताज की ओर बंद, वाहन जेएचवी तिराहा की ओर.


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ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए QR कोड भी जारी किया है, जिसे स्कैन करके डायवर्जन मैप देखा जा सकता है. अगर आपको इस दौरान बाहर निकलना हो तो ट्रैफिक पुलिस का QR कोड स्कैन करके डायवर्जन मार्ग जरूर देख लें.



सुरक्षा अभूतपूर्व – हर कदम पर नजर


  1. होटल ताज के 3 किमी दायरे में हाईटेक सिक्योरिटी सिस्टम लगाया गया.


  1. एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय, ताकि किसी भी संदिग्ध उड़ने वाली वस्तु को रोका जा सके.


  1. पूरे रूट पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी.


  1. एसपीजी (Special Protection Group) ने दो दिन से डेरा डालकर पूरे मार्ग का निरीक्षण किया.


  1. एयरपोर्ट से होटल तक फ्लीट रिहर्सल और सुरक्षा जांच पूरी की गई.


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कितनी तैनाती ?


सुरक्षा की कमान 20 आईपीएस अफसरों के हाथ.


  1. 15 एडिशनल एसपी,


  1. 45 डीएसपी,


  1. 30 इंस्पेक्टर,


  1. 350 दरोगा.


  1. 2100 सिपाही और हेड कांस्टेबल.


  1. 200 महिला कांस्टेबल,


  1. 50 महिला उपनिरीक्षक.


शहर के हर होटल, लॉज और सार्वजनिक स्थल पर इलाकाई पुलिस तैनात.


ताज होटल बना मिनी अस्पताल


प्रधानमंत्री मोदी के लिए ताज होटल में दो बेड का वेंटिलेटर युक्त सेफ हाउस अस्पताल बनाया गया है.


6 सदस्यीय डॉक्टरों की टीम 24 घंटे मौजूद रहेगी.


जिला अस्पताल और मंडलीय अस्पताल को भी बैकअप सेफ हाउस बनाया गया है.


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पर्दे के पीछे की तैयारियां


मुख्य सचिव दीपक कुमार और डीजीपी राजीव कृष्ण ने मंगलवार को एयरपोर्ट, होटल ताज और पुलिस लाइन हेलीपैड का निरीक्षण किया. सेना के हेलीकॉप्टर से टच एंड गो रिहर्सल हुआ.

अधिकारियों को निर्देश, सुरक्षा में कोई ढिलाई न हो. प्रोटोकॉल का पालन हर हाल में हो. संचार व्यवस्था पूरी तरह चालू रहे.

गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
गुरु पूर्णिमा से पहले शंकराचार्य की चरण पादुका का पूजन, काशीवासियों से किया गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान.
वाराणसी : गुरु पूर्णिमा से पूर्व काशी के श्रद्धालुओं ने सोमवार को शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर शंकराचार्य ने काशीवासियों और देशभर के श्रद्धालुओं से गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।बताया गया कि इस वर्ष शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गुरु पूर्णिमा के अवसर पर काशी में उपस्थित नहीं रहेंगे। वे छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में चातुर्मास्य व्रत एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करेंगे। इसी कारण श्रद्धालुओं ने गुरु पूर्णिमा से पहले ही उनकी चरण पादुका के पूजन की अनुमति मांगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।पूजन के दौरान श्रद्धालुओं ने गौमाता की रक्षा के लिए 81 दिवसीय 'गविष्ठी यात्रा' पूर्ण करने पर शंकराचार्य का अभिनंदन भी किया। अपने संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि गौमाता सनातन धर्म की आस्था का केंद्र हैं और शास्त्रों के अनुसार 33 कोटि देवी-देवताओं का निवास उनमें माना गया है। उन्होंने कहा कि हर सनातनी को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गौरक्षा का संकल्प लेकर इस अभियान से जुड़ना चाहिए।शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास के दौरान सपाद लक्षेश्वर धाम में विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी, जिसमें उन्हें गौरक्षा आंदोलन और शंकराचार्य की गौरक्षा नीति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।ALSO READ: बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.उन्होंने बताया कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार, 28 जुलाई को काशी से छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान करेंगे।कार्यक्रम में साध्वी पूर्णांबा दीदी, ब्रह्मचारी परमात्मानंद, स्वामी निधिरव्यानंद, गिरीश चंद्र तिवारी, अविनाश मिश्रा, रवि त्रिवेदी, रमेश उपाध्याय, अभय शंकर तिवारी, विमल तिवारी, हजारी कीर्ति शुक्ला, मनीष पाण्डेय, मयंक दोषी, शाश्वत मिश्रा, लता पाण्डेय, मंजरी पाण्डेय, चांदनी चौबे, नीलम दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
बीएचयू में 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के तहत 111 पौधों का रोपण.
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को 'एक वृक्ष माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत केंद्रीय कार्यालय परिसर में विशेष पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का शुभारंभ कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव ने केंद्रीय कार्यालय के सामने नीलमोहर का पौधा लगाकर किया।अभियान के तहत विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न स्थानों पर कुल 111 पौधों का रोपण किया गया। इनमें 100 रक्तमंजरी और 11 नीलमोहर के पौधे शामिल हैं। खास बात यह रही कि बीएचयू परिसर में पहली बार नीलमोहर के पौधे लगाए गए हैं। आकर्षक नीले-बैंगनी फूलों वाला नीलमोहर (जैकारैंडा मिमोसिफोलिया) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन पौधों के रोपण से परिसर की जैव विविधता समृद्ध होगी और हरित वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।ALSO READ: सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश देता है। वहीं, रक्तमंजरी के पौधे भी परिसर की हरित आभा और सौंदर्य को और आकर्षक बनाएंगे।पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन उद्यान विशेषज्ञ इकाई के आचार्य प्रभारी प्रो. सरफराज आलम के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग दवे, प्रो. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संजीव सर्राफ, अश्विनी देशवाल, भरत पांडे सहित उद्यान इकाई एवं केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
सावन में कांवड़ मार्गों पर बंद रहेंगी मांस-मछली की दुकानें, उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई.
वाराणसी : सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने बड़ा निर्णय लिया है। निगम प्रशासन ने शहरी सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी कांवड़ मार्गों पर अवैध रूप से संचालित मांस, मछली और मुर्गा विक्रेताओं की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं।नगर निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मार्गों पर मांस-मछली की दुकानों का संचालन श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित कर सकता है। इसे देखते हुए सभी जोनों में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अवैध रूप से संचालित दुकानों को बंद कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यदि कोई दुकानदार निर्देशों की अनदेखी करते हुए मांस, मीट या मछली की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ALSO READ: बीएचयू के डॉ. राघवेंद्र रमन मिश्र विश्व के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों में शामिल.उत्कृष्ट शोध और वैज्ञानिक योगदान के लिए मिला सम्माननगर निगम ने सभी संबंधित विक्रेताओं से अपील की है कि वे सावन माह के दौरान जारी निर्देशों का पालन करें और कांवड़ यात्रा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।