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अंतरराष्ट्रीय काशी घाटवाक विश्वविद्यालय की 8वीं वर्षगांठ रीवाघाट पर संपन्न

अंतरराष्ट्रीय काशी घाटवाक विश्वविद्यालय की 8वीं वर्षगांठ रीवाघाट पर संपन्न
Jan 18, 2026, 01:10 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : अंतरराष्ट्रीय काशी घाटवाक विश्वविद्यालय की 8वीं वर्षगांठ का उद्घाटन कार्यक्रम रीवाघाट पर संपन्न हुआ। इस वर्ष आयोजन का केंद्रीय विषय “मोबाइल के दास/चलें घाट के पास रहा, जिसके माध्यम से अनियंत्रित डिजिटल निर्भरता और उससे उपजती सामाजिक चुनौतियों पर मंथन किया गया।

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कार्यक्रम का स्वागत करते हुए काशी घाटवाक विश्वविद्यालय के संस्थापक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने कहा कि स्वस्थ और उल्लासमय जीवन के लिए काशी में घाटवाक अत्यंत आवश्यक है। घाटवाक मनुष्य को रील की दुनिया से निकालकर वास्तविक जीवन का साक्षात्कार कराता है।आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संस्थापक सदस्य प्रो. श्रीप्रकाश शुक्ल ने कहा कि काशी के घाट यंत्रस्थ नहीं बल्कि आत्मस्थ होने की प्रेरणा देते हैं। अनियंत्रित यांत्रिक जीवन के बीच घाटवाक सहज और गरिमापूर्ण जीवन का आधार प्रदान करता है।

मानसरोवर घाट पर महिला सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहां धनावती देवी की अध्यक्षता में “तकनीकी निर्भरता और लिंग विभेद” विषय पर चर्चा हुई। एथलीट नीलू सहित सुषमा शुक्ल, जूही त्रिपाठी, डॉ. आस्था, चिकित्सक डॉ. रेनू और निहारिका रॉय ने अपने विचार साझा किए। सभी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संयोजन कलाकार डॉ. शारदा सिंह ने किया।


‘घाटवाक के अनुभव’ विषय पर बोलते हुए अध्यक्षता कर रहे प्रो. अरविंद जोशी ने कहा कि मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए समाज से जुड़ना जरूरी है। प्रो. राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि मानव जीवन को समझने के लिए घाटों से जुड़ाव आवश्यक है। गौरीशंकर मिश्र ने कहा कि जीवन की ऊर्जा का संचार करना ही घाटवाक का उद्देश्य है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पद्मश्री प्रो. राजेश्वर आचार्य ने कहा कि काशी के घाट सांस्कृतिक निर्मिति हैं और मनुष्य की मुक्ति के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्य अतिथि प्रो. विश्वम्भर नाथ मिश्र ने गंगा के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि काशी के घाट इस शहर के सांस्कृतिक कोड हैं, जिनकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त अमित कुमार, प्रो. अरविंद जोशी, रमेश पांडेय सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. उदय पाल ने किया। इस दौरान अभ्युदय संस्था, रोटी बैंक, होप फाउंडेशन, काशी परिक्रमा, मालवीय सेवा संस्थान और नंदिनी फाउंडेशन को सम्मानित किया गया। घाटवाक मार्ग में हरिश्चंद्र घाट पर देवेंद्र दास के संयोजन में ‘ताना-बाना’ समूह द्वारा कबीर गायन प्रस्तुत किया गया, जबकि चेत सिंह घाट पर अष्टभुजा मिश्र के निर्देशन में नाट्य प्रस्तुति हुई।


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समापन अवसर पर डॉ. महेंद्र कुशवाहा, डॉ. विन्ध्याचल यादव और डॉ. मनकामना शुक्ल ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन डॉ. आर्यपुत्र दीपक ने किया, धन्यवाद ज्ञापन शैलेश तिवारी ने और संयोजन सुधीर त्रिपाठी ने किया।

इसी अवसर पर बीएचयू के संगीत विभाग की डॉ. श्यामा एवं उनकी टीम ने “साधो ऐसा ही गुरु भावे” सहित अन्य भजनों की मनोहारी संगीत प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम में रितु सिंह, मनीष खत्री, किशन दीक्षित, दिलीप साहनी, सी.बी. त्रिपाठी, आनंद मिश्र, अजय राय, कुबेर तिवारी, अमित राय, अभिषेक गुप्ता, वाचस्पति उपाध्याय, अरविंद पटेल, रवि अग्रहरि, कृष्ण मोहन पांडेय, यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

