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नीलगिरी इंफ्रासिटी और पीरामल फाइनेंस के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला, 31 लाख ऋण घोटाले का आरोप

नीलगिरी इंफ्रासिटी और पीरामल फाइनेंस के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला, 31 लाख ऋण घोटाले का आरोप
Oct 21, 2025, 07:44 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: जमीन, प्लॉट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाली नीलगिरी इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और पीरामल फाइनेंस लिमिटेड (पूर्व में डीएचएफएल) के खिलाफ एक और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के शंकर कांड गली निवासी गणेश प्रसाद मिश्रा ने चेतगंज थाने में दोनों कंपनियों के खिलाफ रविवार की रात मुकदमा दर्ज कराया है.

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि मलदहिया स्थित इंडियन प्रेस कॉलोनी में नीलगिरी इंफ्रासिटी के कार्यालय से संपर्क कर उन्होंने वृंदावन टाउनशिप में प्लॉट बुक कराया था. डेवलपर की ओर से प्रतिनिधियों ने उन्हें डीएचएफएल (अब पीरामल फाइनेंस लिमिटेड) से होम लोन लेने का सुझाव दिया और भरोसा दिलाया कि


परियोजना पूरी तरह वैध और सुरक्षित है.


विश्वास में आकर पीड़ित ने 38 लाख 55 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति के लिए 31 लाख रुपये का लोन लिया. शिकायत के अनुसार, अब तक उन्होंने 29 लाख 7 हजार 544 रुपये का भुगतान भी कर दिया है, लेकिन जांच में सामने आया कि मूल राशि के केवल 1.23 लाख रुपये ही जमा किए गए, जबकि बाकी रकम बैंकिंग मानकों का उल्लंघन करते हुए अत्यधिक ब्याज और अन्य शुल्क के रूप में दिखा दी गई.

पीड़ित ने आरोप लगाया कि डेवलपर और वित्तीय संस्थान दोनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की है. चेतगंज थाना प्रभारी विजय शुक्ला ने बताया कि नीलगिरी इंफ्रासिटी और पीरामल फाइनेंस के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है.


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पहले से दर्ज हैं 115 से अधिक मुकदमे


जानकारी के मुताबिक, नीलगिरी इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड पर पहले से ही 115 से अधिक मुकदमे चेतगंज थाने में दर्ज हैं. कंपनी पर जमीन में निवेश के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप हैं. आरोपी कंपनी के सीएमडी विकास सिंह, एमडी ऋतु सिंह, मैनेजर प्रदीप यादव समेत कई कर्मचारियों के खिलाफ बिहार, झारखंड, कोलकाता, उत्तराखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से पीड़ितों ने धोखाधड़ी के केस दर्ज कराए हैं. पूर्व पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने इस फ्रॉड कंपनी पर शिकंजा कसा था. उनके निर्देश पर विकास सिंह, उनकी पत्नी ऋतु सिंह और अन्य आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट से उन्हें इस शर्त पर जमानत मिली थी कि वे निवेशकों का पैसा लौटाएंगे. लेकिन पूंजी न लौटाने पर 27 मई 2025 को विकास सिंह और मैनेजर प्रदीप यादव को दोबारा गिरफ्तार किया गया.

