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कफ सिरप तस्‍करी मामले में पांच महिलाएं गिरफ्तार, कोर्ट ने नहीं दी रिमांड

कफ सिरप तस्‍करी मामले में  पांच महिलाएं गिरफ्तार, कोर्ट ने नहीं दी रिमांड
Apr 08, 2026, 06:33 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: कफ सिरप तस्करी से अर्जित काले धन को सफेद करने में हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की मां, पत्नी समेत पांच महिलाओं को कोतवाली पुलिस ने बीते मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण अदालत ने न्यायिक रिमांड देने से इन्कार कर दिया और गिरफ्तार की गई पांचों महिलाओं को रिहा भी कर दिया गया है. शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर और सोनभद्र जेल में बंद शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल ने लॉटरी सिस्टम के तहत वैभव जायसवाल की मां राधिका, पत्नी शिवांगी समेत पांच महिलाओं के नाम शराब ठेके के लाइसेंस बांटे, जिसके जरिए काले धन को सफेद किया गया है. हवाला कारोबारी वैभव पहले ही पुलिस गिरफ्त में है.


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तस्करी मामले की जांच में जुटी पुलिस


एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों में हवाला कारोबारी, वैभव जायसवाल की मां नवापुरा निवासी राधिका जायसवाल और पत्नी शिवांगी जायसवाल दोनों सास-बहू शामिल हैं. इसके अलावा राजघाट भारद्वाजी टोला निवासी ऊषा देवी, कायस्थ टोला निवासी रेखा देवी और बबिता सिंह हैं. पिछले हफ्ते भगोड़े शुभम के करीबी नवापुरा निवासी हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस टीम ने हवाला नेटवर्क को खंगाला है.


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शुभम और उसके पिता भोला ने कफ सिरप से अर्जित ब्लैक मनी को शराब कारोबार में भी सफेद किया है. भोला प्रसाद ने लॉटरी सिस्टम से महिलाओं के नाम अंग्रेजी शराब की दुकानें लीं. वैभव दुकानों से आय की रकम शुभम तक हवाला के जरिये पहुंचाता था. महिला आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अंग्रेजी शराब लाइसेंसी दुकानों की अनुज्ञापी हैं. शुभम और भोला प्रसाद ने आवंटित अंग्रेजी शराब की दुकान में न्यू फेसेंडिल कफ सीरप की तस्करी से अर्जित अवैध कमाई को वैध करने के लिए पूरी धनराशि दी है.


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शुभम ने छह ठेके लिए, सिंडिकेट में था चौकाघाट का शराब कारोबारी


कोतवाली पुलिस और एसआईटी की जांच व विभिन्न बैंक स्टेटमेंट, दस्तावेज से स्पष्ट हुआ कि भगोड़े शुभम जायसवाल को फरारी की अवधि में हवाला से अंग्रेजी शराब की अनुज्ञापियों ने लगातार आर्थिक सहायता पहुंचाई है. एक एओपी के माध्यम से शुभम ने 6 अंग्रेजी शराब की दुकानों से मिले लाभांश में से अपने हिस्से का निर्धारण किया था. चौकाघाट निवासी शराब कारोबारी ने शुभम, एक साड़ी कारोबारी, होटल कारोबारी को अपने सिंडिकेट में अंग्रेजी के ठेके मुहैया कराए. कफ सिरप के आरोप में जेल में बंद अधिकतर आरोपियों के परिजनों, रिश्तेदारों के नाम पर देसी और कंपोजिट दुकानें ली गई हैं.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।