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इस दिन होगी वाराणसी के कई केंद्रों पर सब-इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा, DM ने दिए निर्देश

इस दिन होगी वाराणसी के कई केंद्रों पर सब-इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा, DM ने दिए निर्देश
Mar 11, 2026, 09:26 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती (सब-इंस्पेक्टर) और प्रोन्नति बोर्ड की 14-15 मार्च को होने वाली परीक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है. इसके लिए जिले में 46 केंद्र बनाए गए हैं और सभी केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है. मंगलवार की शाम डीएम सत्येंद्र कुमार, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा की अध्यक्षता में जोनल, सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक व सह केंद्र व्यवस्थापकों की ब्रीफिंग यातायात पुलिस लाइन सभागार में हुई. डीएम ने परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शिता के साथ कराने के निर्देश दिए.


इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पर डीएम का बड़ा बयान


डीएम ने कहा कि सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा सकुशल संपन्न कराने की जिम्मेदारी सभी की है. इसके लिए जिले में 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. हर परीक्षा केंद्र के लिए सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है. उन्होंने सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेटो को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान वे हर हाल में अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहें. इसमें ढिलाई नहीं होनी चाहिए.


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उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने परीक्षा केंद्रों को सैनेटाइज करा लें और अपने अधीनस्थों/कक्ष निरीक्षकों की ब्रीफिंग अवश्य करा लें और उन्हें परीक्षा के नियम, प्रक्रिया व अनुशासन संबंधी जिम्मेदारियों को समझा दें. स्कूलों में संचालित सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग अच्छे ढंग से होनी चाहिए.


परीक्षा के दौरान फोटो कॉपी की दुकानें रहेंगी बंद


डीएम ने कहा कि परीक्षा केंद्र के आसपास की फोटो कॉपी की दुकानें परीक्षा के समय बंद रहेंगी. प्रवेश के समय चेकिंग जरूर की जाए. परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वर्जित वस्तुएं कोई भी अभ्यर्थी न ले जाने पाएं.

डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर) से लगातार निगरानी होती रहे. अभ्यर्थियों को क्लॉक रूम में मोबाइल फोन रखने की सुविधा उपलब्ध हो. उन्होंने परीक्षा के दौरान सील बुकलेट के खोलने से लेकर वितरण सहित एब्सेंट कैंडिडेट के संबंध में, वेरिफिकेशन सीट भरने की प्रक्रिया, वीडियो रिकॉर्डिंग सहित अन्य सभी जानकारी देते हुए सभी प्रक्रियाओं से अवगत कराया.


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सबसे अधिक बिहार के युवा


उत्तर प्रदेश में दारोगा बनने का सपना संजोए सबसे ज्यादा बिहार के 54,468 युवाओं ने फार्म भरा है, जबकि झारखंड के 5,478 और पश्चिम बंगाल के 1,298 अभ्यर्थियों ने फार्म भरे हैं. पूर्वांचल के 10 जिलों का आंकड़ा देखें तो आजमगढ़ के सबसे ज्यादा 43,311 व सोनभद्र के सबसे कम 5,239 युवाओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस का हिस्सा बनने के लिए फार्म भरे हैं.


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वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि परीक्षा की शुचिता के लिए कड़ी चौकसी रहेगी. वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता ने कहा कि स्टेशन के पास होल्डिंग एरिया है, जिसका लाभ यहां पहुंचने वाले को मिल सकेगा. राजकीय रेल पुलिस के सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि बिहार, पश्चिम बंगाल व झारखंड से कुल 61,242 युवाओं ने फार्म भरे हैं.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।