कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद, टूलकिट पाकर खिल उठे चेहरे

वाराणसी- 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत' के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए वाराणसी के सेवापुरी स्थित गांधी आश्रम के खादी एवं ग्रामोद्योग विद्यालय परिसर में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य 'हर घर स्वदेशी-घर-घर स्वदेशी' को मजबूत करना और नए भारत की नई खादी' को प्रोत्साहन देना था.

इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष मनोज कुमार ने एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में 885 प्रशिक्षित कारीगरों को कुल 1602 उपकरण एवं टूलकिट वितरित किए, जिनमें वर्चुअल माध्यम से केवीआईसी के मध्य क्षेत्र के अंतर्गत राज्य कार्यालय लखनऊ और देहरादून में वितरित 450 बी-बॉक्स भी शामिल हैं. इससे कारीगरों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार को बल मिलेगा. मशीनें और टूटकिट पाकर कारीगरों के चेहरे खिल गए.

'वोकल फॉर लोकल'
इसी क्रम में, वाराणसी के जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र, चाँदपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रशासनिक भवन परिसर में राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया. प्रदर्शनी 26 फरवरी तक चलेगी. इसमें विभिन्न राज्यों के 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं. यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री जी के 'वोकल फॉर लोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' के विजन को प्रदर्शित करती है. इसका उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है. साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति देना है.
वैश्विक ब्रांड बनने की दिशा में अग्रसर
कारीगरों को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी अब वैश्विक ब्रांड बनने की दिशा में अग्रसर है. उन्होंने कहा कि नए भारत की नई खादी' केवल वत्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, उद्यमिता और सशक्त ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रतीक बन चुकी है. उन्होंने आगे कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना प्रधानमंत्री के 'मेक इन इंडिया' अभियान का महत्वपूर्ण अंग है, जो ग्रामीण कारीगरों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है.

इस अवसर पर मंडलीय कार्यालय वाराणसी की परिधि में आनेवाले कारीगरों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न उपकरणों का वितरण किया गया, जिनमें 580 विद्युत चालित चाक, 400 बी-बॉक्स, 10 फुटवियर निर्माण मशीन, 100 फुटवियर रिपेयरिंग टूलकिट, 10 ऑटोमैटिक अगरबत्ती मशीन, 4 सेट तेल घानी मशीन, 8 सेट दोना-पत्तल निर्माण मशीन तथा 40 वेस्ट वुड क्राफ्ट टूलकिट शामिल हैं. साथ ही, वर्चुअल माध्यम से लखनऊ में 200 व देहरादून में 250 बी-बॉक्स का भी वितरण किया गया.
वितरण कार्यक्रम के उपरांत अध्यक्ष केवीआईसी ने वाराणसी के जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र के चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्रशासनिक भवन परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. उन्होंने यहां पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर घर स्वदेशी-घर-घर स्वदेशी' अभियान को वाराणसी के जन-जन तक पहुंचाने के लिए केवीआईसी ने इस प्रदर्शनी का आयोजन किया है. उन्होंने बताया कि यहां पर उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग राज्यों के 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं जिसमें 26 स्टॉल खादी उत्पादों के तथा 24 से अधिक उत्पाद ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पादों के हैं.



