वाराणसी में सरस्वती शोभायात्रा पर पथराव से पांच घायल, प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने का आरोप

वाराणसी : सरस्वती प्रतिमा की शोभायात्रा के दौरान में मंगलवार रात पथराव की घटना सामने आई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. थाना शिवपुर क्षेत्र के गिलट बाजार से भोजूवीर की ओर जा रही शोभायात्रा पर मस्जिद के पास अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई. डीजे और जयघोष के बीच हुई इस घटना में शोभायात्रा में शामिल कम से कम पांच श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि सरस्वती प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई.

घटना के बाद मौके पर तैनात पुलिस ने स्थिति संभालते हुए प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर हटाया और क्षेत्र में कई थानों का अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. शोभायात्रा में लगभग 300 श्रद्धालु शामिल थे. पुलिस का कहना है कि मामला दो पक्षों के विवाद से जुडा है.

घायल श्रद्धालु मनीष सोनकर ने बताया कि शोभायात्रा शांतिपूर्वक आगे बढ़ रही थी, तभी 15–20 लोगों ने अचानक पत्थर चलाना शुरू कर दिया. शोभायात्रा में महिलाएं भी मौजूद थीं, जिससे दहशत फैल गई.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वे प्रतिमा के आगे-आगे रास्ता खाली करा रहे थे, तभी गली से ईंट-पत्थर आने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले से लाठी-डंडों से लैस थे. घटना में 5 से 7 लोगों के घायल होने की बात कही गई है. पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है.
एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने बताया कि यह प्रतिमा विसर्जन का जुलूस था, जिसका अंतिम विसर्जन शिवपुर में होना था. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि दोनों पक्ष सोनकर समुदाय से हैं और एक व्यक्ति अमन सोनकर की भूमिका सामने आई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने शराब का सेवन किया था, जिसके बाद कहासुनी बढ़कर झगड़े में बदल गई.
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एसीपी के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन के बाद तहरीर लेकर विधिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है. अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.



