चयनित टेक स्टार्टअप्स एवं शोध परियोजनाओं को आईआईटी बीएचयू देगा ₹5 करोड़

वाराणसी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी अपने I-DAPT हब फाउंडेशन के माध्यम से चयनित टेक स्टार्टअप्स और शोध परियोजनाओं को लगभग ₹5 करोड़ की अनुदान राशि जारी करने जा रहा है. यह वित्तीय सहायता नवाचार को बढ़ावा देने और कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा, दूरसंचार, ऊर्जा, शिक्षा, वित्त, ड्रोन तकनीक सहित कई क्षेत्रों में नए एवं व्यावसायिक रूप से उपयोगी प्रौद्योगिकियों के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दी जा रही है. इस पहल से क्षेत्रीय नवाचार एवं उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है.
हब के परियोजना निदेशक प्रो. आरएस सिंह ने बताया कि जुलाई 2025 में शुरू किए गए स्टार्टअप इनक्यूबेशन कार्यक्रम के अंतर्गत देशभर से कुल 136 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 22 स्टार्टअप्स का चयन किया गया.
इसी प्रकार, I-DAPT वेबसाइट पर जारी कॉल फॉर रिसर्च प्रपोज़ल के अंतर्गत प्राप्त 21 आवेदनों में से 12 शोध परियोजनाएँ चुनी गईं. इन चयनित स्टार्टअप्स और शोध परियोजनाओं को मिलाकर कुल लगभग ₹5 करोड़ की अनुदान राशि जारी की जाएगी. प्रो. आरएस सिंह ने I-DAPT टीम—CEO डॉ. शांची मिश्रा, परियोजना प्रबंधक (प्रौद्योगिकी) श्री अनिलाभ अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक (स्टार्टअप) श्री राम चन्द्र परीडा, परियोजना प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) तथा कार्यालय सहायक श्री प्रत्युष पाठक एवं श्री अजय के. आर. राय—के निरंतर सहयोग एवं योगदान की सराहना की.
सहायता सीमा बढ़ाई
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उन्होंने आगे बताया कि नवप्रवर्तक एवं शोधकर्ता कॉल फॉर रिसर्च प्रपोज़ल और चाणक्य फेलोशिप के अंतर्गत आवेदन करना जारी रख सकते हैं. इसके अतिरिक्त, 12 नवम्बर 2025 को शुरू किए गए स्टार्टअप इनक्यूबेशन कार्यक्रम के नए कोहोर्ट में प्रत्येक योग्य स्टार्टअप को ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु सहायता सीमा बढ़ाई गई है. संस्थान की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए, आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पत्रा ने कहा कि I-DAPT हब फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य मेक इन इंडिया, विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप एक सशक्त नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करना है. अनुसंधान एवं विकास के डीन, प्रो. राजेश कुमार ने बताया कि I-DAPT, IIT (BHU) नवप्रवर्तकों और शोधकर्ताओं के लिए डेटा एनालिटिक्स एवं प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजी (DAPT) के क्षेत्र में स्टार्टअप इनक्यूबेशन, कॉल फॉर रिसर्च प्रपोज़ल, चाणक्य फेलोशिप और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों सहित कई कार्यक्रम संचालित करता है.
I-DAPT हब फाउंडेशन ने डॉ. एकता कपूर, सुश्री रजनी कुशवाहा और NM-ICPS, DST टीम के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया. यह फाउंडेशन NM-ICPS, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित है.



