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ICCRA 2025 - आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के बीच सशक्त साक्ष्य आधारित सहयोग की आवश्यकता

ICCRA 2025 - आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के बीच सशक्त साक्ष्य आधारित सहयोग की आवश्यकता
Dec 19, 2025, 11:01 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - “कटिंग-एज रिसर्च इन आयुर्वेद: ट्रांसफॉर्मिंग ग्लोबल हेल्थ (ICCRA-2025)” विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनका समापन धन्वन्तरी सभागार, आयुर्वेद संकाय, आयुर्विज्ञान संस्थान (आईएमएस), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में संपन्न हुआ. इस सम्मेलन का आयोजन आयुर्वेद संकाय, आयुर्विज्ञान संस्थान (आईएमएस), बीएचयू द्वारा किया गया, जिसमें देश-विदेश से प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, चिकित्सकों एवं शोधकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रो. संजय कुमार गुप्ता अधिष्ठाता, चिकित्सा संकाय, आयुर्विज्ञान संस्थान (आईएमएस) ने आयुर्वेद एवं आधुनिक चिकित्सा के बीच सशक्त साक्ष्य-आधारित सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि इस प्रकार के अकादमिक मंच समकालीन वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में आईएमएस के निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार ने कहा कि आयुर्वेद को वैज्ञानिक प्रमाणीकरण, अंतर्विषयक समन्वय एवं परिणाम-आधारित अनुसंधान के माध्यम से आगे बढ़ना होगा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए आयुर्वेद संकाय की सराहना करते हुए समन्वित स्वास्थ्य शिक्षा एवं अनुसंधान के प्रति बीएचयू की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया.


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डॉ. सुनील गौतम, निदेशक, जीवक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, रिसर्च सेंटर, अकौनी ने अपने वक्तव्य में कहा कि ICCRA-2025 आयुर्वेद की बढ़ती वैश्विक स्वीकृति का सशक्त प्रमाण है. उन्होंने शोध प्रस्तुतियों की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए युवा शोधकर्ताओं को शास्त्रीय आयुर्वेदिक ज्ञान को वैज्ञानिक पद्धति से सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया. अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. पी. के. गोस्वामी, अध्यक्ष, ICCRA-2025 ने आयुर्वेद संकाय, आयुर्विज्ञान संस्थान (आईएमएस), बीएचयू की समृद्ध अकादमिक परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन आयुर्वेद में अनुसंधान संस्कृति, वैश्विक सहयोग एवं नीति-उपयोगी निष्कर्षों को सुदृढ़ करते हैं.

वैज्ञानिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रो. बी. एम. सिंह ने बताया कि सम्मेलन के दौरान 31 प्लेनरी वक्ताओं के व्याख्यान तथा 100 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं. उन्होंने कहा कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, बांग्लादेश एवं नेपाल सहित भारत के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सम्मेलन को वास्तविक अर्थों में वैश्विक स्वरूप प्रदान किया.


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समारोह के प्रारम्भ में प्रो. के. एन. मूर्ति ने अतिथियों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत किया. वैदिक समारोह का कुशल संचालन डॉ. वैभव जायसवाल एवं डॉ. प्रीति चौहान द्वारा किया गया. इस अवसर पर बेस्ट पेपर अवार्ड, यंग रिसर्चर अवार्ड, प्रशस्ति पत्र एवं एक्सीलेंस अवार्ड्स प्रदान कर उत्कृष्ट अकादमिक योगदान को सम्मानित किया गया. समारोह में आयुर्वेद संकाय, आयुर्विज्ञान संस्थान (आईएमएस), बीएचयू के वरिष्ठ शिक्षकगण एवं संकाय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. कार्यक्रम का समापन डॉ. ए. के. द्विवेदी, आयोजन सचिव द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं संस्थागत अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए सामूहिक प्रयासों की सराहना की.

