44वें दीक्षांत की सफलता के कर्मयोगियों का सम्मान, कुलपति ने 150 से अधिक संविदा कर्मियों को किया सम्मानित...

वाराणसी: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के 44वें दीक्षांत समारोह की सफलता में योगदान देने वाले कर्मयोगियों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सम्मानित किया. कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपने आवास पर आयोजित समारोह में 150 से अधिक संविदा कर्मियों को कंबल, छाता एवं अन्य उपयोगी सामग्री भेंट कर उनके समर्पण और परिश्रम के प्रति आभार व्यक्त किया.
सम्मान समारोह में कुलपति ने प्रत्येक कर्मचारी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक शक्ति उसके भवन या संसाधन नहीं, बल्कि उसके कर्मयोगी होते हैं। उन्होंने कहा कि श्रम का सम्मान ही सच्ची संस्कृति का सम्मान है और कर्मयोगियों के बिना कोई भी संस्था महान नहीं बन सकती.
कुलपति ने कहा कि सफाई कर्मी, उद्यान कर्मी, विद्युत कर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी सहित सभी संविदा कर्मचारी हर मौसम में निष्ठा और समर्पण के साथ विश्वविद्यालय की स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था बनाए रखते हैं. उनका मौन श्रम ही विश्वविद्यालय की पहचान और गरिमा को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है.
उन्होंने विशेष रूप से 44वें दीक्षांत समारोह का उल्लेख करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में संविदा कर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा. दिन-रात मेहनत कर उन्होंने परिसर की स्वच्छता, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और अतिथि सत्कार सहित सभी व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट बनाया, जिससे समारोह गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सका.
इस अवसर पर जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र, कुलपति के निजी सचिव प्रभुनाथ यादव, कर्मचारी संघ अध्यक्ष सुशील कुमार तिवारी, आनंद श्रीवास्तव सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.



