कफ सिरप तस्करी मामले में पांच महिलाएं गिरफ्तार, कोर्ट ने नहीं दी रिमांड

वाराणसी: कफ सिरप तस्करी से अर्जित काले धन को सफेद करने में हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की मां, पत्नी समेत पांच महिलाओं को कोतवाली पुलिस ने बीते मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है. हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण अदालत ने न्यायिक रिमांड देने से इन्कार कर दिया और गिरफ्तार की गई पांचों महिलाओं को रिहा भी कर दिया गया है. शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर और सोनभद्र जेल में बंद शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल ने लॉटरी सिस्टम के तहत वैभव जायसवाल की मां राधिका, पत्नी शिवांगी समेत पांच महिलाओं के नाम शराब ठेके के लाइसेंस बांटे, जिसके जरिए काले धन को सफेद किया गया है. हवाला कारोबारी वैभव पहले ही पुलिस गिरफ्त में है.

तस्करी मामले की जांच में जुटी पुलिस
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों में हवाला कारोबारी, वैभव जायसवाल की मां नवापुरा निवासी राधिका जायसवाल और पत्नी शिवांगी जायसवाल दोनों सास-बहू शामिल हैं. इसके अलावा राजघाट भारद्वाजी टोला निवासी ऊषा देवी, कायस्थ टोला निवासी रेखा देवी और बबिता सिंह हैं. पिछले हफ्ते भगोड़े शुभम के करीबी नवापुरा निवासी हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस टीम ने हवाला नेटवर्क को खंगाला है.

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शुभम और उसके पिता भोला ने कफ सिरप से अर्जित ब्लैक मनी को शराब कारोबार में भी सफेद किया है. भोला प्रसाद ने लॉटरी सिस्टम से महिलाओं के नाम अंग्रेजी शराब की दुकानें लीं. वैभव दुकानों से आय की रकम शुभम तक हवाला के जरिये पहुंचाता था. महिला आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अंग्रेजी शराब लाइसेंसी दुकानों की अनुज्ञापी हैं. शुभम और भोला प्रसाद ने आवंटित अंग्रेजी शराब की दुकान में न्यू फेसेंडिल कफ सीरप की तस्करी से अर्जित अवैध कमाई को वैध करने के लिए पूरी धनराशि दी है.

शुभम ने छह ठेके लिए, सिंडिकेट में था चौकाघाट का शराब कारोबारी
कोतवाली पुलिस और एसआईटी की जांच व विभिन्न बैंक स्टेटमेंट, दस्तावेज से स्पष्ट हुआ कि भगोड़े शुभम जायसवाल को फरारी की अवधि में हवाला से अंग्रेजी शराब की अनुज्ञापियों ने लगातार आर्थिक सहायता पहुंचाई है. एक एओपी के माध्यम से शुभम ने 6 अंग्रेजी शराब की दुकानों से मिले लाभांश में से अपने हिस्से का निर्धारण किया था. चौकाघाट निवासी शराब कारोबारी ने शुभम, एक साड़ी कारोबारी, होटल कारोबारी को अपने सिंडिकेट में अंग्रेजी के ठेके मुहैया कराए. कफ सिरप के आरोप में जेल में बंद अधिकतर आरोपियों के परिजनों, रिश्तेदारों के नाम पर देसी और कंपोजिट दुकानें ली गई हैं.