बीएचयू में शुरू हुई हाईटेक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं कुलपति ने किया उद्घाटन...
बीएचयू में शुरू हुई हाईटेक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं कुलपति ने किया उद्घाटन...
वाराणसी: विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के मनोचिकित्सा विभाग में शनिवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इंडियन साइकियाट्रिक सोसाइटी और ‘इम्पार्टिंग हेल्थ एजुकेशन टू कम्युनिटी’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का विषय “अनमास्किंग दि अपील - काउन्ट्रिग निकोटीन एंड टोबैको एडिक्शन” रहा.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि तंबाकू निषेध जैसे विषयों पर केवल एक दिन का आयोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग विशेषकर युवाओं और स्कूली विद्यार्थियों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि धूम्रपान और चबाने वाले तंबाकू दोनों ही कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों के प्रमुख कारण हैं.कुलपति ने बताया कि तनाव और मानसिक दबाव से राहत पाने के लिए कई लोग तंबाकू का सहारा लेते हैं, लेकिन यह आदत लंबे समय में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाती है. उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर “तंबाकू छोड़ो अभियान” शुरू करने का सुझाव भी दिया.इस अवसर पर मनोचिकित्सा विभाग में कई अत्याधुनिक नैदानिक और उपचार सुविधाओं का उद्घाटन किया गया. इनमें क्वांटिटेटिव इलेक्ट्रोएन्सेफैलोग्राफी (QEEG), स्लीप लेबोरेटरी (पॉलीसोमनोग्राफी), इलेक्ट्रोकन्वल्सिव थेरेपी (ECT), ट्रांसक्रैनियल डायरेक्ट करंट स्टिमुलेशन (TDCS), रिपीटेटिव ट्रांसक्रैनियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (RTMS) तथा डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड शामिल हैं.विशेषज्ञों के अनुसार नई सुविधाओं से अवसाद, चिंता, नींद संबंधी विकारों और अन्य न्यूरो-मनोरोग संबंधी समस्याओं के निदान एवं उपचार में मदद मिलेगी. साथ ही अनुसंधान और चिकित्सा प्रशिक्षण को भी नई दिशा मिलेगी.ALSO READ:बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. वहीं चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता ने धूम्ररहित तंबाकू के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता की जरूरत है.कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. अच्युत कुमार पाण्डेय ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और तंबाकू निषेध को मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...
बरेका पहुंचे रेलवे बोर्ड सदस्य आर राजगोपाल, उत्पादन और नवाचार कार्यों का लिया जायजा...
वाराणसी: रेलवे बोर्ड के सदस्य (कर्षण एवं रोलिंग स्टॉक) आर. राजगोपाल ने शनिवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) का व्यापक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने लोको उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी नवाचार और अवसंरचनात्मक विकास से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की निरीक्षण के दौरान बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.आर. राजगोपाल ने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रक मशीन शॉप, लोको टेस्ट शॉप और मेन गेज रूम का दौरा कर रेल इंजनों के निर्माण, असेंबली, परीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का अवलोकन किया. उन्होंने उत्पादन प्रणाली और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की.निरीक्षण के अंतिम चरण में उन्होंने अभिकल्प विभाग का दौरा किया, जहां बरेका द्वारा विकसित नई तकनीकों, आधुनिक लोको डिजाइनों और भविष्य की परियोजनाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर आर. राजगोपाल और महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश दिया.इसके बाद महाप्रबंधक सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में बरेका की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बरेका ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक 572 रेल इंजनों का उत्पादन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. साथ ही वर्ष 2026-27 के उत्पादन लक्ष्यों की दिशा में हो रही प्रगति की जानकारी भी साझा की गई.बैठक में अमृत भारत पुश-पुल डब्ल्यूएपी-7 इंजनों के निर्माण, कवच प्रणाली, उन्नत प्रोपल्शन तकनीक, ट्रैक्शन मोटर परीक्षण और आधुनिक निरीक्षण व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा हुई. इसके अलावा निर्यात और गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए डीजल इंजनों के निर्माण तथा भविष्य की उत्पादन योजनाओं की भी समीक्षा की गई.हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए बरेका में संचालित रूफटॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों और प्रस्तावित बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) की जानकारी भी दी गई. साथ ही वर्षा जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई.ALSO READ:तपती गर्मी से पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक जवानों को वितरित किए गए एयर कूलिंग हेलमेट और छाते...अपने दौरे के दौरान आर. राजगोपाल ने बरेका द्वारा लोको उत्पादन, गुणवत्ता सुधार, ऊर्जा संरक्षण और ‘मेक इन इंडिया–मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रेरित करते हुए उनके योगदान के सम्मान में पुरस्कार दिए जाने की घोषणा भी की.
तपती गर्मी से पुलिसकर्मियों को मिलेगी राहत, ट्रैफिक जवानों को वितरित किए गए एयर कूलिंग हेलमेट और छाते...
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वाराणसी: भीषण गर्मी और नौतपा के बीच वाराणसी में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. झुलसाती धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित है. ऐसे कठिन मौसम में भी शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवान लगातार सड़कों पर डटे हुए हैं.ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की इसी परेशानी को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने सराहनीय पहल की है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल तथा अपर पुलिस आयुक्त शिव हरि मीणा के प्रयास से एक हजार से अधिक ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को छातों का वितरण किया गया. इसके साथ ही शहर के प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर तैनात जवानों को विशेष एयर कूलिंग हेलमेट (AC हेलमेट) भी उपलब्ध कराए गए हैं.पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब ड्यूटी पर रवाना होने वाले ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ओआरएस का घोल, छाता और एयर कूलिंग हेलमेट उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे भीषण गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचते हुए बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें.तपती धूप में घंटों खड़े होकर यातायात संचालन करने वाले जवानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अधिकारियों का आभार जताया. पुलिसकर्मियों का कहना है कि एयर कूलिंग हेलमेट और छातों से उन्हें गर्मी से काफी राहत मिलेगी.ALSO READ:वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में IPS मानसी दहिया को भावभीनी विदाई...अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था शिव हरि मीणा ने बताया कि पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है, ताकि अत्यधिक गर्मी के बावजूद वे सुरक्षित माहौल में अपनी ड्यूटी कर सकें.वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की यह पहल न केवल पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.