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IITBHU में पहली बार मनाया गया संस्थान दिवस 'उत्थान', स्‍थापना के 14 वर्ष पूरे...

IITBHU में पहली बार मनाया गया संस्थान दिवस 'उत्थान', स्‍थापना के 14 वर्ष पूरे...
Jun 29, 2026, 11:28 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : आईआईटी का दर्जा प्राप्त करने के 14 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आईआईटी बीएचयू ने सोमवार को पहली बार अपना संस्थान दिवस 'उत्थान' के रूप में उत्साह के साथ मनाया. इस अवसर पर तमाम आयोजन में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में संस्थान की भूमिका को देखने वाले 88 सेटअप लोगों को दिखाने के लिए लगाए गए थे. कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, पूर्व छात्रों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा सेना के अधिकारियों ने भाग लेकर इसे यादगार बनाया. संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने अपने संबोधन में कहा कि 'उत्थान' केवल एक समारोह नहीं, बल्कि आईआईटी बीएचयू की परिवर्तन, उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व की निरंतर यात्रा का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, पूर्व छात्रों, उद्योग और समाज के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करने का माध्यम बनेगा. साथ ही संस्थान द्वारा अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करेगा.


नागरिक-सैन्य सहयोग का अनूठा उदाहरण


संस्थान दिवस का सबसे बड़ा आकर्षण 39 जीटीसी द्वारा प्रस्तुत उन्नत ड्रोन तकनीक का सजीव प्रदर्शन रहा. नागरिक-सैन्य सहयोग को नई दिशा देने वाले इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं ने आधुनिक रक्षा अभियानों में उपयोग होने वाली अत्याधुनिक मानवरहित प्रणालियों को करीब से देखा और उनकी कार्यप्रणाली को समझा.


सेना के विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के ड्रोन की तकनीकी क्षमताओं, उनकी निगरानी, टोही, सूचना संग्रह, लक्ष्य पहचान तथा सामरिक अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की विस्तृत जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में ड्रोन तकनीक आधुनिक युद्ध की दिशा तय कर रही है और भारत भी इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.


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छात्रों को मिला रक्षा अनुसंधान से जुड़ने का अवसर


कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को रक्षा क्षेत्र में हो रहे अत्याधुनिक तकनीकी विकास से परिचित कराना तथा उन्हें अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित करना था. सेना के अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उनके सवालों के उत्तर दिए और रक्षा प्रौद्योगिकी, स्वदेशी अनुसंधान तथा भविष्य में उपलब्ध करियर एवं शोध की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की.


छात्रों ने ड्रोन संचालन, उसकी तकनीकी संरचना और वास्तविक परिस्थितियों में उसके उपयोग को लेकर विशेष उत्सुकता दिखाई. विशेषज्ञों ने बताया कि भविष्य के युद्धों के साथ-साथ आपदा प्रबंधन, सीमा सुरक्षा, निगरानी और राहत कार्यों में भी ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है.


स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर


कार्यक्रम के दौरान 'साथ मिलकर नवाचार, सुरक्षित कल की ओर' विषय को केंद्र में रखते हुए सेना और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं में वैज्ञानिक सोच विकसित करने, उन्हें अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों से जोड़ने तथा स्वदेशी अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.


उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा तथा देश को रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा.



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महान संस्थानों की पहचान उनकी परंपराओं से होती है


इस अवसर पर आईआईटी बीएचयू के वरिष्ठ धातु विज्ञानी प्रो. श्रीकांत लेले ने कहा कि किसी भी महान शिक्षण संस्थान की पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि उसकी समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों तथा उन महान विभूतियों के सम्मान से भी होती है जिन्होंने संस्थान के विकास में अमूल्य योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि संस्थान की गौरवशाली विरासत ही आने वाली पीढ़ियों को उत्कृष्टता और नवाचार के लिए प्रेरित करती है.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.