Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने किया करीब 28 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण

पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने किया करीब 28 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण
Nov 15, 2025, 11:08 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी : पूर्व मंत्री एवं शहर दक्षिणी विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के आदिविशेश्वर वार्ड में करीब 28 लाख की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया. नीचीबाग़ स्थित प्राचीन संकट दहन हुनमान मंदिर के तरफ़ जाने वाले दोनों मार्ग के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया. इसके अलावा मुख्य मार्ग से मंदिर तरफ़ जाने वाले मार्ग पर, दो स्वागत द्वार का निर्माण किया गया है. प्राचीन हनुमान मंदिर के तरफ़ जाने वाला मार्ग काफ़ी क्षतिग्रस्त हो चुका था.


अपनी निधि से जीर्णोद्धार के दिए थे निर्देश


IMG - GANDIV DIGITAL


कुछ माह पूर्व क्षेत्र भ्रमण के दौरान विधायक नीलकंठ तिवारी ने उक्त मार्ग का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान रास्ते की स्थिति देख कर विधायक ने अपने निधि से जीर्णोद्धार कार्य करवाने के लिए निर्देश दिए थे. जिसका शिलान्यास पूर्व में किया गया था. तय सीमा के अंदर कार्य पूर्ण होने के पश्चात शनिवार को उन्होंने सभी कार्यों का लोकार्पण किया. उक्त मार्ग लगी पुरानी पटिया हटाकर, पीसीसी ढलाई करने के बाद कोटा स्टोन लगाने का कार्य किया गया है. लोकार्पण अवसर पर स्थानीय व्यापारियों ने इस कार्य हेतु विधायक का आभार व्यक्त किया. उन्होंने बताया की मार्ग पर कोटा स्टोन का कार्य होने से आवागमन सुगम तो हुआ ही है, साथ ही साथ परिदृश्य भी काफ़ी सुंदर लग रहा है. इसके अलावा लोगों ने बताया कि इस प्राचीन मंदिर, जिसका वर्णन काशी खंड में भी किया गया है, के प्रवेश मार्ग पर स्वागत द्वार बन जाने से राहगीरों को मंदिर चिह्नित करना आसान हो जाएगा.


ALSO READ : तीन दिवसीय काशी शब्दोत्सव कल से, तमाम विद्वान करेंगे मंथन


40 वर्ष पूर्व हुआ था निर्माण


IMG- GANDIV DIGITAL


करीब 40 वर्ष पूर्व उक्त मार्ग का निर्माण कराया गया था. विधायक ने इस अवसर पर राहगीरों के लिए स्वच्छ पेयजल हेतु वाटर कूलर का भी लोकार्पण किया. यह सभी कार्य ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा विधायक निधि से कराया गया है. उक्त अवसर पर महानगर उपाध्यक्ष अशोक जाटव, महानगर मंत्री दिलीप साहनी, संदीप चतुर्वेदी, वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक अनुराग टंडन, गौरी शंकर नेवर, मंडल अध्यक्ष राजीव सिंह डब्बू, बबलू सेठ, तारकेश्वरनाथ गुप्ता, नलिन नयन मिश्र, संदीप चौरसिया, पार्षद इंद्रेश सिंह, अभिजीत भारद्वाज, संजय केशरी, कनकलता मिश्र, अमरेश गुप्ता, अनंतराज गुप्ता, श्रवण गुप्ता, रोहित जायसवाल समेत तमाम कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय व्यापारी उपस्थित थे.

IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO,  गंगा में किया नौका विहार
IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहार
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के टेक्नेक्स के 87वें संस्करण का शुक्रवार को शुभांरभ हो गया. टेक्‍नेक्‍स में शामिल होने के लिए फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना वाराणसी पहुंचे. यहां पहुंचते ही उन्होंने अपनी पत्नी के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद बेनेडेटो विग्ना ने नाव पर बैठकर गंगा घाट का भ्रमण किया.आर्मी के जवान के संग खिंचाई फोटो वहीं टेक्नेक्स में यूनिट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” कहा. इस पल ने आयोजन को और रोमांच और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश भर दिया. इंजीनियरिंग और डिजाइन को करीब से देखने और समझने का मौका.डांसिंग रोबोट, फेरारी कार और डिफेंस समेत अन्‍य प्रदर्शनी के बीच तीन दिन तक फेस्ट चलेगा. इसमें छात्रों और तकनीक प्रेमियों के लिए नए-नए डेमो और प्रदर्शनी तैयार की गई हैं. टेक्नेक्स के पहले दिन ऑटो एक्सपो और डिफेंस प्रदर्शनी लगी. ऑटो एक्सपो में फेरारी सहित कई लग्जरी कारों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें लोग इंजीनियरिंग और डिजाइन के सभी पहलुओं को करीब से देख और समझ सके.यह भी पढ़ें: स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्तडिफेंस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के गढ़वाल राइफल्स, ड्रोन, नाइट-विजन उपकरण, डिफेंस वाहन और आधुनिक हथियारों को देखने और उठाने का मौका मिला। छात्रों के लिए हैकाथॉन और वर्कशॉप भी आयोजित की गईं.रोबोटिक और तकनीकी डेमो स्वतंत्रता भवन सभागार में ओपनिंग सेरेमनी में यूनीट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट का डांस प्रदर्शन हुआ. इसके साथ ही क्वाड्रुपेड रोबोट और न्यूरो-हेल्थ डिवाइस का लाइव डेमो भी दिखाया गया. जापान की टीम ने 3डी मैपिंग और होलोग्राफिक तकनीक की प्रस्तुति दी. सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्केल्टन डांस ने भी दर्शकों का मन मोह लिया.फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’फेस्ट में थिंक टॉक लेक्चर सीरीज में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना छात्रों के साथ लग्जरी इंजीनियरिंग पर संवाद करेंगे. इसके अलावा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी बीएम करियप्पा, पूर्व स्पेशल फोर्सेस सुशांत सिंह और आईपीएस अमित लोढ़ा भी छात्रों से राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व और पब्लिक सर्विस के अनुभव साझा करेंगे. थिंक टॉक के पहले सत्र में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि यह उनका 50वां मौका है, जब वे काशी आए हैं. यह शहर उन्हें बेहद पसंद है. बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’ रखा गया है. इसका अर्थ है ‘रोशनी’, और काशी का भी अर्थ ‘रोशनी का शहर’ है. उन्होंने बातचीत के दौरान फेरारी कारों में इस्तेमाल हो रही तकनीक के बारे में भी जानकारी दी.सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने कहा- फेरारी का अस्तित्व केवल ‘संभावनाओं की सीमाओं को साहसपूर्वक पुनर्परिभाषित करने’ से ही संभव है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें अपनी विरासत के प्रति सम्मान और भविष्य के लिए साहस दोनों की समान आवश्यकता होती है.रोबोट ने जवान से कहा जय हिन्‍दयूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” बोलकर खुशी जताई. इस मजेदार और रोमांचक पल ने उपस्थित सभी छात्रों और आगंतुकों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश बढ़ा दिया. उद्घाटन के दौरान छात्र यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य रोबोटिक्स डेमो के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए. छात्रों ने रोबोट के साथ सेल्फी और ग्रुप फोटो खिंचाई, जिससे कार्यक्रम में आनंद और उत्साह का माहौल बन गया.टेक्नेक्स एडिशन में 1500 IIT छात्र पहुंचेटेक्नेक्स के इस एडिशन में देशभर से 1500 आईआईटी के छात्र पहुंचे हैं. इसमें ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचवाई. रोबोट को चलाने वाले जवान ने बताया- इसमें 5 कैमरे लगे हैं. यह फायर भी कर सकता है.फेस्ट में आर्मी के जवान त्रिनेत्र ड्रोन और ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम भी लेकर आए हैं. त्रिनेत्र ड्रोन भारत में ही बनाया गया है. इसकी लागत 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर दूर तक जा सकता है. यह दुश्मन के ठिकानों का पता लगाता है. वहीं, ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम की कीमत 12 लाख रुपये है. यह 16.5 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर वार कर सकता है. आर्मी का डॉग रोबोट सुल्तान पहुंचा. छात्रों ने रोबोट के साथ फोटो खिंचवाई और रोबोट ने करतब भी दिखाए.‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन: 10 किमी दूर तक दुश्मन पर रखेगा नजर‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन किया गया. इस ड्रोन की कीमत करीब 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. भारत में ही बने इस ड्रोन की मदद से दुश्मन के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है. भारतीय सेना अब सीमा पर दुश्मन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. इसमें सबसे ज्यादा उपयोग ड्रोन का हो रहा है. तीन प्रकार के ड्रोन लाए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपये तक है. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों का आसानी से पता लगाने में मदद करते हैं. ये सभी ड्रोन दिल्ली में बनाए गए हैं और डिफेंस सेक्टर में इनका ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. इन ड्रोन को एक बार में करीब 2 से 3 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है.
