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आखिर कैसे चकनाचूर हुई Salim-Javed की आईकॉनिक जोड़ी?

आखिर कैसे चकनाचूर हुई Salim-Javed की आईकॉनिक जोड़ी?
Jan 17, 2026, 12:35 PM
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Posted By Preeti Kumari

Salim-Javed: जावेद अख्तर और सलीम खान ने अलग होने से पहले 24 फिल्मों में साथ काम किया था, जिनमें से 22 हिट रही थी. जिनमें दीवार, शोले, डॉन और जंजीर जैसी फिल्में हिंदी सिनेमा को देने वाली मशहूर जोड़ी सलीम-जावेद पर प्राइम वीडियो ने डॉक्युसीरीज एंग्री यंग मेन रिलीज की है. इस सीरीज में सलीम-जावेद जोड़ी के सलीम खान और जावेद अख्तर से जुड़ी अनदेखी और अनकही बातों को पेश किया गया है. इस सुपरहिट जोड़ी ने एक साथ 24 फिल्मों की कहानी संग संवाद लिखे जो ब्लॉकबस्टर रही. लेकिन 21 जून 1981 को ये जोड़ी ऐसे टूटी मानों इन दोनों के बीच का एक गहरा रिश्ता चकनाचूर हो गया. वो जोड़ी जिसका कलम चलाना फिल्म के हिट होने की गारंटी थी.


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पल भर में कैसे बिखर गई बेस्ट जोड़ी


ये वहीं जोड़ी है जिसने विज्ञापन देकर शोले के हर सेंटर से एक करोड़ रुपये कमाने का दावा किया था, फिर फिल्म का ये आंकड़ा तीन करोड़ तक पहुंच गया. वो जोड़ी जिसने जंजीर के पोस्टर पर खुद ही एक पेंटर को पैसे देखकर सलीम जावेद का नाम लिखवा दिया था. वो जोड़ी जो एक समय फिल्म के हीरो से ज्यादा फिल्म लिखने की फीस ले रही थी. इस जोड़ी ने सिर्फ 18 दिन के अंदर ब्लॉकबस्टर फिल्म दीवार लिख डाली थी. इतनी खूबिया होने के बाद भी ये जोड़ी बिखर कर रह गई, जिसका कारण हर कोई जानना चाहता है.


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इसे लेकर एंग्री यंग मेन में एक प्रसिद्ध भारतीय कवि, गीतकार और पटकथा लेखक हैंजावेद अख्तर खुद बताते हैं कि जोड़ी कैसे टूटी. उन्होंने बताया कि करियर का बसंत जा रहा था. हमारे काम में थकान आ रही थी. कभी हम दोनों 24 में से 18 घंटे साथ रहते थे. लेकिन अब हमारे सर्कल अलग हो रहे थे. दोस्त अलग हो रहे थे. इस तरह मैंने अलग होने का फैसला लिया, इस पर सलीम खान ने कहा कि जावेद अलग होना चाहते थे. ऐसे में रोकने के कोई मायने नहीं थे. इस तरह 1981 में भारतीय सिनेमा के इतिहास की ये सबसे सफल जोड़ी अलग हो गई.


सलीम और जावेद के अलग होने पर रो पड़ी स्क्रिप्टराइटिंग


पर अफसोस सलीम और जावेद के अलग होने के बाद ये जोड़ी अकेले-अकेले स्क्रिप्टराइटिंग की दुनिया में कुछ भी यादगार नहीं कर सकी. हालांकि सलीम खान ने नाम जैसी फिल्म लिखी और जावेद अख्तर ने बेताब, मशाल और अर्जुन जैसी फिल्में. लेकिन सलीम-जावेद जैसा इतिहास ये दोहरा नहीं पाए. हालांकि सलीम-जावेद से अलग होने के बाद जावेद अख्तर ने गीतकार के तौर पर अपनी पहचान कायम कर ली. उनके सलीम खान से अलग होने की एक वजह उनका लिरिक्स की दुनिया की ओर रुझान भी बताया जाता है. लेकिन इस जोड़ी का अलग होना सिर्फ उनके फैन्स का नुकसान था बल्कि भारतीय सिनेमा के लिए भी बहुत बड़ा आघात था.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.