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रेल की पटरियों से बिजली उत्पादन शुरू, बनारस रेल इंजन कारखाने की अनोखी पहल

रेल की पटरियों से बिजली उत्पादन शुरू, बनारस रेल इंजन कारखाने की अनोखी पहल
Aug 17, 2025, 09:42 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने हरित ऊर्जा उत्पादन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है. अब रेलवे की पटरियों के बीच से बिजली का उत्पादन संभव हो गया है. इसके लिए बरेका ने देश का पहला पोर्टेबल सोलर पैनल सिस्टम सक्रिय रेलवे ट्रैक पर लगाया है जिसका ट्रायल सफल रहा.



पायलट प्रोजेक्ट की खासियत


जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार, बरेका की कार्यशाला की लाइन नंबर 19 पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्वदेशी डिजाइन से बने सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं. इन पैनलों को विशेष इंस्टॉलेशन तकनीक से ट्रैक के बीच फिट किया गया है.


इससे ट्रेन संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा. जरूरत पड़ने पर पैनलों को जल्दी हटाया जा सकता है. यह सिस्टम पहले से बरेका में मौजूद रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के साथ मिलकर हरित ऊर्जा उत्पादन को और गति देगा.





चुनौतियां और समाधान


1. ट्रेन के कंपन से सुरक्षा – रबर माउंटिंग पैड का किया गया है उपयोग.

2. मजबूत फिक्सेशन – एपॉक्सी एडहेसिव से कंक्रीट स्लीपर पर इसे चिपकाया गया है.

3. इसकी सफाई, रखरखाव व्यवस्था आसान है.

4. तेजी से हटाने की सुविधा – चार SS एलन बोल्ट से इसे कुछ ही देर में हटाया जा सकता है.



संभावनाएं


बता दें कि भारतीय रेलवे का नेटवर्क लगभग 1.2 लाख किमी है. यदि यार्ड लाइनों पर इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाया जाए, तो 3.21 लाख यूनिट प्रति वर्ष प्रति किमी तक बिजली उत्पादन संभव होगा. खास बात यह है कि इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी, बल्कि रेल की पटरियों के बीच की खाली जगह का ही उपयोग किया जाएगा.


परियोजना की मुख्य तकनीकी झलक


ट्रैक लंबाई: 70 मीटर

क्षमता: 15 किलोवाट पीक (KWp)

पैनल संख्या: 28

पावर डेंसिटी: 220 KWp/किमी

ऊर्जा घनत्व: 880 यूनिट/किमी/दिन


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सोलर पैनल की विशेषताएं


आकार: 2278×1133×30 मिमी

वजन: 31.83 किग्रा

दक्षता: 21.31%

144 हाफ कट मोनो क्रिस्टलाइन PERC बाइफेसियल सेल्स .

जंक्शन बॉक्स: IP 68, अधिकतम वोल्टेज: 1500 V .


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भविष्य की ओर कदम


बरेका के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे को नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर ले जाएगा. यह पहल न केवल सौर ऊर्जा के उपयोग का नया आयाम है, बल्कि आने वाले समय में रेलवे के लिए हरित ऊर्जा का मजबूत मॉडल भी साबित होगा.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।