बड़े काम का एप, जिसकी मदद से यूपी पुलिस ने की पहली कार्रवाई, लुटेरों को पहुंचाया जेल
बड़े काम का एप, जिसकी मदद से यूपी पुलिस ने की पहली कार्रवाई, लुटेरों को पहुंचाया जेल
वाराणसी: यूपी पुलिस के लिए बडे काम का एक एप डेवलप हुआ है. इस एप का नाम यक्ष है और इसकी मदद से प्रदेश में पहली कार्रवाई सामने आई है. डीजीपी राजीव कृष्ण के सबसे बड़े नवाचार यक्ष एप ने फायरिंग और लूट के तीन आरोपियों को जेल पहुंचाया. वाराणसी रेंज की जौनपुर पुलिस ने तीन घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार किया. यक्ष एप पर अपराधियों का आंकड़ा फीड करने के दौरान वाराणसी रेंज की पूरे यूपी में पहली कार्रवाई है.कुछ संदिग्धों की पहचान की गईबतादें कि 11 मार्च की रात 9 बजे जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र में जनसेवा केंद्र के संचालक प्रेमचंद्र यादव को गोली मारकर अपराधियों ने 90 हजार रुपये, बाइक और मोबाइल लूट लिए थे. यक्ष एप से पता लगाया गया कि घटनास्थल के आसपास कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जांच के लिए टीमें भेजी गईं और इन फुटेज में से कुछ संदिग्धों की पहचान की गई.यह भी पढ़ें: वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालानघटना स्थल तक पहुंचने और घटना के बाद भागने के लिए अपराधियों की संभावित गतिविधियों का पता लगाया गया. अपराधियों के संभावित मार्गों के आधार पर तीन पुलिस थाना क्षेत्र (केराकत, चंदवक और गौरबादशाहपुर थाना) ऐसे थे, जहां से अपराधी आ सकते थे. यक्ष एप से इन तीन थाना क्षेत्रों में रहने वाले 232 अपराधियों का विवरण निकाला गया और अपराधियों के चेहरे पीड़ितों को दिखाए गए.कुछ ही घंटे में कार्रवाईविश्लेषण के आधार पर कुछ ही घंटों में असलहे से लूटपाट करने वाले तीन अपराधियों व उनके पते, फोटो और आपराधिक इतिहास समेत की सटीक पहचान कर ली गई. यक्ष एप में अपराधियों की तीन कोणों से ली गई तस्वीरों का डेटा है, इसलिए पीड़ित ने अपराधियों की आसानी से पहचान कर ली. रात 9 बजे की घटना थी.एसएसपी जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह, एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, एएसपी गोल्डी गुप्ता और एएसपी (यूटी) श्रुष्टि जैन ने यक्ष एप की मदद से अपराध को खेल की तरह सुलझा लिया. यक्ष एप की एक बहुत ही रोचक विशेषता यह है कि प्रत्येक अपराधी को एक आपराधिक आईडी आवंटित की गई है, जिससे अब आपराधिक आईडी के आधार पर कई जिलों के बीच अपराधियों का विवरण साझा किया जा सकता है.रजिस्टर नंबर आठ की खत्म हो गई उपयोगितावाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि यक्ष एप यूपी पुलिस के सबसे बड़े नवाचारों में से है. खासियत यह है कि यह सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की पहचान कर सकता है और सिर्फ एक क्लिक से किसी खास जिले या पुलिस स्टेशन के सभी अपराधियों का विवरण दे सकता है.अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपराघटनास्थल के क्षेत्र में अपराधों और अपराधियों का विवरण जानने के लिए घटनास्थल के गांव व कस्बे की ग्राम अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपरा अब एक तकनीकी समाधान से बदल गई है, जिसमें राज्यव्यापी अपराधियों का डेटा है. एक क्लिक पर अपराधियों का डेटा खुल जा रहा है. जौनपुर पुलिस ने यक्ष एप से लूट, फायरिंग की घटना का पर्दाफाश किया. अपराधियों की गिरफ्तारी में सफलता मिली है. - वैभव कृष्ण, डीआईजी रेंज, वाराणसी
वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालान
वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालान
