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देश में पहली बार इच्छामृत्यु की मंजूरी, जानें परिजनों ने क्या कहा...

देश में पहली बार इच्छामृत्यु की मंजूरी, जानें परिजनों ने क्या कहा...
Mar 12, 2026, 07:55 AM
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Posted By Anurag Sachan

Harish Rana: भारत के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने इच्छा मृत्यु की अनुमति दी है. कोर्ट ने 13 साल से ज़्यादा समय से कोमा में 32 साल के हरीश राणा का लाइफ़ सपोर्ट (जीवनरक्षक मशीनें) हटाने की मंज़ूरी दे दी है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने इस मामले पर फै़सला सुनाया.


harish rana


जानें क्या था कोर्ट का फैसला


बता दें कि, इस मामले में कोर्ट ने बड़ा दिल दिखाते हुए एम्स-दिल्ली को यह भी निर्देश दिया है कि लाइफ़ सपोर्ट हटाने के लिए एक ख़ास योजना तैयार की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज़ की गरिमा और सम्मान बना रहे.


इतना ही नहीं, हरीश राणा के परिवार ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट से साल 2018 के पांच जजों की पीठ के उसके फ़ैसले के आधार पर चिकित्सा सुविधाएं हटाने की मांग की थी. वहीँ, 2018 के फैसले से असाध्य रूप से बीमार मरीज़ों के लिए "पैसिव यूथेनेशिया" (इच्छामृत्यु) को क़ानूनी मान्यता दी थी.


ashok rana


हरीश के पिता अशोक का बयान...


सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पिता अशोक ने कहा- मैं माननीय न्यायाधीश का धन्यवाद करता हूं. अधिवक्ताओं और डॉक्टरों का भी आभार व्यक्त करता हूं. आज हमें वही फैसला मिला है, जिसकी हम उम्मीद कर रहे थे. मेरी उम्र 62 साल है और मेरी पत्नी करीब 60 साल की है.


हमने अदालत का रुख तब किया था, जब हमें एहसास हुआ कि हमारे बेटे की स्थिति असाध्य और लाइलाज है. कोई भी माता-पिता अपने बेटे के लिए ऐसा नहीं चाहेंगे, लेकिन मजबूरी में हमें यह फैसला लेना पड़ा. हम पिछले तीन साल से इस मामले को लेकर अदालत में प्रयास कर रहे थे. अब उसे एम्स ले जाया जाएगा.


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पैसिव यूथेनेशिया क्या है?


पैसिव यूथेनेशिया यानी अगर कोई मरीज़ सालों साल बिस्तर पर है, कोमा में है और उसके ठीक होने की संभावना पूरी तरह ख़त्म हो चुकी है और वो सिर्फ़ लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर ज़िंदा है तो उसका लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम हटाया जा सकता है.


साल 2011 में 'पैसिव यूथेनेशिया' के हक़ में फैसला


गौरतलब है कि, इससे पहले साल 2011 में मुंबई के केईएम अस्पताल की पूर्व नर्स अरुणा शानबाग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ये फ़ैसला सुनाया था. साल 1973 में सोहनलाल नाम के वॉर्ड बॉय ने अरुणा से बलात्कार की कोशिश की थी जिसमे उसने अरुणा का गला दबाया था और उसके बाद वह 42 साल तक कोमा में रहीं. वहीँ, साल 2009 में सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी कि अरुणा की स्थिति को देखते हुए उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाए. लेकिन कोर्ट ने ये अनुमति तो नहीं दी पर 'पैसिव यूथेनेशिया' के हक़ में फ़ैसला लिया.


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देश में कब- कब मांगी गई इच्छामृत्यु


साल 2001 (बीके पिल्लई): में केरल हाईकोर्ट ने असाध्य रोग से पीड़ित पिल्लई की याचिका खारिज कर दी थी जिन्होंने इच्छामृत्यु के लिए याचिका दायर की थी.


साल 2005 (मोहम्मद युनूस अंसारी): ओडिशा के व्यक्ति ने असाध्य रोग से पीड़ित चार बच्चों के लिए राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की अपील की थी., लेकिन याचिका ख़ारिज कर दी गई थी.


साल 2004 (वेंकटेश) : हैदराबाद के 25 वर्षीय व्यक्ति ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के कारण इच्छामृत्यु और अंगदान की अनुमति मांगी थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया था.


