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शैक्षिक सौगात - बनारस में बनेगा राष्‍ट्रीय फॉरेंसिक विश्‍वविद्यालय, लीज पर दी जाएगी भूमि

शैक्षिक सौगात - बनारस में बनेगा राष्‍ट्रीय फॉरेंसिक विश्‍वविद्यालय, लीज पर दी जाएगी भूमि
Jan 07, 2026, 08:50 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : जिले को एक और बड़ी शैक्षिक सौगात मिलने जा रही है. गुजरात स्थित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) का ऑफ-कैंपस अब काशी में स्थापित होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसके लिए 50 एकड़ भूमि निश्शुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. यह विश्वविद्यालय वाराणसी की राजातालाब तहसील में पडने वाले शहंशाहपुर क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा.


भूमि पशुधन विभाग से लेंगे जमीन


भूमि पशुधन विभाग से 99 वर्षों की लीज पर दी जाएगी. शासन-प्रशासन की तैयारी है कि इसी शैक्षिक सत्र से किसी वैकल्पिक भवन में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया जाए, जबकि स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया जल्द आरंभ होगी. एनएफएसयू के इस ऑफ-कैंपस से फॉरेंसिक साइंस, साइबर क्राइम, डिजिटल फॉरेंसिक और आपराधिक जांच के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को बड़ी शैक्षिक और तकनीकी मजबूती मिलेगी. यहां लगभग 70 डिग्री और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के माध्यम से करीब 2,500 छात्रों को शिक्षा दी जाएगी.


वाराणसी की पांचवीं यूनिवर्सिटी


इसके साथ ही वाराणसी की यह पांचवीं यूनिवर्सिटी होगी. जिला प्रशासन के अनुसार, विश्वविद्यालय के खुलने से न केवल युवाओं को अपराधों की वैज्ञानिक जांच से जुड़े आधुनिक पाठ्यक्रमों में पढ़ाई का अवसर मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी. रामनगर में पहले से संचालित फोरेंसिक लैब और बीएचयू में चल रहे संबंधित कोर्स इस दिशा में पहले से मौजूद आधार हैं. 2008 में हुई थी स्थापना राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2008 में गुजरात के गांधीनगर में की गई थी.


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वर्ष 2020 में भारत सरकार ने इसे संसद के अधिनियम के तहत राष्ट्रीय महत्व का विश्वविद्यालय घोषित किया. वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में इसके 12 परिसर और दो अकादमियां संचालित हो रही हैं, जिनमें दिल्ली, गोवा, भोपाल सहित कई शहर शामिल हैं. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि भूमि चिन्हित कर ली गई है और शासन से अनुमति मिलने के साथ ही योजना को धरातल पर उतारा जाएगा.

Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake in Iran: ईरान में आज मंगलवार को भूकंप के तेज झटके देखने को मिले है. इसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.3 रही है. भूकंप के ये तेज झटके ईरान के अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच आया है. जिसका कारण मिसाइल का अटैक माना जा रहा है. ईरान के गेराश प्रांत में यह भूकंप आया है, हालांकि इसमें जानमाल के नुकसान की खबरें अभी तक सामने नहीं आई हैं. ⁠USGS यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, ईरान के गेराश इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. यह 10 किलोमीटर की गहराई में था. हालांकि ऐसी किसी परमाणु परीक्षण की वजह से हुआ है, इसके कोई संकेत नहीं मिले हैं. अभी तक के संकेतों के अनुसार, ये टेक्टोनिक प्लेट के बीच टकराहट से होने वाली प्राकृतिक घटना लग रही है.विशेषज्ञों का कहना है कि अगर परमाणु बम का परीक्षण किया जाता है तो अलग तरह की तरंगें और सिग्नल आते हैं.चार दिनों से चल रहा ईरान-इजरायल के बीच युद्धआपको बता दें कि, ईरान और इजरायल के बीच युद्ध करीब चार दिनों से चल रहा है. इजरायल और अमेरिकी वायुसेना लगातार ईरान पर मिसाइलें दाग रही हैं. ईरान के कई परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. तेहरान, इस्फहान, कौम जैसे शहरों में भी भयंकर बमबारी की गई है. वहीं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स उन मध्य पूर्व देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी बेस हैं. इसमें इराक, कुवैत, बहरीन, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं. ईरान अपनी मिसाइलों और शाहेद ड्रोन से लगातार हमले कर रहा है.गेराश शहर में भूकंप यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे यानि (USGS) ने बताया कि इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के बीच आज मंगलवार को दक्षिणी ईरान के गेराश शहर में 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. जिसे लेकर यूएसजीएस ने कहा कि भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर नीचे आया और झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई. हालांकि, इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए कुछ लोगों ने अंदाजा लगाया कि क्या ईरान ने न्यूक्लियर टेस्ट किया है. हालांकि, ऐसे दावों का समर्थन करने वाली कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.ये भूकंप 3 मार्च, 2026 को लोकल टाइम के हिसाब से दोपहर 12:24 बजे ईरान के गेराश से 52 किमी. उत्तर-पश्चिम में आया, इसका सेंटर लैटीट्यूड 28.036°N और लॉन्गीट्यूड 53.789°E पर था और भूकंप धरती की सतह से 10 किमी. नीचे आया. सीस्मोलॉजिस्ट बताते हैं कि ईरान के एक्टिव फॉल्ट जोन में इतने बड़े झटके आम हैं और कुदरती भूकंपों से होने वाले सीस्मिक पैटर्न जमीन के नीचे न्यूक्लियर धमाकों से होने वाले पैटर्न से बहुत अलग होते हैं.
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
वाराणसी: होली के दिन चार मार्च को जिले भर की देशी-अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें बंद रहेंगी. आबकारी विभाग की ओर से बताया गया है कि इसका कडाई से अनुपालन कराया जाएगा. इस बीच होलिका दहन के दिन से ही शहर और ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली. दोपहर से ही देसी, विदेशी और बीयर की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लोग लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए.होली पर्व को लेकर शराब दुकानों पर बढ़ी भीड़वहीं, कई स्थानों पर देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा. त्योहार को देखते हुए कई लोगों ने पहले से ही खरीदारी करने का मन बनाया था. जैसे-जैसे शाम नजदीक आई, दुकानों पर भीड़ और बढ़ती गई. स्थिति यह रही कि कई स्थानों पर ग्राहकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. कुछ दुकानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी.ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे. गांवों के आसपास स्थित ठेकों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कई स्थानों पर लोग सड़क किनारे कतारबद्ध खड़े दिखे. भीड़ अधिक होने के कारण कुछ जगहों पर हल्की नोकझोंक की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग की सक्रियता से व्यवस्था सामान्य रही.होली पर्व ने बाजारों में बढ़ाई रौनकगौरतलब है कि होली के मौके पर रंग-गुलाल के साथ-साथ खान-पान और अन्य तैयारियों में भी बाजारों में रौनक बढ़ गई है. वहीं शराब की दुकानों पर उमड़ी भीड़ ने त्योहार की तैयारियों की एक अलग तस्वीर भी पेश की. वहीं शराब पीकर हुडदंग मचाने वालों की खैर नहीं है. इसके लिए भी पुलिस प्रशासन की ओर पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं. शराब के खुफिया ठिकानों पर भी पुलिस छापेमारी कर रही है. कच्‍ची शराब बनाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर है.
होली पर एहतियात-वाराणसी में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट, चौबीस घंटे मुस्तैद एंबुलेंस सेवाएं
होली पर एहतियात-वाराणसी में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट, चौबीस घंटे मुस्तैद एंबुलेंस सेवाएं
वाराणसी: होली को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. किसी भी आकस्मिक परिस्थितियों के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. सार्वजनिक अवकाश की वजह से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे की जगह केवल दोपहर 12 बजे तक चलेगी. वहीं, इमरजेंसी में मरीजों का बेहतर इलाज हो सके, इसके लिए डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई है. इधर, होली के दिन किसी तरह की घटना पर लोगों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके, इसके लिए चौराहों पर 108 एंबुलेंस खड़ी रहेगी. प्रभारी सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात कर दी गई है.एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी विकास तिवारी का कहना है कि आम लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी एंबुलेंस चालक, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की काउंसिलिंग की गई है। होली वाले दिन प्रमुख चौराहों पर जहां एंबुलेंस मौजूद रहेगी, वहीं फोन आने पर निर्धारित समय के भीतर सेवा का लाभ पहुंचाया जाएगा.होली पर छह घंटे बंद रहेंगे बीएचयू के पांच गेटहोली के दिन बीएचयू के मुख्य द्वार के अलावा बाहर जाने वाले रास्तों पर आवागमन बंद रहेगा. यानी, पांच गेट, सीर, छित्तूपुर, नरिया, केंद्रीय विद्यालय और हैदराबाद गेट, बंद रहेंगे. बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संदीप पोखरिया द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि बुधवार को लंका स्थित मुख्य गेट को छोड़कर परिसर के अन्य सभी गेट सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे.सुबह से शाम तक नाव संचालन बंद होली पर गंगा में इस बार नाव नहीं चलेंगी. चार मार्च की भोर 4 बजे से शाम 4 बजे तक पूरी तरह से संचालन पर प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन ने इसके लिए सोमवार को निर्देश जारी किए. होली में घाटों पर भारी भीड़ होती है. होली की हुड़दंगई में कुछ लोग नावों की सवारी करते हैं. लापरवाही के कारण कोई हादसा न हो, इसे देखते हुए प्रशासन ने सख्ती की है. प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हर बार की तरह ही इस बार भी होली धूमधाम से मनाई जाएगी.शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पिछली बार की तरह ही इस बार भी 4 मार्च को सुबह 4 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सभी प्रकार के नावों का संचालन बंद रहेगा. शाम 4 बजे से माहौल शांत होने के बाद नावों का संचालन शुरू होगा. रात 8 बजे तक ही नावें चलेंगी, इसके बाद फिर से संचालन बंद रहेगा.