वाराणसी: सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में अनफिट और बिना वैध परमिट संचालित स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान के दौरान कुल 4 वाहन सीज किए गए तथा 7 वाहनों का चालान किया गया. इस कार्रवाई से स्‍कूल वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया. सड़क पर सघन जांच के अतिरिक्त, प्रवर्तन दल द्वारा विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर स्कूल वाहनों की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया भी की जाएगी, ताकि उनके फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच सुनिश्चित की जा सके."वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन पूर्ण हो"यह प्रवर्तन कार्रवाई एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन और यात्रीकर अधिकारी अखिलेश पांडेय के नेतृत्व में की गई. परिवहन विभाग ने समस्त विद्यालय प्रबंधन से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालयों के कोई भी वाहन बिना वैध फिटनेस और परमिट के संचालित न हों.साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन पूर्ण हो, चालकों की नियमित नेत्र परीक्षण समय से कराया जाए तथा सभी निर्धारित सुरक्षा मानक जैसे खिड़कियों पर सेफ्टी ग्रिल/बार, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटी आदि अनिवार्य रूप से वाहन में स्थापित हों.यह भी पढ़ें: IMS-BHU की जूनियर डॉक्टर ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीरयदि कोई वाहन स्कूल वाहन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी. जो विद्यालय प्रबंधन बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं अथवा नोटिस एवं चालान जारी होने के बावजूद अपने वाहनों के अभिलेख अद्यतन नहीं करते हैं, उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
IMS-BHU की जूनियर डॉक्टर ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीर
IMS-BHU की जूनियर डॉक्टर ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीर
वाराणसी: बीएचयू स्थित चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान की जूनियर डॉक्टर ने जान देने का प्रयास किया. बताया गया कि डॉ. सत्या ने करीब 100 से अधिक इंसुलिन के इंजेक्शन लगा लिए. साथी दोस्तों ने बीएचयू के इमरजेंसी में भर्ती कराया है, जहां उनकी गंभीर हालत बताई जा रही है. डॉक्टरों की मानें तो उनकी किडनी पर असर हुआ है. उन्‍हें वेंटीलेटर पर रखा गया है. जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले उनकी सीनियर रेजिडेंट से किसी बात को लेकर नोकझोंक हुई थी और तभी से वो अवसाद में थीं.सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर ने उठाया बड़ा कदमबिहार की रहने वाली डॉ. सत्या (25) IMS-BHU के सर्जरी विभाग में जूनियर डॉक्टर हैं. वह सामने घाट में ट्रामा सेंटर के पीछे किराये पर रहती हैं. बताया जा रहा है कि डॉ. सत्या ने शुक्रवार की दोपहर में 100 यूनिट इंसुलिन इंजेक्ट कर लिया था. जिससे उसकी हालत बिगड़ने लगी और उसके साथी उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. यहां बीएचयू में डॉक्टरों ने देखने के बाद सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में बेड नंबर-30 पर एडमिट कराया है. जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है. उसका इलाज कर रहे डॉक्टर्स ने बताया कि इंसुलिन ने किडनी पर असर कर दिया है.आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर एसएन संखवार ने बताया कि सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर सत्या के जान देने के प्रयास की जानकारी मिली है. उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है. डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही है. सत्या के होश में आने के बाद सही कारणों का पता चल पाएगा.आरोपी असिस्टेंट बैंक मैनेजर गिरफ्तारवाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के महादेवपुरम कॉलोनी में दहेज प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने वाली काजल (26) के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे पति नितेश कुमार सिंह को फुलवरिया से गिरफ्तार किया. नितेश बैंक ऑफ इंडिया मलदहिया में असिस्टेंट मैनेजर है. काजल ने 27 फरवरी को फंदा लगाकर जान दे दी थी.यह भी पढ़ें: गर्मी ने दिखाया अपना तेवर, चिलचिलाती धूप ने किया लोगों का हाल बेहाल18 दिन पहले ही उसने 9 फरवरी को पति समेत ससुराल के छह लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें महिला ने लिखा था कि उसके माता-पिता ने उसे बहुत प्यार से पाला, लेकिन ससुराल में वह प्यार नहीं मिला.