स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
वाराणसी: नगर निगम अब काशी को केवल साफ ही नहीं, बल्कि पूरी तरह चकाचक बनाने की तैयारी में जुट गया है. आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में काशी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए निगम सजग है. इस क्रम में गुरुवार को कचहरी स्थित आयुक्त सभागार में आयोजित कार्यशाला में नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि अब केवल कूड़ा उठाना काफी नहीं है, बल्कि शहर के सुंदरीकरण से जुड़े हर छोटे पहलू पर काम करना होगा.खामियों को चिन्हित कर ठीक कराना विभाग की जिम्मेदारी​कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए ​नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और स्वच्छता उनके प्राथमिक एजेंडे में है. ऐसे में घर-घर से कूड़ा उठाने और सोर्स सेग्रिगेशन (कूड़े का पृथक्करण) के साथ-साथ शहर के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, वॉल पेंटिंग, जंग लगे खंभों की रंगाई और लटकते बिजली के तारों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए. उन्होंने कहा कि विभाग चाहे कोई भी हो, खामियों को चिन्हित कर उन्हें हर हाल में ठीक कराना हमारी जिम्मेदारी है.​लापरवाही पर लगेगा जुर्माना​कार्यशाला में नगर आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग सफाई के बाद सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं या सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करके नहीं देते, उन्हें चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाया जाए. अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में चार श्रेणियों के डस्टबिन और स्टीकर बांटे गए हैं, वहां शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रिगेशन सुनिश्चित करने के लिए लोगों को जागरूक करें.यह भी पढ़ें: महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी​अधिकारियों को मिली चेकलिस्ट और टूलकिट​स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों को समझाने के लिए डीपीएम अरविंद कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अंकों के गणित की जानकारी दी. सभी जोनल अधिकारियों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और कर अधीक्षकों को एक निरीक्षण चेकलिस्ट दी गई है. उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि समय रहते कमियों को सुधारा जा सके. ​कार्यशाला में मुख्य रूप से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद, मृत्युंजय नारायण मिश्र सहित जलकल और निगम के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे. धन्यवाद ज्ञापन डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह ने किया
महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी
महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी
वाराणसी: महिला आत्मसम्मान सम्मेलन में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी. महिलाओं से अपील कर कहा कि चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो, तभी अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव है. जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस की सख्त कार्रवाई के कारण महिला अपराधों में 60 से 74 प्रतिशत तक कमी आई है. पुलिस आयुक्त ने डिंपल देवी, अर्चना पटेल और शांति देवी को सम्मानित किया. कमिश्‍नरेट के गोमती जोन के बड़ागांव थाना क्षेत्र के बाबतपुर में लॉन में यह सम्‍मेलन गुरुवार को किया गया.महिला सुरक्षा के लिए अनिवार्य CCTV कैमरे पुलिस आयुक्त ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और जिम में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है. साथ ही प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती हैं, ताकि अपनी शिकायत बेझिझक दर्ज करा सकें.यह भी पढ़ें: दामाद ने गला दबाकर की ससुर की हत्‍या, सामने आया जमीनी विवादबताया कि 2025 में रानी लक्ष्मीबाई महिला और बाल सम्मान कोष के तहत 5.53 करोड़ रुपये की सहायता महिलाओं को दी गई है. 2017 से लगातार कार्रवाई के चलते बलात्कार के मामलों में 74 प्रतिशत, छेड़खानी में 55 प्रतिशत, महिला हत्या में 60 प्रतिशत और पॉक्सो मामलों में 52 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है. ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के कारण अदालतों में सजा की दर भी बढ़ी है.अपराधियों को सजा दिलाई गई2020-21 में जहां 69 मामलों में 86 आरोपियों को सजा हुई थी, वहीं वर्ष 2024 से मार्च 2026 तक 118 मामलों में 166 अपराधियों को सजा दिलाई गई. 2025 में एक मामले में मृत्युदंड, 10 में आजीवन कारावास, 31 मामलों में 10 वर्ष से अधिक और अन्य मामलों में विभिन्न अवधियों की सजा दिलाई गई. गांवों और मोहल्लों से 2000 महिलाओं ने भाग लिया. डीसीपी गोमती आकाश पटेल, एडीसीपी गोमती नृपेन्द्र, एडीसीपी महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव ने संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं.