वाराणसी में बीएसएफ के पूर्व कर्मी से 1.90 लाख की साइबर ठगी, केस दर्ज

वाराणसी : लोहता थाना क्षेत्र के सिरसा गांव निवासी बीएसएफ से सेवानिवृत्त कर्मचारी रमेश कुमार उपाध्याय साइबर ठगी के शिकार हो गए. उनके बैंक खाते से साइबर ठगों ने ओटीपी लेकर करीब 1 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली. पीड़ित ने इसकी शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई तथा साइबर सेल को भी ऑनलाइन रिपोर्ट की है. रमेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि वे बीएसएफ में कार्यरत थे और पांच वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं. हर वर्ष उनके खाते में पेंशन के लिए जीवित प्रमाण पत्र जमा करना पड़ता है. पिछले माह उनकी पेंशन नहीं आई थी, जिसके लिए उन्होंने कुछ आवश्यक दस्तावेज बैंक में जमा किए थे.

इसी बीच उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें ओटीपी मांगा गया. ठगों के झांसे में आकर उन्होंने ओटीपी बता दी. इसके तुरंत बाद उनके खाते से 1 लाख 90 हजार रुपये निकाल लिए गए. बैंक से ट्रांजेक्शन का मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला. पीडित ने तुरंत एसबीआई की कचहरी शाखा में जाकर खाते की स्थिति की पुष्टि की. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर गिरफ्तार
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी ने एक बड़े अभियान के तहत चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान राजेश कुमार यादव, पुत्र गंगा यादव, निवासी भैसोडी, थाना सारनाथ, वाराणसी के रूप में हुई है. उसे मंगलवार की रात ग्राम दामोदरपुर, सारनाथ क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी थाना ईओडब्ल्यू वाराणसी में दर्ज मामले (धारा 409, 420, 120बी भारतीय दंड संहिता के तहत) में हुई है. मामले की जड़ें वर्ष 2014 में हैं, जब मेसर्स सांई कुंज इन्फाडेवलपर्स इंडिया लिमिटेड कंपनी ने गाजीपुर में अपनी शाखा खोली थी. कंपनी के डायरेक्टरों ने खुद एजेंट बनकर लोगों को धन दोगुना करने, जमा राशि पर ऊंचा ब्याज और भ्रामक विज्ञापनों का लालच देकर निवेश कराया. जांच में पता चला कि आरोपियों ने आपसी साजिश रचकर 27 निवेशकों से करीब 8 लाख 36 हजार रुपये की राशि गबन कर ली. विवेचना के दौरान एकत्र साक्ष्यों से कुल 8 आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध हुआ है.
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