प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने स्‍वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में अर्पित किए पुष्‍प, आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा
वाराणसी: कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय होली के बाद पांच मार्च गुरुवार को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने पहुंचे. इस दौरान अजय राय ने शंकराचार्य के चरणों में पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया और हाल के घटनाक्रम और आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की. मुलाकात के दौरान अजय राय ने कहा कि जब वे लखनऊ में थे तब पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया. उनके अनुसार प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी और होली का हवाला देकर उन्हें रोक लिया गया. इस पूरे मामले की जानकारी शंकराचार्य को दी और प्रशासन की ओर से जारी जिला अधिकारी (डीएम) का पत्र भी उन्हें दिखाया. उन्होंने कहा कि यह पत्र बताता है कि प्रशासन किस आधार पर लोगों को रोक रहा है.शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 6 दिन अभी और बचा हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास समय है कि वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कर दें, लेकिन अभी तक उनके तरफ से कोई बयान नहीं आया है. उनकी ही पार्टी के अन्य लोग समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है. हम लखनऊ जा रहे हैं. वहां पर सभी साधु संतों के सामने हम अपने फैसले को सुनाएंगे. हम उन लोगों का चेहरा भी सामने लेंगे जो लोग हमारे इस अभियान में साथ हैं. उन्होंने कहा कि हम यहां से निकल रहे हैं. हमें जहां रोका जाएगा, हम कानून का पूरा साथ देंगे, लेकिन हमें उम्मीद है कि ये धर्म की यात्रा है, इसमें कोई बाधा नहीं आ सकती है.यह भी पढ़ें: वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारीशंकराचार्य ने कहा कि होली के बाद अजय राय हमसे मुलाकात करने के लिए आए थे. गंगा अभियान को लेकर कुछ चर्चाएं हुई. लेकिन कोई बहुत बड़ी बात नहीं की गई है. यह एक मुलाकात थी. डिप्‍टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने जो बयान दिया है उस पर शंकराचार्य ने कहा कि जिसका जैसा संस्कार होता है, वह वैसा ही बयान देता है.11 मार्च को शंकराचार्य के साथ खड़े रहेंगे कांग्रेस कार्यकर्ताअजय राय ने कहा कि हम अपने शंकराचार्य से मुलाकात करने के लिए होली बाद पहुंचे थे. शंकराचार्य का जो भी आदेश होगा, हमारी पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी. जो लोग गौ को अपनी मां मानते हैं, वह सभी लोग साथ रहेंगे. उन्होंने कहा कि 11 मार्च को हम सभी लखनऊ में महाराज जी के साथ रहेंगे.बिहार मुद्दे पर अजय राय का बड़ा बयान बिहार के नीतीश मुद्दे पर अजय राय ने कहा कि यह चुनाव में ही तय हो गया था कि बीजेपी उनको साइड लाइन करेगी. वहां पर जेडीयू को इन्होंने अपने साथ विलय कर लिया है. इससे पहले नवीन पटनायक की सरकार के साथ भी इन्होंने यही किया था. उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ जो भी रहता है, उसको यह लोग पूरी तरह से साफ कर देते हैं.शंकराचार्य ने बताया लखनऊ कार्यक्रम का खाका शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने प्रस्तावित लखनऊ कार्यक्रम की रूपरेखा भी साझा की. उन्होंने कहा कि वे अपने निर्धारित मार्ग और कार्यक्रम के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे. शंकराचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपने मार्ग पर निकलेंगे और जो भी निर्णय लेना होगा, वह अपने धर्म और परंपरा के अनुसार लेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन को जो करना है वह करे, लेकिन वे अपने तय कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे.11 मार्च को लखनऊ में सभा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गाय और सनातन की रक्षा के लिए 11 मार्च को लखनऊ में सभा करेंगे. 7 मार्च को वीर शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर काशी से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे. उन्होंने बताया कि सबसे पहले बड़े भगवान चिंता गणेश का पूजन पाठ होगा. संकट मोचन मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ करेंगे.उसके बाद यात्रा के लिए निकल जाएंगे. विभिन्न स्थानों से होते हुए लखनऊ में 11 मार्च को शीतला अष्टमी पर काशीराम मैदान में गौ ध्वज प्रतिष्ठा किया जाएगा. इसके बाद धर्म युद्ध शुरू होगा, जो लोग भी गौ माता की रक्षा के लिए आना चाहते हैं, वह आएं.
वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी: रंग भरी एकादशी से शुरू रंगों के पर्व को सकुशल संपन्‍न कराने के बाद कमिश्‍नरेट पुलिस के लिए गुरुवार पांच मार्च का दिन खास रहा. जिले में शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराने के उपरांत आज पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पारंपरिक रूप से पुलिस लाइन एवं पुलिस आयुक्त आवास पर हर्षोल्लास के साथ होली मनाई गई. इस अवसर पर अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर एवं गुलाल में सराबोर होकर उत्सव में शामिल हुए तथा एक-दूसरे को रंग लगाकर प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश दिया."होली प्रेम और भाईचारे का पर्व"कार्यक्रम के दौरान संगीत, लोकगीत एवं नृत्य का आकर्षक संगम देखने को मिला, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने इस अवसर पर पुलिसकर्मियों के समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को सुदृढ़ करने का संदेश देता है.यह भी पढ़ें: वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारीउन्होंने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी के पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं. माहौल इतना उल्लासपूर्ण रहा कि कई पुलिसकर्मी रंग से भरे टब में गोते लगाते दिखे और जमकर मस्ती की. होली के इस आयोजन में अनुशासन और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला. जहां एक ओर वर्दीधारी जवान सालभर कानून-व्यवस्था संभालते नजर आते हैं, वहीं इस अवसर पर वे भी रंगों में सराबोर होकर खुशी साझा करते दिखाई दिए.
वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारी
वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारी
वाराणसी: हरहुआ स्थित उंदी ताल में प्रस्तावित गौतमबुद्ध इको पार्क (सिटी फारेस्ट) का सुंदरीकरण कराने के लिए शासन ने 24.99 करोड़ रुपये स्वीकृत करते हुए 12.49 करोड़ रुपये वाराणसी विकास प्राधिकरण को जारी कर दिया है. विकास प्राधिकरण के भेजे गए प्रारंभिक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का फिर से मूल्यांकन करना शुरू कर दिया है जिससे योजना पूर्ण करने में कोई कमी नहीं रह जाए. इको पार्क की कनेक्टिविटी सारनाथ से बनी रहे, इसको लेकर प्राधिकरण का अधिक फोकस है. उंदी ताल पर वीडीए ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में काम कर रहा है. अपने अवस्थाना निधि से काफी हद तक काम भी करा चुका है. यहां पर्यटकों की सुविधा, हरियाली और जल संचयन पर ज्यादा जोर है.मशक्‍कत के बाद मिला था कब्‍जाउंदी ताल पर आसपास के लोगों का कब्जा था. जिला प्रशासन से उंदी ताल और आसपास की 78.5 एकड़ जमीन लेने के साथ वीडीए ने काफी मशक्कत कर कब्जा लिया था. वीडीए ने 3.20 करोड़ से उंदी ताल का लोहे की जाली से घेराबंदी की है. इसके अलावा अन्य काम भी कराया है. पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और बजट नहीं होने पर वीडीए प्रशासन ने तत्कालीन मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के समक्ष समस्या रखी थी. उन्होंने पर्यटन विभाग से उंदी ताल का सुंदरीकरण कराने का निर्णय लिया. वीडीए ने दिल्ली की एजेंसी आधार शिला से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनवाकर शासन को भेजा. पर्यटन विभाग ने सहमति जताते हुए 24.95 करोड़ रुपये पर मुहर लगा दी.सारनाथ से जोडने की तैयारीवीडीए बजट आने का इंतजार करी रहा था कि पर्यटन विभाग ने यूपीपीसीएल को काम दे दिया है. इस पर वीडीए ने काम कराने से साफ मना कर दिया था. अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल सारनाथ से उंदी ताल को जोड़ने की तैयारी है. यदि कोई पर्यटक सारनाथ आता है तो उंदी ताल जाए, वहां कोई पर्यटक आता है तो सारनाथ आए. इसको लेकर भी डीपीआर बनाया गया है. उंदी ताल पर्यटन हब होने के साथ लोगों को रोजगार मिलेगा.यह भी पढ़ें: होली ऑफर ने कईयों को बनाया कंगाल, बैंक खाते से गायब हुए रकमयह होगी सुविधाएंमुख्य प्रवेश द्वार पर गार्ड हाऊस, शौचालय, दो व चार पहिया और बस पार्किंग, टिकट घर, रेंटल साइकिल क्षेत्र तथा गोल्फ काेर्ट क्षेत्र विकसित होगा.बोटिंग क्षेत्र के अंतर्गत बोटिंग लेक व क्लब हाऊस (टिकट घर एवं पब्लिक यूटिलिटि के साथ). ईको पार्क में साइकिल व पेडेसट्रीयन ट्रैक, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, ओपेन जिम.बुद्धा थीम पार्क में 4.37 एकड़ भूमि पर बाैद्ध दर्शन पर आधारित लैंडस्केप के साथ औषधीय पौधे युक्त बोटेनिकल गार्डन, ध्यान स्थल एवं तालाब आदि.वेलनेस सेंटर एवं केंपिंग जोन में भूमि पर वेलनेस सेंटर एवं कैंपिंग जोन.ईको-जोन में जलाशयों एवं वेट लैंड के संरक्षण, जैव विविधता, जोन में साइकिल व पैदल ट्रैक (पथ), प्राकृतिक अपशिष्ट जल शुद्धिकरण प्रणाली, ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण प्रणाली, सौर ऊर्जा आधारित विद्युत उत्पादन, बर्ड सेंचुरी, वाच टावर, जेट्टी, वनीकरण आदि.पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बांस के पुल और रास्ते बनाए जाएंगे.उंदी ताल में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए भेजे गए 24.99 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर शासन ने 12.49 करोड़ रुपये विकास प्राधिकरण को जारी कर दिया है. टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ जल्द काम शुरू कराया जाएगा.-पुर्ण बोरा, उपाध्यक्ष, वीडीए