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काशी यात्रा पर पहुंचे अभिनेता अखिलेंद्र, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर देखी गंगा आरती

काशी यात्रा पर पहुंचे अभिनेता अखिलेंद्र, बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर देखी गंगा आरती
May 03, 2026, 07:53 AM
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Posted By Preeti Kumari

Actor Akhilendra arrived on a pilgrimage to Kashi, visited Baba Vishwanath and witnessed the Ganga Aarti.


वाराणसी: बॉलीवुड एक्टर और चंद्रकांता सीरियल के क्रूर सिंह अखिलेंद्र मिश्रा काशी की आध्यात्मिक यात्रा पर पहुंचे हैं ‘चंद्रकांता’ में क्रूर सिंह के किरदार से लोकप्रिय हुए अभिनेता ने करीब 48 घंटे काशी में बिताए और इस दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन भी किए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, इस वायरल वीडियो में ये साफ देखा जा सकता है कि, वे एक छत पर खड़े हैं और गंगा आरती का आनंद उठा रहे हैं, अंत में उन्होंने हर-हर महादेव का उद्घोष भी किया है.


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काशी विश्वनाथ मंदिर में अभिनेता ने किए दर्शन


आपको बता दें कि, अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने काशी विश्वनाथ मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किए. जिसके बाद करीब एक घंटे तक मंदिर परिसर में बैठकर शिव स्तुति का पाठ किया. इसके बाद उन्होंने काल भैरव मंदिर पहुंचकर बाबा काल भैरव का आशीर्वाद लिया, उनकी इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. काशी यात्रा पर आए अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि वह काशी में आध्यात्मिक शांति की तलाश में आए थे और महादेव की नगरी में आकर उन्हें अद्भुत सुकून का अनुभव हुआ. काशी यात्रा उनके लिए बेहद खास और सुकुन भरा रहा. यहां का वातावरण मन को गहराई से छूने वाला है.


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अभिनेता ने की काशी के बदलते स्वरूप की तारीफ


अभिनेता अखिलेंद्र ने काशी के बदलते स्वरूप की खूब तारीफ की औऱ कहा शहर में हाल के वर्षों में काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं पहले की तुलना में बेहतर हो गई हैं. जैसे साफ-सफाई, जिसके चलते उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं और सुगम दर्शन व्यवस्था की भी प्रशंसा की. अपने अभिनय करियर को लेकर अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि, उनकी शुरुआत बचपन से ही हो गई थी, गांव में दुर्गा पूजा के दौरान होने वाले नाटकों में वह हिस्सा लिया करते थे, उन्होंने बताया कि एक बार एक नाटक में छोटे बच्चे की भूमिका के लिए उन्हें चुना गया, जो उनके लिए बेहद खुशी का पल था, उस समय गांव में बिजली नहीं थी और लालटेन की रोशनी में ही नाटक की तैयारियां होती थीं, उसी अनुभव ने उन्हें अभिनय से जोड़ा और तब से आज तक वह इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं.


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अखिलेंद्र ने बताया कि, 'एक्टिंग की शुरुआत तो बचपन से ही हो गई थी, हमारे गांव में दुर्गा पूजा के दौरान दो नाटक होते थे, एक हिंदी और दूसरा भोजपुरी में छुट्टियों के दौरान हम सभी चचरे भाई-बहन वहां इकट्ठा होते थे. एक बार एक नाटक के लिए छोटे बच्चे की जरूरत थी, जिसमें मुझे कास्ट किया गया. मेरे लिए ये पल बहुत खुशी का था, उस वक्त गांव में लाइट नहीं थी, इस कारण हम सभी रात में लालटेन की रोशनी में नाटक की तैयारी करते थे, इस नाटक को करने के बाद एक्टिंग से ऐसा जुड़ा कि आज तक इससे खुद को अलग नहीं कर पाया'.


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BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