वाराणसी में किसानों को सरकारी योजनाओं से कराया रूबरू, मांगे सुझाव

वाराणसी : विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस एवं सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत जिला स्तरीय तकनीकी समिति (डीएलटीसी) की बैठक आयोजित हुई. बैठक का उद्देश्य केसीसी ऋण के लिए विभिन्न फसलों का स्केल ऑफ फाइनेंस तय करना और किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना.

बैठक में कृषि, पशुपालन, दुग्ध, सिंचाई, उद्यान, सहकारिता, वन विभाग, गन्ना विभाग, केवीके वैज्ञानिक, जिला अग्रणी बैंक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी विकास खंडों से आए किसान शामिल हुए. मंच संचालन उप कृषि निदेशक अमित जायसवाल ने किया.

जिला कृषि अधिकारी ने किसानों को विभिन्न फसलों के वित्तमान निर्धारण की जानकारी दी और वास्तविक लागत के आधार पर सुझाव मांगे. कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने मौसमी फसलों, खरपतवार नियंत्रण, गेहूं में सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग और जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया.पशुपालन विभाग ने पशु एंबुलेंस सेवा (टोल फ्री नंबर 1962) की जानकारी दी, जिसके तहत पशुओं का निःशुल्क इलाज घर पर किया जाता है.
किसान दिवस में किसानों ने धान क्रय केंद्र, फसल बीमा भुगतान, केसीसी लिमिट बढ़ाने, बोरे की उपलब्धता, नलकूप, सोलर उपकरण, बैटरी चोरी सहित विभिन्न समस्याएं रखीं.संबंधित विभागों ने समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया. उप कृषि निदेशक ने पिछली बैठक की शिकायतों के निस्तारण की जानकारी भी दी.
ALSO READ : अजय राय और नाना पटोले ने बाबा विश्वनाथ का किया दर्शन, अविमुक्तेश्वरानंद मामले में कही ये बात
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने किसानों को समय से फार्मर रजिस्ट्री और फैमिली आईडी बनवाने के निर्देश दिए.उन्होंने बताया कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें 1 अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा.अंत में उप कृषि निदेशक ने सभी अधिकारियों और किसानों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक के समापन की घोषणा की.



