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आईएमए चुनाव परिणाम - डॉ. मनोज श्रीवास्‍तव अध्‍यक्ष, डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी फिर सचिव

आईएमए चुनाव परिणाम - डॉ. मनोज श्रीवास्‍तव अध्‍यक्ष, डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी फिर सचिव
Dec 22, 2025, 07:12 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) वाराणसी शाखा की नई कार्यकारिणी के लिए रविवार को हुए चुनाव में डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव को अगले सत्र के लिए अध्यक्ष चुना गया. इसके साथ ही एक बार फिर से सचिव पद पर डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया. पिछले साल की तरह इस साल के चुनाव में भी अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य प्रमुख पदों पर डॉक्टरों का पूरा पैनल ही जीत दर्ज किया है.


आईएमए में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव समेत मुख्य 14 पदों समेत कुल 79 पदों के लिए 132 प्रत्याशी मैदान में रहे. सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले मतदान में 2135 में से महज 1075 डॉक्टरों ने मतदान किया. मतगणना के बाद 22 वोट अवैध घोषित किए गए. आईएमए परिसर में सात अलग-अलग टेबल से पहले मतदाताओं को बैलेट पेपर दिया गया. इसके बाद डॉक्टर मतदान करने के लिए बने बूथों पर पहुंचे. यहां 20 बूथों में मतदान करने की व्यवस्था की गई थी. चुनाव अधिकारी डॉ. अजीत सैगल के देखरेख में शाम 6 बजे शुरू हुई मतगणना सवा चार घंटे तक चली. रात 10.15 बजे डॉ. सैगल ने अध्यक्ष पद पर डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव और सचिव पद पर डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी के साथ ही सभी विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की. चुनाव अधिकारी ने बताया कि स्टेट काउंसिल, एक्जीक्यूटिव मेंबर के लिए वोटो की गणना और परिणाम अगले दिन जारी किया जाएगा.


1063 डॉक्टर मतदान करने नहीं आए


आईएमए के चुनाव में कुल 2135 डॉक्टर मतदाता थे. चुनाव अधिकारी डॉ. अजीत सैगल ने भी सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की थी. उधर दो पैनल में बंटकर डॉक्टर भी अपने अपने पक्ष में अधिक से अधिक वोट मांग रहे थे. इसमें पूर्व में अध्यक्ष, सचिव सहित अन्य पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके वरिष्ठ डॉक्टर भी अपने अपने पैनल के सपोर्ट में लगे रहे. कुल 2135 मतदाताओं में केवल 1072 ही वोट करने पहुंचे. आईएमए जैसे चुनाव में भी 1063 डॉक्टरों ने मतदान नहीं किया. हालांकि सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चली मतदान की प्रक्रिया में पूर्व सीएमओ, एसीएमओ, पूर्व में निदेशक, संयुक्त निदेशक रहे वरिष्ठ डॉक्टरों के साथ ही आईएमएस बीएचयू के चिकित्सक भी मतदान करने आईएमए में पहुंचे. इसके बाद भी संख्या बहुत कम रही.


डॉक्टरों के हितों को लेकर आवाज उठाना प्राथमिकता-अध्यक्ष


आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव शहर के जाने माने फिजिशयन है. जीत के बाद डॉ. मनोज ने अपनी जीत को आईएमए के सभी सदस्यों की जीत बताते हुए कहा कि डॉक्टरों के हितों को लेकर आवाज उठाना प्राथमिकता होगी. इसके साथ ही समय-समय पर शासन, प्रशासन से बातचीत कर नर्सिंग होम, अस्पताल, क्लीनिक, पैथालॉजी संचालन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा.


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टीकाकरण केंद्र, ब्लड बैंक सहित जनसुविधाओं में होगा विस्तार-सचिव


आईएमए सचिव बने डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आईएमए में चलने वाले टीकाकरण केंद्र, ब्लड बैंक में सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा. जिससे कि टीका लगवाने वाले बच्चों के साथ ही खून की जरूरत वाले मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो; इसके अलावा ऑक्सीजन बैंक, आईएमए की ओर से दी जोन वाली एंबुलेंस सेवा सहित अन्य सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग, शासन के साथ सहभागिता में सभी तरह की योजनाओं में आईएमए की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी, जिससे कि जरूरतमंद लोगों को लाभ मिले.


