जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवाद

Jabalpur accident: 'Life jackets are not necessary,' MP Tourism Corporation official's statement sparks controversy
Jabalpur Accident: नर्मदा में बीते गुरुवार की शाम लहरें उठीं कि खुशियों से भरा एक सफर मातम में बदल गया. जबलपुर के बरगी डैम में डूबे क्रूज से निकली एक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया. एक मां जो मौत के बाद भी अपने चार साल के बेटे को सीने से चिपकाए हुए थी. जिंदगी की आखिरी सांस तक मां ने लाल को बचाने की कोशिश की. वह सीन जिसने भी देखा, उसका दिल रो पड़ा. गुरुवार देर रात बरगी डैम का वह इलाका किसी युद्धस्थल जैसा नजर आ रहा था वहां सैकड़ों सरकारी गाड़ियां, पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के जवान और चारों ओर लगी फ्लडलाइट्स थीं. रोशनी बहुत थी, लेकिन चेहरों पर अंधेरा पसरा हुआ था. नर्मदा के बीचोंबीच वह क्रूज आधा डूबा हुआ दिखाई दे रहा था. कुछ घंटे पहले तक जहां संगीत गूंज रहा था, वहां अब सिर्फ लहरों की आवाज थी. हर किसी की निगाहें पानी पर टिकी थीं. मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह लगातार फोन पर अपडेट ले रहे थे. मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद पल-पल की जानकारी ले रहे थे. लेकिन उस रात किसी के पास कोई जवाब नहीं था.

जबलपुर हादसे पर विवाद
जबलपुर के बरगी बांध पर क्रूज बोट हादसे के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (MPT) ने शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. एमपीटी ने दावा किया कि जलाशय में चलने वाली नावों पर सवार यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था. सुरक्षा में चूक को लेकर बढ़ते सवालों के बीच जल क्रीड़ा गतिविधियों के सलाहकार रिटायर्ड नौसेना कमांडर राजेंद्र निगम ने दावा किया कि बरगी बांध क्रूज के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों में पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे.

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"लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था"
बात करें सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर निगम ने जवाब दिया, "क्रूज की सवारी (बरगी बांध पर) का आनंद लेने के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था, क्रूज पर पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध थे, " यह दावा मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस आदेश के ठीक एक दिन बाद किया गया, जिसमें उन्होंने क्रूज बोट पलटने की घटना की उच्च-स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे, इस घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार अन्य यात्री अभी भी लापता हैं. 100 सीटों वाली यह बोट मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद रवाना हुई थी और 30 अप्रैल को पलट गई, इस घटना ने अपने पीछे बेजान शरीर, शोक संतप्त परिजन और कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ दिए हैं.




