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गैस- तेल की किल्लत के बीच कोयले पर बढ़ती निर्भरता...

गैस- तेल की किल्लत के बीच कोयले पर बढ़ती निर्भरता...
Mar 29, 2026, 10:38 AM
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Posted By Gaandiv

Coal: मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग से देश ही नहीं दुनिया के कई देशों में तेल और गैस की आपूर्ति पर आफत आ गई है हाल यह हो गया है कि, आज के बदलते परिवेश में विश्व भर की नजरे एक बार फिर पुराने और भरोसेमंद साथी कोयले पर सभी की निगाहें टिक गई है. इसमें भारत का मामला सबसे दिलचस्प हो गया है. भारत, दुनिया के चौथे सबसे बड़े कोयले के भंडार का मालिक है और कोयले का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश भी.


अब सवाल यह है कि आखिर इतने बड़े भंडार और प्रोडक्शन के बावजूद भारत को हर साल करीब 25 करोड़ टन कोयला विदेशों से आयात करना पड़ता है तो आखिर इसकी वजह क्या है?.


आइए अब समझते है इस 'ब्लैक डायमंड' यानी कोयले की कहानी...


गुणवत्ता की चुनौती...


भारत कोयला उत्पादन में दुनिया का चौथा देश है लेकिन, असली चुनौती कोयले की गुणवत्ता को लेकर है. क्यूंकि भारत में मौजूद खदानों से निकलने वाला अधिकतर कोयला 'नॉन-कोकिंग' कैटेगरी का है. आसान भाषा में समझें तो इसमें राख की मात्रा 30 से 50 प्रतिशत तक पाई जाती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह 15 फीसदी से भी कम होती है. भारत की धड़कन कही जाने वाली स्टील इंडस्ट्री को मजबूत स्टील बनाने के लिए हाई क्वालिटी वाले 'कोकिंग कोल' की आवश्यकता होती है. चूंकि हमारे देश में इसकी भारी कमी है, इसी वजह से स्टील इंडस्ट्री की भट्ठियां आयातित कोयले पर ही ज्यादातर निर्भर हैं.


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बढ़ती बिजली की मांग...


वहीँ, दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि, आज के बदलते परिवेश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है. भारत की इकोनॉमी और बिजली की डिमांड तेज रफ्तार से बढ़ रही है. खासकर चिलचिलाती गर्मियों में जब बिजली की मांग अपने चरम पर होती है तो घरेलू कोयला उत्पादन इसका मुकाबला करने में मुश्किल का सामना करता है. इस डिमांड और आपूर्ति की खाई को पाटने के लिए देश को कई बार विदेशी कोयले का सहारा लेना पड़ता है.


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कोयला आयात कम करने का प्रयास कर रहा भारत ...


बता दें कि, दिन पर दिन भारत विदेश से कोयले का आयात कम कर रहा है. कोयल मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने कोयला इम्पोर्ट में 7.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की. जहां पिछले साल आयात 264.53 मीट्रिक टन था, वहीं ये इस बार घटकर 243.62 मीट्रिक टन हो गया. जिसका असर देश के खजाने को हुआ.


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जलवायु परिवर्तन को लेकर बढ़ती चिंताएं...


तेल और गैस की किल्लत के बीच कोयले की बढ़ती मांग ने पर्यावरणीय चिंताएं भी बढ़ा दी है. क्यूंकि कोयले से कार्बन उत्सर्जन अधिक होता है जो जलवायु परिवर्तन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एक बड़ी चुनौती पेश करती है. एक ओर देश ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करना चाहता है. वहीं दूसरी ओर उन्हें अपनी ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा करना है. यह संतुलन बनाना आसान नहीं है.


Written_By -Anurag Sachan

 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.
लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...
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वाराणसी : लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दूसरे दिन भी वाराणसी में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. मंगलवार की सुबह सीएफओ आनंद सिंह राजपूत टीम के साथ दुर्गाकुंड इलाके में स्थित कोचिंग संस्थानों पर पहुंचे. सबसे पहले दुर्गाकुंड कबीरनगर स्थित जेआरएस कोचिंग पहुंचे जहां कोचिंग में लगे फायर इक्विपमेंट को चेक किया गया. इस दौरान साकेत नगर और संकटमोचन स्थित एलन कोचिंग सेंटर को सील किया गया. वाराणसी विकास प्राधिकरण और फायर की टीम ने कोचिंग संस्थानों पर पहुंचकर छानबीन की. कोचिंग परिसर में घूम कर वायरिंग और एंट्री एग्जिट चेक किया. इसके बाद बेसमेंट को चेक किया. जहां लकड़ी की बेंच और एसी सहित एक्सपायर हुए उपकरण पड़े थे.कुछ संस्थानों पर खामियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए. जिन कोचिंग सेंटरों के भवन का नक्शा पास नहीं था उन्हें वीडीए द्वारा सील किया गया. पांडेयपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू हुई. यहां फायर एवं सेफ्टी की पड़ताल प्रशासन द्वारा की गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए. तीन कोचिंग सेंटरों को सील करने की बात सामने आ रही है.ALSO READ : मगहर से काशी तक पहुंचेगी 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' की गूंज, कबीर जयंती पर होगा आगाज...इसी क्रम में पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने क्षेत्र स्थित आकाश इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया. इस दौरान फायर सेफ्टी अलार्म, अग्निशमन उपकरणों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई. साथ ही संस्थान प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.