किसको मिला कितना मत

अध्यक्ष-1 पद

डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव 554

डॉ. राजेश्वर नारायन सिंह 499


उपाध्यक्ष-3 पद

डॉ. शालिनी टंडन 705

डॉ. संजय कुमार गर्ग 649

डॉ.सीकेपी सिन्हा 581

डॉ. आलोक 420

डॉ. महेंद्र कुमार जायसवाल 300

डॉ. सुधीर सिंह 198


सचिव-1 पद

डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी 525

डॉ. अतुल सिंह 428

डॉ. अभिषेक सिंह 92

संयुक्त सचिव-2 पद

डॉ. संजय कुमार पटेल 765

डॉ. हेमंत कुमार सिंह 751

डॉ. अनवर 342


वित्त सचिव-1 पद

डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह 588

डॉ. अमित सिंह 447

सामाजिक सचिव-1 पद

डॉ. विजय गुप्ता 503

डॉ. कर्मराज सिंह 351

डॉ. अभिषेक सिंह 191


वैज्ञानिक सचिव-1 पद

डॉ. रितू गर्ग 677

डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी 374

इनका हुआ निर्विरोध निर्वाचन

जनसंपर्क सचिव-डॉ.प्रीति गुप्ता

पुस्तकालय सचिव-डॉ.चंद्रप्रकाश सिंह

प्रापर्टी सचिव-डॉ.श्रीप्रकाश सिंह

आंतरिक परीक्षक- डॉ. आलोक भारद्वाज

आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल,  कांग्रेस का प्रदर्शन
आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, कांग्रेस का प्रदर्शन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार को हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था और विकास के दावों की पोल खोल दी, महज आधे घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों, गलियों, चौराहों और प्रमुख मार्गों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मुख्य द्वार पर भी भारी जलजमाव देखने को मिला, जिससे मरीजों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.इस दौरान महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार है, वाराणसी से प्रधानमंत्री वर्ष 2014 से लगातार सांसद हैं, और शहर को विश्वस्तरीय बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है, कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर की सड़कें और चौराहे जलमग्न हो जाते हैं.चंचल शर्मा ने कहा कि “शहर की हर गली, चौराहे और प्रमुख मार्ग पर जलजमाव की स्थिति दिखाई दे रही है, यह नगर निगम और भाजपा सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रहा है, जब महज आधे घंटे की बारिश में यह हाल हो जाता है, तो बड़े-बड़े विकास के दावों की वास्तविकता खुद सामने आ जाती है.उन्होंने कहा कि BHU का मुख्य द्वार अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज, छात्र-छात्राएं, उनके परिजन और आम नागरिक आवागमन करते हैं, ऐसे स्थान पर जलजमाव होना, नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, उन्होंने सरकार और नगर निगम से मांग की कि शहर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं.ALSO READ : वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायलयुवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता को कागजों और विज्ञापनों में विकास नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर सड़क, साफ-सफाई और सुचारु जलनिकासी व्यवस्था चाहिए.वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहर में हर बारिश के बाद जलजमाव की समस्या का सामने आना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है.इस अवसर पर महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस धीरज सोनकर, महानगर महासचिव युवा कांग्रेस आयुष पटेल, महानगर उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आस्तोष श्रीवास्तव सहित अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के सिंगुलपुर अंडरपास पर मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए. तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को बगल से टक्कर मारी, जिससे बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई. हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई और मामले की जाँच शुरू कर दी है. हादसे की खबर लगते ही युवती के परिवार में मातम पसर गया.जानकारी के अनुसार, मृतका जोया खां (उम्र 21, अविवाहित, पुत्री आलम खां) अपने पिता के साथ बाइक पर बैठकर गाजीपुर से वाराणसी की ओर जा रही थीं. इसी दौरान एक तेज रफ्तार डंपर चौबेपुर की ओर से भगतुवा चौराहे की तरफ जा रहा था. अंडरपास पर दोनों वाहनों की भीषण टक्कर हुई. जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. पिता-पुत्री सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत दोनों घायलों को नजदीकी नरपतपुर सीएससी पहुँचाया. वहाँ डॉक्टरों ने पिता का प्राथमिक इलाज शुरू किया, जबकि पुत्री जोया खां को जाँच के बाद मृत घोषित कर दिया.सूचना के बाद युवती के अन्य परिजन अस्पताल पहुँचे, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने प्रशासन से न्याय और डंपर चालक की गिरफ्तारी की गुहार लगाई है. मृतका का पता चुप्पेपुर, थाना शिवपुर, वाराणसी बताया गया है. घायल पिता की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है.ALSO READ : बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसीस्थानीय पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है. थानाध्यक्ष का कहना है कि मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
वाराणसी : काशी में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी लगातार जारी रही. बारिश के चलते सड़कें तालाब बन गईं हैं. वहीं रात से सुबह तक हुई बारिश से बीएचयू परिसर में कमर भर पानी भर गया. इस दौरान बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों को कमर भर पानी में घुसकर जाना पड़ा. बच्चे व बुजुर्गों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ा. उधर, बरेका में पानी भरने के कारण गेट बंद कर दिया गया है. ऐसे में आवागमन बाधित है. सोमवार की देर शाम से हो रही बारिश में बीएचयू अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गईं. पूरा अस्पताल तालाब बन गया.मंगलवार को ओपीडी से लेकर इमरजेंसी जाने वाले रास्ते के साथ ही खून जांच काउंटर, पर्ची, दवा काउंटर वाले रास्ते पर एक फीट से ज्यादा पानी भरा रहा. पानी भरने के कारण अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं जा सका. लोग मरीजों को कंधे पर बिठाकर ओपीडी और इमरजेंसी में पहुंचे. यह पहली बार नहीं है.हर वर्ष बारिश के मौसम में अस्पताल की यही स्थिति देखने को मिलती है. यहां हर दिन यूपी, बिहार, झारखंड आदि जगहों से करीब 6,000 मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहीं मरीजों की भारी भीड़ के मुकाबले अस्पताल की व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आती हैं. लेकिन जलभराव के विकराल रूप को देखते हुए मरीजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.ALSO READ : वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़दर्जनों मरीज और उनके तीमारदार परिसर का दृश्य देखकर बिना डॉक्टर को दिखाए ही वापस लौटने पर मजबूर हो गए. जलभराव का सबसे गंभीर असर बाल रोग विभाग पर पडा. छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक पानी के बीच काफी परेशान नजर आए. नेत्र एवं ईएनटी विभाग में बुजुर्ग मरीजों की संख्या ज्यादा होती है, जिन्हें कमर भर पानी में चलने में भारी जोखिम उठाना पड़ा.