बनारस कोचिंग डिपो में सुरक्षा उपकरणों की जांच, डीआरएम ने दिए नियमित निगरानी के निर्देश...

वाराणसी। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) आशीष जैन ने मंगलवार को बनारस कोचिंग डिपो का सघन निरीक्षण किया। वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) अभिषेक राय के साथ उन्होंने अनुरक्षित रेल कोचों में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न उपकरणों की कार्यशीलता परखी और अधिकारियों को सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं हर समय दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने कोचों में लगे फायर स्मोक एवं डिटेक्शन सिस्टम (FSS) की जांच की। उन्होंने धुआं या आग लगने की स्थिति में सिस्टम से मिलने वाले अलर्ट, बैटरी बैकअप, अलर्ट के बाद ब्रेक लगने, सिस्टम को रीसेट करने और जरूरत पड़ने पर उसे बंद करने की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने आपात स्थिति में कोच अटेंडेंट द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जानकारी ली।

इसके अलावा एयर स्प्रिंग, FIBA और ब्रेक एक्सीलेटर की कार्यशीलता भी जांची गई। उपकरणों में खराबी आने पर उन्हें अलग करने की प्रक्रिया, संबंधित वाल्व और कॉक की स्थिति तथा आपात स्थिति में यात्रियों द्वारा अलार्म चेन खींचे जाने पर उसे नियंत्रित करने की व्यवस्था भी परखी गई।
डीआरएम ने निर्देश दिया कि कोचों में लगे सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरणों और उनके आइसोलेटिंग कॉक की स्पष्ट एवं स्थायी पहचान सुनिश्चित की जाए। संबंधित कॉक के सामने कोच पर स्पष्ट स्टेंसिलिंग कराने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर कर्मचारी उपकरणों की तुरंत पहचान कर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
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उन्होंने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को सभी सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच करने तथा निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीआरएम ने स्पष्ट कहा कि फायर सेफ्टी, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कोचिंग डिपो में साफ-सफाई और स्वच्छता के उच्च मानक बनाए रखने पर भी जोर दिया और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) अभिषेक राय, मंडल विद्युत इंजीनियर दीपक यादव समेत संबंधित वरिष्ठ पर्यवेक्षक मौजूद रहे।



