IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहार

वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के टेक्नेक्स के 87वें संस्करण का शुक्रवार को शुभांरभ हो गया. टेक्नेक्स में शामिल होने के लिए फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना वाराणसी पहुंचे. यहां पहुंचते ही उन्होंने अपनी पत्नी के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद बेनेडेटो विग्ना ने नाव पर बैठकर गंगा घाट का भ्रमण किया.

आर्मी के जवान के संग खिंचाई फोटो
वहीं टेक्नेक्स में यूनिट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” कहा. इस पल ने आयोजन को और रोमांच और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश भर दिया. इंजीनियरिंग और डिजाइन को करीब से देखने और समझने का मौका.

डांसिंग रोबोट, फेरारी कार और डिफेंस समेत अन्य प्रदर्शनी के बीच तीन दिन तक फेस्ट चलेगा. इसमें छात्रों और तकनीक प्रेमियों के लिए नए-नए डेमो और प्रदर्शनी तैयार की गई हैं. टेक्नेक्स के पहले दिन ऑटो एक्सपो और डिफेंस प्रदर्शनी लगी. ऑटो एक्सपो में फेरारी सहित कई लग्जरी कारों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें लोग इंजीनियरिंग और डिजाइन के सभी पहलुओं को करीब से देख और समझ सके.
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डिफेंस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के गढ़वाल राइफल्स, ड्रोन, नाइट-विजन उपकरण, डिफेंस वाहन और आधुनिक हथियारों को देखने और उठाने का मौका मिला। छात्रों के लिए हैकाथॉन और वर्कशॉप भी आयोजित की गईं.
रोबोटिक और तकनीकी डेमो स्वतंत्रता भवन सभागार में ओपनिंग सेरेमनी में यूनीट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट का डांस प्रदर्शन हुआ. इसके साथ ही क्वाड्रुपेड रोबोट और न्यूरो-हेल्थ डिवाइस का लाइव डेमो भी दिखाया गया. जापान की टीम ने 3डी मैपिंग और होलोग्राफिक तकनीक की प्रस्तुति दी. सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्केल्टन डांस ने भी दर्शकों का मन मोह लिया.

फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’
फेस्ट में थिंक टॉक लेक्चर सीरीज में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना छात्रों के साथ लग्जरी इंजीनियरिंग पर संवाद करेंगे. इसके अलावा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी बीएम करियप्पा, पूर्व स्पेशल फोर्सेस सुशांत सिंह और आईपीएस अमित लोढ़ा भी छात्रों से राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व और पब्लिक सर्विस के अनुभव साझा करेंगे. थिंक टॉक के पहले सत्र में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि यह उनका 50वां मौका है, जब वे काशी आए हैं. यह शहर उन्हें बेहद पसंद है. बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’ रखा गया है. इसका अर्थ है ‘रोशनी’, और काशी का भी अर्थ ‘रोशनी का शहर’ है. उन्होंने बातचीत के दौरान फेरारी कारों में इस्तेमाल हो रही तकनीक के बारे में भी जानकारी दी.

सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने कहा- फेरारी का अस्तित्व केवल ‘संभावनाओं की सीमाओं को साहसपूर्वक पुनर्परिभाषित करने’ से ही संभव है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें अपनी विरासत के प्रति सम्मान और भविष्य के लिए साहस दोनों की समान आवश्यकता होती है.
रोबोट ने जवान से कहा जय हिन्द
यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” बोलकर खुशी जताई. इस मजेदार और रोमांचक पल ने उपस्थित सभी छात्रों और आगंतुकों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश बढ़ा दिया. उद्घाटन के दौरान छात्र यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य रोबोटिक्स डेमो के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए. छात्रों ने रोबोट के साथ सेल्फी और ग्रुप फोटो खिंचाई, जिससे कार्यक्रम में आनंद और उत्साह का माहौल बन गया.
टेक्नेक्स एडिशन में 1500 IIT छात्र पहुंचे
टेक्नेक्स के इस एडिशन में देशभर से 1500 आईआईटी के छात्र पहुंचे हैं. इसमें ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचवाई. रोबोट को चलाने वाले जवान ने बताया- इसमें 5 कैमरे लगे हैं. यह फायर भी कर सकता है.
फेस्ट में आर्मी के जवान त्रिनेत्र ड्रोन और ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम भी लेकर आए हैं. त्रिनेत्र ड्रोन भारत में ही बनाया गया है. इसकी लागत 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर दूर तक जा सकता है. यह दुश्मन के ठिकानों का पता लगाता है. वहीं, ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम की कीमत 12 लाख रुपये है. यह 16.5 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर वार कर सकता है. आर्मी का डॉग रोबोट सुल्तान पहुंचा. छात्रों ने रोबोट के साथ फोटो खिंचवाई और रोबोट ने करतब भी दिखाए.

‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन: 10 किमी दूर तक दुश्मन पर रखेगा नजर
‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन किया गया. इस ड्रोन की कीमत करीब 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. भारत में ही बने इस ड्रोन की मदद से दुश्मन के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है. भारतीय सेना अब सीमा पर दुश्मन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. इसमें सबसे ज्यादा उपयोग ड्रोन का हो रहा है. तीन प्रकार के ड्रोन लाए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपये तक है. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों का आसानी से पता लगाने में मदद करते हैं. ये सभी ड्रोन दिल्ली में बनाए गए हैं और डिफेंस सेक्टर में इनका ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. इन ड्रोन को एक बार में करीब 2 से 3 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है.



