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आईआईटी बीएचयू के प्रो. प्रांजल चंद्र को मिला इलेक्ट्रोकेमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया-मेट्रोहम नेशनल अवार्ड 2026

आईआईटी बीएचयू के प्रो. प्रांजल चंद्र को मिला इलेक्ट्रोकेमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया-मेट्रोहम नेशनल अवार्ड 2026
Sep 01, 2026, 06:49 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बीएचयू के स्कूल ऑफ बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं कोऑर्डिनेटर प्रो. प्रांजल चंद्र, एफएनएएससी को इलेक्ट्रोकेमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया-मेट्रोहम नेशनल अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान उन्हें 29 अगस्त को भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया।


प्रो. प्रांजल चंद्र को यह पुरस्कार इलेक्ट्रोकेमिकल बायोसेंसर, नैनोबायोइंजीनियरिंग और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और अत्याधुनिक तकनीकों के विकास के लिए दिया गया है। उनके शोध का उद्देश्य प्रयोगशाला में विकसित वैज्ञानिक नवाचारों को व्यावहारिक तकनीकों में बदलकर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में उपयोगी समाधान विकसित करना है।


प्रो. चंद्र की प्रयोगशाला में आईआईटी बीएचयू के पेटेंट के अंतर्गत कई पेटेंटेड और ट्रांसलेशनल तकनीकों, नवीन डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े उन्नत सेंसिंग उपकरणों का विकास किया गया है। इन तकनीकों के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को वास्तविक जीवन की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के समाधान में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।


पुरस्कार समारोह के दौरान प्रो. प्रांजल चंद्र ने आईआईएससी बेंगलुरु के प्रतिष्ठित जेएन टाटा ऑडिटोरियम में नेशनल अवार्ड लेक्चर भी दिया। इस दौरान उन्होंने अपने शोध कार्यों के साथ-साथ इलेक्ट्रोकेमिकल बायोसेंसिंग, नैनोबायोइंजीनियरिंग और उन्नत सेंसिंग तकनीकों में हो रहे नवीनतम विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला।


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आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पाट्रा ने प्रो. प्रांजल चंद्र को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आईआईटी बीएचयू में किए जा रहे उच्च स्तरीय और समाजोपयोगी अनुसंधान को दर्शाती है। साथ ही, अनुसंधान, नवाचार और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग के क्षेत्र में संस्थान की प्रतिष्ठा को और मजबूती प्रदान करती है।


प्रो. प्रांजल चंद्र की यह उपलब्धि स्वास्थ्य, डायग्नोस्टिक्स और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के क्षेत्र में आईआईटी बीएचयू में हो रहे अनुसंधान एवं नवाचार की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान को भी रेखांकित करती है।

नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देश
नगर आयुक्त ने करसड़ा सॉलिड वेस्ट प्लांट का किया निरीक्षण, अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाने के निर्देश
वाराणसी : शहर में रोजाना निकलने वाले कूड़े की मात्रा में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए नगर निगम ने करसड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने करसड़ा प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया और कचरे की बढ़ती आवक के अनुरूप प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।नगर आयुक्त ने बताया कि पहले शहर से प्रतिदिन करीब 600 से 700 टन कूड़ा करसड़ा प्लांट पहुंचता था, लेकिन अब इसकी मात्रा बढ़कर लगभग 1100 टन प्रतिदिन हो गई है। ऐसे में प्लांट पर अतिरिक्त ट्रॉमेल लगाए जाएंगे, जिससे कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाई जा सके। उन्होंने आरडीएफ लाइन को भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार आरडीएफ लाइन से संबंधित पूरा सामान प्लांट में पहुंच चुका है।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट (एलटीपी) को पूरी तरह फंक्शनल बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा। इसके साथ ही प्लांट में तैयार होने वाली कंपोस्ट खाद के सुरक्षित भंडारण के लिए पक्का फ्लोर और शेड बनाने के निर्देश दिए गए।ALSO READ: काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मनउन्होंने वेस्ट टू वेस्टर्न मार्ग की वेस्ट स्टेम सड़क के किनारे जमा कचरे को ट्रीट कर हटाने को भी कहा, ताकि सड़क को चौड़ा किया जा सके और कचरा वाहनों के आवागमन में किसी तरह की बाधा न हो।नगर आयुक्त ने प्लांट में तैयार होने वाली खाद की नियमित लैब जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्लांट की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था की गुणवत्ता की निगरानी के लिए हर महीने पूरे प्लांट परिसर का ड्रोन सर्वे कराने को कहा। स्थानीय कार्यालय के मेंटेनेंस और रखरखाव में भी सुधार के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
‘काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मन
‘काशिका–रंग और राग’ से गूंजा काशी का सांस्कृतिक वैभव, राम की शक्तिपूजा ने मोहा मन
वाराणसी : काशी की शाश्वत सांस्कृतिक परंपरा, संगीत, कला और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘काशिका–रंग और राग’ नियमित सांस्कृतिक उत्सव का रविवार को शुभारंभ हुआ। टाउनहॉल स्थित अल्को प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में काशी की साहित्यिक, नाट्य और शास्त्रीय संगीत परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला।आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कालजयी काव्यकृति ‘राम की शक्तिपूजा’ पर आधारित एकाग्र नाट्य प्रस्तुति ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। प्रस्तुति का निर्देशन व्योमेश शुक्ल ने किया। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से साहित्य, रंगमंच और काशी की सांस्कृतिक चेतना को प्रभावी ढंग से मंच पर उतारा गया।इसके पश्चात पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र और स्वरांश मिश्र ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देकर वातावरण को सुरमय कर दिया। गायन में संवादिनी पर पंडित धर्मनाथ मिश्र और तबले पर राजेश मिश्र ने संगत की। शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति ने श्रोताओं को काशी की समृद्ध संगीत परंपरा से रूबरू कराया।कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल अतिथि के रूप में मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला, संगीत और आध्यात्मिक चेतना की जीवंत पहचान है। ‘काशिका–रंग और राग’ जैसे आयोजन काशी की समृद्ध विरासत को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।ALSO READ: चाय स्टॉल में घुसकर मारपीट, लूट का आरोप दो दिन पहले दी थी दुकान चलाने के लिए रुपये देने की धमकीनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि नगर निगम काशी की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे आयोजन काशी की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने में सहायक होंगे।आयोजकों के अनुसार, जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, नगर निगम वाराणसी और नागरी प्रचारिणी सभा के संयुक्त तत्वावधान में शुरू किया गया यह उत्सव काशी की कला, साहित्य और संगीत परंपरा को नियमित मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में कलाकारों, संस्कृति प्रेमियों और गणमान्य लोगों ने उत्सव की सराहना की। संचालन नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ला ने किया।
चाय स्टॉल में घुसकर मारपीट, लूट का आरोप दो दिन पहले दी थी दुकान चलाने के लिए रुपये देने की धमकी
चाय स्टॉल में घुसकर मारपीट, लूट का आरोप दो दिन पहले दी थी दुकान चलाने के लिए रुपये देने की धमकी
वाराणसी : बड़ागांव थाना क्षेत्र के काजीसराय स्थित एक चाय स्टॉल पर रविवार को कुछ मनबढ़ युवकों ने जमकर मारपीट और लूटपाट की.पीड़ित दुकानदार का आरोप है कि दो दिन पहले ही आरोपितों ने उसे धमकी दी थी कि क्षेत्र में दुकान चलानी है तो उन्हें रुपये देने होंगे. रुपये देने से इनकार करने पर आरोपितों ने दुकान पर पहुंचकर घटना को अंजाम दिया. मामले का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है.पीड़ित शशांक द्विवेदी के मुताबिक, रविवार को आरोपित अचानक चाय स्टॉल पर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे. विरोध करने पर उन्होंने मारपीट शुरू कर दी.इस दौरान दुकान में रखा सामान भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. हमलावरों ने दुकान में रखे रुपये और अन्य सामान भी लूट लिया.घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए.ALSO READ: वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...घटना से आसपास के दुकानदारों में भी दहशत फैल गई। पीड़ित ने बड़ागांव थाने में शिकायत देकर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.