साल 2005 (तारकेश्वर सिन्हा): पटना के निवासी ने कोमा में पत्नी कंचनदेवी के लिए दया मृत्यु की मांग की थी.


साल 2011 ( अरुणा शानबाग): इस मामले में अरुणा 42 वर्षों तक कोमा में रहीं. नर्स अरुणा शानबाग की दोस्त ने याचिका दायर की थी. कोर्ट ने उन्हें मौत तो नहीं दी, लेकिन पैसिव यूथेनेशिया के हल में फैसला दिया.

आधी रात को महिला की गला दबाकर हत्‍या, घटना को अंजाम देकर आरोपी पति फरार
आधी रात को महिला की गला दबाकर हत्‍या, घटना को अंजाम देकर आरोपी पति फरार
Woman strangled to death at midnight, husband absconding after committing the crimeवाराणसी: लक्‍सा थाना क्षेत्र के औरंगाबाद में बुधवार की रात एक महिला की उसके पति ने गला दबाकर हत्‍या कर दी. घटना की वजह घरेलू विवाद विवाद बताई जा रही है. गुरुवार की सुबह हत्‍याकांड की जानकारी मिलने पर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. घटना की जानकारी खुद पुलिस को देकर आरोपी पति फरार हो गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर हत्यारोपी की तलाश कर रही है. पुलिस घटना से जुडे सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.हत्यारोपित की तलाश में जुटी पुलिस जंगमबाड़ी स्थित ब्यूटीपार्लर में काम करने वाली पूनम शर्मा ने पहले पति की मौत के बाद मनोज शर्मा से शादी की थी. महिला अपने पति संग औरंगाबाद निवासी राजू के मकान के प्रथम तल पर किराए पर रहती थी. क्षेत्रीय लोगों के अनुसार उनके बीच अक्सर विवाद होता था. बुधवार की रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ जिसके बाद आक्रोश में आकर पति ने पूनम की गला दबाकर हत्या कर दी. रात भर शव के साथ रहा. सुबह लक्सा थाने की पुलिस को हत्या की सूचना देकर फरार हो गया. सूचना पर पहुंची लक्सा थाने की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. लक्सा थाना प्रभारी राजू कुमार के अनुसार सर्विलांस की मदद से हत्यारोपित की तलाश की जा रही है.दो दिन पूर्व भी ऐसी ही घटना आई थी सामने बीते मंगलवार को भी लोहता थाना क्षेत्र में ऐसी ही घटना सामने आई थी जिसमें पति ने पत्नी की ईंट से सिर पर वार करके हत्या कर दी थी. नरगिस की शादी मूलरूप से बिहार के रहने वाले मदनपुरा निवासी असगर के साथ हुई थी. दोनों के पांच बच्चे हैं. असगर से तलाक के बाद नरगिस ने बजरडीहा के रहने वाले सुहेल से बीते जनवरी माह में निकाह कर लिया. नरगिस के नाम से कुछ जमीन थी जिसे बेचकर सुहेल ने रुपये हासिल कर लिए. इसके बाद उससे अपना पीछा छुडाने की कोशिश करने लगा.Also Read: वाराणसी में आंधी के दौरान हादसा, पेड़ गिरने से आम बीन रही युवती की मौतसाजिश के तहत वह अप्रैल माह में घर से गायब हो गया. सुहेल के एक सप्ताह तक घर नहीं आने पर नरगिस ने भेलूपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई. बीते सोमवार की रात में वह घर आया और घूमने के बहाने नरगिस को लेकर मंडुवाडीह आया. यहां से साथ लेकर हरपालपुर में सूनसान स्थान पर गया. तभी सुहेल ने पास में पडे ईंट से नरगिस के सिर पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिया. तब तक उसे मारता रहा जब तक मौत नहीं हो गई.https://www.youtube.com/watch?v=dDM6bqR657U
वाराणसी में आंधी के दौरान हादसा, पेड़ गिरने से आम बीन रही युवती की मौत
वाराणसी में आंधी के दौरान हादसा, पेड़ गिरने से आम बीन रही युवती की मौत
Accident during storm in Varanasi, girl picking mangoes dies after tree falls on herवाराणसी: सारनाथ क्षेत्र के कोटवा गांव में बुधवार की शाम आंधी और बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया. आम के बगीचे में आम बीन रही एक युवती पर अचानक पेड़ गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई. परिजन उसे आनन-फानन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों ने बिना पुलिस को सूचित किए शव का दाह संस्‍कार कर दिया.तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश जानकारी के मुताबिक कोटवा गांव निवासी अनीता राजभर (20) शाम करीब चार बजे गांव के पास स्थित आम के बगीचे में आम बीन रही थी. उसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. तेज हवा के झोंकों के कारण बगीचे का एक पेड़ जड़ से उखड़कर अनीता के ऊपर गिर पड़ा. पेड़ की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई. हादसे की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. युवती की मौत से परिवार में मातम पसर गया. मां फूला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि अन्य परिजनों का भी दुख से बुरा हाल है.Also Read: वाराणसी में होगा बुद्ध अस्थि कलश का दर्शन, धम्‍मयात्रा में विदेशी अनुयायी भी रहेंगे शामिलपीड़ित परिजनों का हाल बुराबताया जा रहा है कि अनीता दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी थी. उसके पिता विष्णु राजभर आम के बगीचे की रखवाली कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. इस हादसे में अनीता के चाचा गुलशन (22) भी घायल हो गए, जिनका पंचकोसी स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. उधर, थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी और परिजनों ने बिना सूचना दिए ही शव का अंतिम संस्कार सरायमोहना घाट पर कर दिया. पुलिस को मामले की जानकारी बाद में मिली. घटना के बाद गांव में शोक व्‍याप्‍त है.https://www.youtube.com/watch?v=NTPQeLUJ9b8
वाराणसी में होगा बुद्ध अस्थि कलश का दर्शन, धम्‍मयात्रा में  विदेशी अनुयायी भी रहेंगे शामिल
वाराणसी में होगा बुद्ध अस्थि कलश का दर्शन, धम्‍मयात्रा में विदेशी अनुयायी भी रहेंगे शामिल
Buddha's ashes will be seen in Varanasi, foreign followers will also participate in the Dhamma Yatra.वाराणसी: भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ में स्थित भगवान बुद्ध की 2570 वीं जयंती बैशाख बुद्ध पूर्णिमा एक मई को मनाई जाएगी. विभिन्न बौद्ध मंदिर में होंगे विविध अनुष्‍ठान होंगे. इसके लिए मंदिर को पंच शील झंडों व बिजली के रंगीन झालरों से सजाया जा रहा है. इस सम्बंध में धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा एक मई को मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में सुबह 6 30 बजे से 11 बजे तक भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि अवशेष को दर्शन के लिए रखा जाएगा. अपराह्न तीन बजे कचहरी से सारनाथ तक धम्म यात्रा निकलेगी. मूलगंध कुटी विहार परिसर में दोपहर 12 बजे से तीन बजे धम्म सभा व संस्कृति कार्यक्रम,शाम 6 बजे से धम्मदेशना होगा.बौद्ध मंदिर को 5000 दीपों को जलाया जाएगाभिक्षु चंदिमा ने बताया कि एक मई को सुबह 10 बजे से अंतराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान एंव महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया के सयुक्त तत्वावधान में धम्म देशना व ध्यान साधना किया जाएगा. शाम 4 बजे मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में धम्म सभा व शाम 5 30 बजे मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर को 5000 दीपों को जलाया जाएगा. भिक्षु चंदिमा ने बताया कि वैशाख पूर्णिमा पर आने वाले बौद्ध अनुयायियों की सुविधा के लिए मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगेगा.Also Read: आंधी-बारिश से भरभराकर गिरी दीवार, मलबे के नीचे दबे कई मजदूरबुद्ध पूर्णिमा के मौके पर यहां आने वाले लगभग 70 हजार बौद्ध अनुयायियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है. धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि बुद्ध पूर्णिमा केदिन आने वाले बौद्ध अनुयायियों के लिए महाबोधि सोसाइटी कार्यालय के पास सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन दान चलेगा. इस अवसर पर श्रीलंका, वियतनाम, थाईलैंड, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश,सहित अन्य जगहों से लगभग 70 हजार बौद्ध अनुयायी पहुचेंगे.https://www.youtube.com/watch?v=NTPQeLUJ9b8