गुजरात के दो दिवसीय यात्रा पर पीएम मोदी, सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

PM Modi on two-day visit to Gujarat, offers prayers at Somnath Temple
गुजरात के सोमनाथ मंदिर में अमृत पर्व कार्यक्रम आयोजित किया गया. 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर के भव्य शिखर का देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से कुंभाभिषेक किया गया है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात जा पहुंचे हैं. जहां पहुंचकर उन्होंने सोमनाथ में एक भव्य रोडशो भी किया है. पीएम मोदी गुजरात के दो दिवसीय यात्रा पर हैं. यह रोडशो सोमनाथ अमृत महोत्सव से पहले आयोजित किया गया था, गुजरात के गिर सोमनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की और सोमनाथ महादेव ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा-अर्चना भी की है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत
पूजा समारोह में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया.इसके बाद कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह संपन्न हुए, जो मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण की रीतियों के प्रतीक हैं, जिसके बाद भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण एक्रोबेटिक्स टीम ने बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर में आयोजित 'सोमनाथ अमृत महोत्सव' के दौरान हवाई करतब दिखाए गए. सोमनाथ मंदिर में आयोजित हुए सोमनाथ अमृत महोत्सव भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रमुख प्रतीक और बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक इस मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के शुभ अवसर पर आयोजित किया गया है.

पीएम मोदी ने किया भगवान शिव की महिमा का जिक्र
जानकारी के मुताबिक, इस रोड शो में बड़ी संख्या में भाजपा के समर्थक उमड़े, जो प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए पूरे रास्ते पर जमा हो गए थे. रोड़ शो के दौरान पीएम मोदी ने कुंभाभिषेक और ध्वज पूजा सहित विशेष प्रार्थनाएं करते हुए जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि, 75 साल पहले सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कोई साधारण घटना नहीं थी, भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ था, लेकिन 1951 में सोमनाथ मंदिर की 'प्राण प्रतिष्ठा' ने पूरी दुनिया को भारत की असली आजादी का संदेश दिया था. ये आयोजन इस बात का ऐलान था कि भारत सिर्फ स्वतंत्र ही नहीं हुआ, बल्कि अपनी प्राचीन गरिमा को वापस पाने की राह पर भी चल पड़ा है. इस मौके पर पीएम मोदी ने सूत्रधार सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया और कहा कि, आजादी के समय सरदार साहब ने 500 से ज्यादा रियासतों को एकजुट कर आधुनिक भारत का स्वरूप गढ़ा था.

सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण भी उन्हीं के संकल्प का नतीजे था. इसके जरिए उन्होंने दुनिया को बताया कि भारत अपनी विरासत पर गर्व करना भली-भाति जानता है. 'दादा सोमनाथ के अनन्य भक्त के रूप में मैं कितनी बार यहां आया हूं, कितनी ही बार उनके सामने नतमस्तक हुआ हूं. लेकिन आज जब मैं यहां आ रहा था, तो समय की ये यात्रा एक सुखद अनुभूति दे रही थी. समय खुद जिनकी इच्छा से प्रकट होता है, जो खुद कालातीत हैं, जो खुद काल स्वरुप हैं, आज उन देवाधिदेव महादेव की विग्रह प्रतिष्ठा के हम 75 साल मना रहे हैं.'इसी के आगे प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान शिव की महिमा का जिक्र करते हुए कहा, 'जो हलाहल पीकर नीलकंठ हो गए, आज उन्हीं की शरण में यहां सोमनाथ अमृत महोत्सव हो रहा है. ये सब भगवान सदाशिव की ही क्रीड़ा है.'
पीएम मोदी वडोदरा के लिए रवाना होंगे
बता दें, सोमनाथ कार्यक्रम के बाद से पीएम मोदी वडोदरा के लिए रवाना होंगे, जहां वे सरदारधाम छात्रावास का उद्घाटन करेंगे और एक अन्य जनसभा को संबोधित करेंगे. इस छात्रावास परिसर में 1,000 लड़कों और 1,000 लड़कियों के रहने की सुविधा के साथ-साथ एक पुस्तकालय, सभागार, भोजन कक्ष और ई-पुस्तकालय भी उपलब्ध है.

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