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जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवाद

जबलपुर हादसा: 'लाइफ जैकेट जरूरी नहीं, MP टूरिज्म कॉरपोरेशन अधिकारी के बयान पर छिड़ा विवाद
May 03, 2026, 07:12 AM
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Posted By Preeti Kumari

Jabalpur accident: 'Life jackets are not necessary,' MP Tourism Corporation official's statement sparks controversy


Jabalpur Accident: नर्मदा में बीते गुरुवार की शाम लहरें उठीं कि खुशियों से भरा एक सफर मातम में बदल गया. जबलपुर के बरगी डैम में डूबे क्रूज से निकली एक तस्वीर ने पूरे देश को झकझोर दिया. एक मां जो मौत के बाद भी अपने चार साल के बेटे को सीने से चिपकाए हुए थी. जिंदगी की आखिरी सांस तक मां ने लाल को बचाने की कोशिश की. वह सीन जिसने भी देखा, उसका दिल रो पड़ा. गुरुवार देर रात बरगी डैम का वह इलाका किसी युद्धस्थल जैसा नजर आ रहा था वहां सैकड़ों सरकारी गाड़ियां, पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना के जवान और चारों ओर लगी फ्लडलाइट्स थीं. रोशनी बहुत थी, लेकिन चेहरों पर अंधेरा पसरा हुआ था. नर्मदा के बीचोंबीच वह क्रूज आधा डूबा हुआ दिखाई दे रहा था. कुछ घंटे पहले तक जहां संगीत गूंज रहा था, वहां अब सिर्फ लहरों की आवाज थी. हर किसी की निगाहें पानी पर टिकी थीं. मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह लगातार फोन पर अपडेट ले रहे थे. मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद पल-पल की जानकारी ले रहे थे. लेकिन उस रात किसी के पास कोई जवाब नहीं था.


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जबलपुर हादसे पर विवाद


जबलपुर के बरगी बांध पर क्रूज बोट हादसे के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (MPT) ने शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. एमपीटी ने दावा किया कि जलाशय में चलने वाली नावों पर सवार यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था. सुरक्षा में चूक को लेकर बढ़ते सवालों के बीच जल क्रीड़ा गतिविधियों के सलाहकार रिटायर्ड नौसेना कमांडर राजेंद्र निगम ने दावा किया कि बरगी बांध क्रूज के लिए इस्तेमाल होने वाली नावों में पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे.


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"लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था"


बात करें सुरक्षा के बारे में पूछे जाने पर निगम ने जवाब दिया, "क्रूज की सवारी (बरगी बांध पर) का आनंद लेने के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था, क्रूज पर पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध थे, " यह दावा मुख्यमंत्री मोहन यादव के उस आदेश के ठीक एक दिन बाद किया गया, जिसमें उन्होंने क्रूज बोट पलटने की घटना की उच्च-स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे, इस घटना में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि चार अन्य यात्री अभी भी लापता हैं. 100 सीटों वाली यह बोट मौसम विभाग की चेतावनी के बावजूद रवाना हुई थी और 30 अप्रैल को पलट गई, इस घटना ने अपने पीछे बेजान शरीर, शोक संतप्त परिजन और कई अनुत्तरित प्रश्न छोड़ दिए हैं.


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एयर शो पास पर भाजपा विधायकों की तस्‍वीरों के मामले ने तूल पकड़ा, कोतवाली में तहरीर दी
एयर शो पास पर भाजपा विधायकों की तस्‍वीरों के मामले ने तूल पकड़ा, कोतवाली में तहरीर दी
वाराणसी : गंगा किनारे नमो घाट पर आयोजित भारतीय वायुसेना के एयर शो के लिए भाजपा विधायकों की तस्वीरों वाले पास जारी किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है. इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध जताया है. शनिवार शाम महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने शहर कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी और संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एयर शो जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के तहत पास जारी किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित थी. इसके बावजूद भाजपा के विधायकों और नेताओं ने अपनी तस्वीरों वाले पास जारी किए. इन पासों पर घाटों के नाम भी अंकित किए गए, जिससे आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कांग्रेस ने इन पासों को अनधिकृत बताते हुए भारतीय वायुसेना के नाम के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया.पास जारी करने की प्रक्रिया की जांच की मांगमहानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि भारतीय वायुसेना के एयर शो जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था और नियमों का पालन सर्वोपरि होना चाहिए. ऐसे आयोजन में जनप्रतिनिधियों की तस्वीरों वाले पास जारी किए जाने का मामला गंभीर है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और स्पष्ट किया जाए कि पास किसने तैयार किए, किसके निर्देश पर उनका वितरण हुआ तथा क्या इन्हें सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी से अधिकृत कराया गया था.उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पास पर तस्वीर लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक आयोजन की गरिमा, सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन से भी जुड़ा है. यदि जांच में नियमों के उल्लंघन या धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित जनप्रतिनिधियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.जनप्रतिनिधियों के आचरण पर उठाए सवालराघवेंद्र चौबे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता की समस्याओं को उठाना, उनका समाधान कराना और क्षेत्र के विकास के लिए काम करना है. सार्वजनिक आयोजनों में अपनी तस्वीरों के माध्यम से राजनीतिक प्रचार करना उचित नहीं है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से पासों के नमूनों, उनके वितरण और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की.ALSO READ : BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.शहर कोतवाली में दी गई तहरीर के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने अथवा आरोपों की पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है. इस दौरान पूर्व आईएएस प्रवीण प्रकाश, डॉ. राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, रमजान अली, अरुण सोनी, वकील अंसारी, संतोष चौरसिया, अब्दुल हमीद डोडे, अनिल पटेल, मिथुन सरकार, बदरे आलम, किशन यादव, शमशाद, गोपाल चौबे, मोहम्मद उज्जैर और रामजी गुप्ता सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.