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सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘सावन उत्सव-2026’ में लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रतियोगिताओं ने बांधा समां...

सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में ‘सावन उत्सव-2026’ में लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रतियोगिताओं ने बांधा समां...
Sep 03, 2026, 05:13 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र की ओर से बुधवार को विश्वविद्यालय के मुख्य भवन सभागार में ‘सावन उत्सव-2026’ का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में आयोजित उत्सव में लोकगीत, लोकसंस्कृति, भारतीय परंपराओं और नारी शक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को जीवंत और आत्मीय बना दिया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि सावन महोत्सव सनातन संस्कृति, प्रकृति प्रेम और लोक परंपराओं का सुंदर संगम है। भारतीय परंपरा में नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ संस्कृति और संस्कारों की संवाहिका भी रही है। सावन के लोकगीत, तीज, झूला और मंगलाचरण के माध्यम से महिलाओं ने पीढ़ियों से लोकजीवन की आत्मीयता और सांस्कृतिक चेतना को जीवंत रखा है।


उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। लोकगीत और लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक स्मृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित रखने का काम करती हैं। उन्होंने महिलाओं द्वारा परंपराओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।


लोकगीतों में सुरक्षित है सांस्कृतिक विरासत


मुख्य अतिथि बसंता महाविद्यालय, राजघाट की गृहविज्ञान एवं इंटीरियर डिजाइन विशेषज्ञ प्रो. आम्रपाली त्रिवेदी ने कहा कि लोकगीत हमारी संस्कृति और संस्कारों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। महिलाओं ने गीतों, पर्वों और परंपराओं के माध्यम से भारतीय जीवन मूल्यों को पीढ़ियों तक पहुंचाया है। लोकगीतों में सामाजिक रीति-रिवाज, पारिवारिक भावनाएं, लोकजीवन और सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित है। बदलते समय में इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखना सभी का दायित्व है।


राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, चौकाघाट की पूर्व प्राचार्या प्रो. नीलम गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति और धरोहर का बड़ा हिस्सा लोकगीतों में निहित है। महिलाओं ने लोकगीतों के माध्यम से अपने सुख-दुःख, अनुभवों और भावनाओं को अभिव्यक्ति दी है। लोकगीत लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का काम करते हैं।


कजरी और लोकनृत्य ने मोहा मन


कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोकगायिका ने कजरी के विभिन्न भावों की मनोहारी प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि लोकगीतों में लोकजीवन की आत्मा बसती है और इनमें रिश्तों की आत्मीयता, परंपराओं तथा सामाजिक सरोकारों की सहज अभिव्यक्ति होती है।

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सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गणेश नृत्य-वंदना, शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण नाट्य-नृत्य, तिब्बती नृत्य और कुलगीत सहित विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सावन की हरियाली और भारतीय लोकजीवन की रंगीन छटा ने कार्यक्रम स्थल को उत्सव के रंग में रंग दिया।


फैशन शो और मेहंदी प्रतियोगिता में दिखा उत्साह


सावन उत्सव के दौरान लोकगीत, फैशन शो, क्विज, मेहंदी, चूड़ी एवं सुहाग से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन किया गया। महिलाओं ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में हिस्सा लिया। नृत्य, खेल, मंच संचालन और ‘श्रावण राज्ञी’ जैसी गतिविधियों में भी प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।


कार्यक्रम स्थल को सावन की हरियाली, फूलों, झूलों और पारंपरिक सजावट से आकर्षक रूप दिया गया था। विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।


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महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजिका प्रो. विधु द्विवेदी ने कहा कि ऐसे आयोजन लोकसंस्कृति को मजबूत करने के साथ महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा और पारंपरिक ज्ञान को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘सावन उत्सव’ महिलाओं को अपनी प्रतिभा और भावनाओं की अभिव्यक्ति का अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। इसके बाद मंगलाचरण एवं गणेश वंदना प्रस्तुत की गई। प्रो. विधु द्विवेदी ने अतिथियों का माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृतिचिह्न देकर स्वागत किया। संचालन डॉ. कंचन मिश्रा ने किया।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रो. जितेंद्र कुमार, प्रो. हीरक कान्ति चक्रवर्ती, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. रविशंकर पांडेय, प्रो. शशिरानी मिश्रा, डॉ. रानी द्विवेदी सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी, छात्राएं और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।

बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
बरेका में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत चला विशेष सफाई अभियान, लोगो को किया गया जागरूक.
वाराणसी। रेल मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत लगातार स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में मंगलवार को बरेका परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया।अभियान के तहत बरेका परिसर में स्थापित सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों और सोलर पैनलों की विशेष साफ-सफाई की गई। उपकरणों पर जमा धूल-मिट्टी और गंदगी को हटाने के साथ उनकी कार्यशीलता की भी जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार रखरखाव संबंधी कार्य किए गए। अधिकारियों ने सौर ऊर्जा उपकरणों को नियमित रूप से स्वच्छ और क्रियाशील रखने पर जोर दिया।इसके अलावा बरेका के ऑफिसर्स गेस्ट हाउस (OGH) और ऑफिसर्स रेस्ट हाउस (ORH) के किचन क्षेत्रों और डस्टबिन की विशेष सफाई की गई। किचन परिसर में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया।बरेका के आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों में भी व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। जलालीपट्टी मार्केट में सार्वजनिक शौचालयों और नालियों की सफाई की गई। नालियों में जमा कचरे और गंदगी को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।बरेका प्रशासन के अनुसार, ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के माध्यम से स्वच्छ परिसर, स्वच्छ कॉलोनी और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के साथ लोगों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जा रहा है।ALSO READ:IMA बनारस का कार्यकाल ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए याद रखा जाएगा --- डॉ. अनुराग टंडन
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वाराणसी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) बनारस के वर्ष 2026 के कार्यकाल को लेकर अध्यक्ष डॉ. अनुराग टंडन ने कहा कि इस सत्र में टीम ने कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि IMA परिसर में वर्ष 2026 की बैलेंस शीट पर हस्ताक्षर करते हुए उन्हें इस बात का गर्व है कि पूरी टीम ने संगठन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया।डॉ. अनुराग टंडन ने अपने संदेश में कहा कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान डॉ. अरुण त्रिपाठी, डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. एस.पी. सिंह और डॉ. रितु गर्ग समेत पूरी टीम ने उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने कहा कि टीम के सामूहिक प्रयासों के कारण IMA बनारस का यह सत्र लंबे समय तक याद रखा जाएगा।उन्होंने कहा कि संगठन की उपलब्धियों के पीछे पूरी टीम की मेहनत और सहयोग रहा है। अध्यक्ष ने आगामी टीम को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि नई टीम भी IMA बनारस को इसी तरह आगे बढ़ाएगी।डॉ. अनुराग टंडन ने बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना करते हुए कहा कि आने वाली टीम को भी संगठन के हित में बेहतर कार्य करने की शक्ति और सफलता मिले। उन्होंने अपने संदेश का समापन “जय हिंद, Long Live IMA” के साथ किया।ALSO READ:बरेका में वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
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वाराणसी।बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को वित्तीय प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा, बरेका शाखा द्वारा आज दिनांक 22 सितंबर 2026 को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र (TTC) के ऑडिटोरियम में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में बैंक ऑफ बड़ौदा के विशेषज्ञ एजीएम एंड डीआरएम श्री आनंद लखमानी और शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा, बरेका श्री दिनेश कुमार द्वारा रेलवे सैलरी पैकेज (RSP), कार्यरत कर्मचारियों सहित सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के वित्तीय प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं उपयोगी सुझाव प्रदान किए गए।विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं सुनियोजित वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के साथ-साथ डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, साइबर अपराध से बचाव तथा व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।कार्यशाला में बरेका के कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विशेषज्ञों से वित्तीय प्रबंधन एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को वित्तीय रूप से जागरूक एवं डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाना रहा।इस अवसर पर प्राचार्य, प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र श्री सुभाष चंद्र यादव, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी-मुख्यालय श्री राजकुमार गुप्ता, सहायक कार्मिक अधिकारी - कर्मशाला श्री पीयूष मिंज,सहायक कार्मिक अधिकारी-मुख्यालय श्री राम प्रवेश यादव, संयुक्त सचिव, कर्मचारी परिषद श्री प्रदीप कुमार यादव, अन्य सदस्य श्री नवीन कुमार सिन्हा, श्री श्रीकांत यादव, श्री संतोष कुमार यादव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारीगण उपस्थित रहे।ALSO READ:एचपीवी टीकाकरण को लेकर बीएचयू में जागरूकता कार्यक्रम, 11 एमबीबीएस छात्रों को लगी वैक्सीन की पहली डोज.