नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की आधारशिला : प्रधानमंत्री

वाराणसी: राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा रविवार को 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान' विषयक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. गांधी अध्ययन पीठ सभागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने किया। कार्यक्रम के प्रथम चरण में बाल मुकुंद त्रिपाठी के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों द्वारा नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया. नाटक में नशे के कारण व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का सशक्त मंचन किया गया तथा युवाओं से इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया गया. इसके साथ ही नशामुक्ति विषय पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन हुआ. इस मौके पर प्रो. सुधीर शुक्ला ने सभी युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान किया. मुख्य वक्ता छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए अभिशाप है. युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी पूंजी है. यदि युवा शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाते हुए नशे से दूर रहें, तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र साकार किया जा सकता है. डीन अकादमिक प्रो. बंशीधर पाण्डेय ने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है. उन्होंने विशेष रूप से जेन-ज़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव, साथियों के दबाव और क्षणिक आकर्षण से बचते हुए सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं. राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. राहुल गुप्ता ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी माध्यम हैं. कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशामुक्त भारत एवं विकसित भारत के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प एवं प्रतिज्ञा दिलाई गई. इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्रों ने माई भारत पोर्टल पर अपना पंजीयन किया. माई भारत पोर्टल पर डिजिटल शपथ भी ली.

कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन का सजीव प्रसारण प्रदर्शित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री ने 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान' के अंतर्गत देशभर के युवाओं को ऑनलाइन संबोधित किया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं. उन्होंने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं नुकसान पहुंचाता है. बल्कि एक मां की मुस्कान, एक पिता के सपने तथा एक बहन की राखी को छीन लेता है. उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने तथा नशामुक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि नशा फोकस से भटकाता है. हमारे समाज ने नशा को एक बुराई के रूप में देखा है. सभी धर्मों में इसकी आलोचना की गई है. भारत के संतों ने इसके लिए मुखर आवाज उठाई है. लाइव प्रसारण के दौरान नशामुक्ति विषयक प्रेरक लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया, जिन्होंने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों और स्वस्थ जीवन के महत्व का प्रभावी संदेश दिया.
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संचालन एनएसएस समन्वयक डॉ. राहुल गुप्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने किया. इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, प्रो. नलिनी श्याम कामिल, प्रो. बृजेश सिंह, प्रो. आनंद चौधरी, प्रो. अखिलेश यादव, प्रो. रमाकांत, प्रो. अनीता, डॉ. प्रभा शंकर मिश्र, डॉ. शशि प्रकाश आदि उपस्थित रहे.



