आईजीआरएस पोर्टल पर झूठी रिपोर्ट लगाना पड़ा भारी, लेखपाल निलंबित, कई को नोटिस...

वाराणसी : उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) पोर्टल पर आने वाली जनशिकायतों के निस्तारण में फर्जीवाड़ा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ वाराणसी जिला प्रशासन बेहद सख्त हो गया है. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के कड़े रुख के बाद एडीएम (प्रशासन) पंकज कुमार की जांच रिपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई की गई है. आईजीआरएस पोर्टल पर गलत और भ्रामक रिपोर्ट लगाने के आरोप में सेवापुरी के एक लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि कई अन्य विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
प्रशासनित सूत्रों के अनुसार, सेवापुरी के मनोज कुमार ने संपूर्ण समाधान दिवस और आईजीआरएस पर लालपुर मौजा स्थित आराजी संख्या 326 पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी. लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर जाए बिना ही आराजी संख्या 326 की जगह आराजी संख्या 347 की गलत रिपोर्ट लगा दी और जमीन को निजी बता दिया. एडीएम की जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए सेवापुरी के संबंधित लेखपाल को निलंबित कर दिया है.
दूसरा मामले में चिरईगांव ब्लॉक के नवापुर (सथवां) निवासी अजय कुमार चौधरी ने पत्नी और बेटे के निवास प्रमाण पत्र को गलत तरीके से खारिज करने की शिकायत की थी. जांच में सामने आया कि लेखपाल ने बिना स्थलीय सत्यापन के ही आख्या लगा दी थी. एडीएम प्रशासन ने सथवां के इस लेखपाल के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है. जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने कुल छह मामलों में गलत निस्तारण पकड़ा है, जिसके बाद अन्य विभागों पर भी गाज गिरी है. हरहुआ के आशुतोष कुमार सिंह ने गांव में लाइट की व्यवस्था न होने की शिकायत की थी. वीडीओ ने बिना जांच और संपर्क किए ही काम पूरा होने की झूठी रिपोर्ट लगा दी. इस पर वीडीओ को नोटिस जारी करते हुए उनका जुलाई महीने का वेतन रोक दिया गया है. फुलवरिया की मयूर विहार कॉलोनी में नई सीवर लाइन बिछाने की मांग पर जल निगम के जेई ने भ्रामक रिपोर्ट लगाई, जिस पर उनसे लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है.
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सारनाथ सीएचसी पर इलाज के नाम पर पैसा मांगने की शिकायत पर संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि दोषी सुरक्षा गार्ड को निलंबित करने का निर्देश सीएमओ को दिया गया है. मुड़ादेव के पंकज कुमार द्वारा निजी बस बुकिंग में सीट आवंटन न होने की शिकायत को बिना बात किए ही निस्तारित दिखाने पर रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक से जवाब तलब किया गया है. डीएम सत्येंद्र कुमार ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली हर शिकायत का निस्तारण पूरी गंभीरता और ईमानदारी से धरातल पर होना चाहिए. निस्तारण के बाद फरियादियों से सीधे फीडबैक भी लिया जाए. अगर किसी ने भी बिना मौके पर जाए टेबल रिपोर्टिंग (फर्जी आख्या) लगाने की कोशिश की, तो उसे सीधे निलंबन और विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.



