जम्मू-कश्मीर में जमकर हुआ स्नोफॉल, हिमस्खलन का बढ़ने लगा खतरा

सर्द भरा मौसम ने एक बार फिर से करवट ले ली है. ठंडी हवाओ का झोका तेजी से चलने लगी है. ये ठंडी हवाएं हर तरफ चलने लगी हैं. बता दें, जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के बाद जहां स्थानीय पयर्टन को नई ऊर्जा मिली. वहीं, पहाड़ी इलाकों में अब हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है. लेकिन मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा ने सूखे जैसी स्थिति से लोगों को निजात दिलाने जैसा काम किया है.

यह बर्फ सेब उत्पादकों व वर्षा खासकर गेहूं की खेती के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं मानी जा रही है. इसी के साथ ही हिमपात के साथ तेज हवाओं के चलते खराब मौसम ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी. जी हां, इससे कई जगहों पर लोग फंस गए, बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही, भारी हिमपात के बाद पांच जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है.

कई जिलों में हिमस्खलन का खतरा
मौसम विभाग ने प्रदेश के छह जिलों में 24 घंटे तक हिमस्खलन का खतरा बताया है, इन जिलों में डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, कुपवाड़ा, रामबन और गांदरबल के पर्वतीय इलाके शामिल है. इसके बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को मौसम के साफ होने तक अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलने और क्षेत्र में पैदल यात्रा न करने की सलाह दी है. साथ ही कई इलाकों में हाई अलर्ट भी किया गया है.

वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हिमपात और वर्षा के बीच सभी आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों संग श्रीनगर सचिवालय में बैठक की है. इस बैठक के दौरान उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों को हिमपात के बीच यातायात, स्वास्थ्य-पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं को यथाशीघ्र सामान्य बनाने के निर्देश दिए, सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए गए हैं.

बर्फबारी से बद से बत्तर हालात
बता दजम्मू-श्रीनगर हाईवे और मुगल रोड़ बंद होने से हजारों वाहन रास्ते में फंसे, श्रीनगर से उड़ानें रहीं रद, पुंछ के मेंढर में 30, ऊधमपुर के बसंतगढ़ से 12 और रामबन के गूल क्षेत्र में बर्फबारी में फंसे तीन लोग निकाले, फिर बारिश शुरू होते ही माता वैष्णो देवी की यात्रा रात साढ़े सात बजे बंद कर दी गई, शिवखोड़ी यात्रा को भी स्थगित किया गया है, बारिश, हिमपात और तेज हवाओं से बिजली आपूर्ति प्रभावित, कई कच्चे घरों को नुकसान अभी जारी रहेगा, यह दौर, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण 26 व 27 जनवरी को भी वर्षा व हिमपात की संभावना.


