हिस्ट्रीशीटर ने की आत्महत्या, जिला बदर के बाद भी पुलिस ने किया तंग

Varanasi News: वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ पट्टी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जिसके चलते इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. इसी के साथ ही पुलिस आत्महत्या मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है.

जाने क्या है पूरा मामला
दरअसल, आज रविवार सुबह अनिल की पत्नी खाना लेकर उसके कमरे पर पहुंची थीं, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, जिसके चलते वो काफी डर गई और घबराते हुए उसने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी. ये सुनते ही अनिल के छोटे भाई संतोष ने लोहे की रॉड से दरवाजा तोड़ा. जहां कमरे के अंदर अनिल फंदे से लटका मिला.ये देख परिजन काफी हक्के-बक्के रह गये. जिसके बाद से दुपट्टा काटकर उसे नीचे उतारा गया और तत्काल मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई है. जहां पीड़ित परिजनों ने अपनी तहरीर में बताया कि, करीब दो महीने पहले मृतक अनिल को जिला बदर किया गया था, इसके बावजूद भी पुलिस उसे हस्ताक्षर के लिए थाने बुला रही थी. जिसके जवाब में अनिल अक्सर ये कहता रहता था कि जब उसे जिला बदर कर दिया गया है तो बार-बार थाने क्यों बुलाया जा रहा है. पुलिस की इन्हीं बातों से वो काफी परेशान और मानसिक तनाव में रहता था. जिसके बाद से ही इस तरह की घटना सामने देखने को मिली है.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
वहीं, मामले की जांच में जुटी पुलिस का कहना है कि मृतक अनिल यादव लूट समेत दो दर्जन से अधिक मुकदमों के आरोपी भी है. जिस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित था. ऐसे में पुलिस का मानना है कि, शायद फांसी लगाने का यहीं कारण हो सकता है. इतना ही नहीं, पुलिस ने ये भी बताया कि, अनिल यादव उर्फ पट्टी लक्सा थाने का चिह्नित हिस्ट्रीशीटर था. उसके खिलाफ वाराणसी के कई थानों में हत्या, लूट, मारपीट, रंगदारी समेत गंभीर अपराधों के दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी पुलिस कार्रवाई
वह कई चर्चित आपराधिक मामलों में आरोपी भी रह चुका था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 38A दर्ज थी, अतीत में उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था, गाजीपुर निवासी विद्यापीठ के एक छात्र की सिद्धगिरीबाग क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था. फिलहाल, पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच करने में लगी हुई है, उसका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई हो सकेगी.
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