जान देने की कोशिश करने वाली जूनियर डॉक्टर की हालत बिगड़ी, OPD ठप करने की चेतावनी

वाराणसी: किसी बात से खिन्न होकर सुसाइड का प्रयास करने वाली बीएचयू स्थित चिकित्सा विज्ञान संस्थान की जूनियर डाक्टर सत्या की हालत रविवार को देर रात और बिगड़ गई. सर्जरी विभाग की पीजी छात्रा के कोमा में जाने की खबर मिलते ही संस्थान के जूनियर रेजीडेंट सोमवार को आंदोलित हो उठे. आक्रोशित जूनियर डाक्टरों ने आईएमएस निदेशक कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए. उन्होंने ने चेतावनी दी है कि शीघ्र इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई और वर्कलोड तथा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे ओपीडी का भी बहिष्कार करेंगे.

इंसुलिन का ओवरडोज
बतादें कि बिहार के समस्तीपुर की निवासी जूनियर डॉक्टर ने गुरुवार को अपने कमरे में इंसुलिन का ओवरडोज ले लिया था. इसके बाद उनकी हालत खराब हो गई. इसके प्राभव से अनेक अंग तथा किडनी प्रभावित हैं. फिलहाल उन्हें बीएचयू के सर सुंदर लाल चिकित्सालय के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में आइसीयू में भर्ती किया गया है और वेंटिलेटर पर रखा गया है. घटना के बाद से ही वह बेहोश पड़ी हुई है. मेडिसिन, न्यूरोलाजी, नेफ्रोलाजी, कार्डियोलाजी व क्रिटिकल केयर विभाग के चिकित्सकों की टीम की देखरेख में इलाज जारी है..

कमेटी कर रही जांच
आंदोलित रेजिडेंटों का नेतृत्व कर रहे डा. अतुल ने बताया कि इस संबंध में हम लोग संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार से भी मिले थे, उन्होंने बताया कि फैकेल्टी आफ मेडिसिन के डीन प्रो. संजय गुप्ता के नेतृत्व में जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है. जांचोपरांत जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने व्यवस्थागत खामियों जैसे काम के घंटों और मरीजों की संख्या के संबंध में भी सुधार का आश्वासन दिया है.
विभागाध्यक्षों से भी मुलाकात
जूनियर डॉक्टरों की टीम ने बताया कि हम लोग कल सुबह पुनः उनसे मिलेंगे, डीन व अन्य विभागों के प्रोफेसर्स और विभागाध्यक्षों से भी मुलाकात की जाएगी और उनसे पूरी बात होगी. यदि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई न हुई या व्यवस्था में सुधार न हुआ तो हम लोग ओपीडी का बहिष्कार करेंगे.

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इसी क्रम में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने शताब्दी सुपर स्पेश्यलिटी ब्लॉक में मतीं शल्य चिकित्सा विभाग की पीजी छात्रा के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. इस दौरान चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एसएन संखवार, सर सुंदरलाल चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. केके गुप्ता तथा चिकित्सा संकाय के प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे.


