गोमती संरक्षण यात्रा पहुंची काशी, सामूहिक सहभागिता का लिया संकल्प

वाराणसी: गोमती नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और जन-जागरण के संकल्प के साथ निकली ‘गोमती जीवन यात्रा’ का वाराणसी पहुंचने पर स्वागत किया गया. यह यात्रा "यूथ इन एक्शन इंडिया" के राष्ट्रीय संयोजक शत्रुद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में चल रही है, जिसका उद्देश्य समाज को नदियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास कराना है.

स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का किया अभिनंदन
यात्रा का पहला पड़ाव कल शाम चिरईगांव पहुंचा. यहां संजय गुप्ता के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का अभिनंदन किया. चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि नदियों की स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक सहभागिता से ही संभव है.
इसके बाद, स्वर्वेद महामंदिर धाम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आनंद सिंह ने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं. उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गोमती को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया.
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संगोष्ठी का आयोजन
पर्यावरण के प्रति भावी पीढ़ी को जागरूक करने के लिए एसएसआई पब्लिक स्कूल, चौबेपुर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने जल-संरक्षण के महत्व को समझा. छात्रों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे स्वयं नदियों को स्वच्छ रखेंगे और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे.
पीलीभीत के फुलहर झील से शुरू यात्रा
यह यात्रा पीलीभीत के फुलहर झील (गोमत ताल) से शुरू हुई है. इसका समापन आज काशी के कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में होगा, जहां गोमती और गंगा का संगम होता है। यात्रा का मुख्य संदेश है कि यदि प्रत्येक नागरिक नदियों की रक्षा करे, तो जलधाराएं पुनः जीवनदायिनी बन सकती हैं.



