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जनगणना–2027 के ल‍िए दो चरणों में बनी रूपरेखा, मंडलीय समीक्षा बैठक में दी जानकारी

जनगणना–2027 के ल‍िए दो चरणों में बनी रूपरेखा, मंडलीय समीक्षा बैठक में दी जानकारी
Feb 09, 2026, 11:45 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना–2027 की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं. कमिश्नरी सभागार में वाराणसी मंडल की जनगणना–2027 तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश, शीतल वर्मा (आईएएस) ने की.बैठक में मंडलायुक्त वाराणसी तथा मंडल के चारों जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे.

शीतल वर्मा ने बताया कि जनगणना–2027 देश की 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी, जो गांव, शहर एवं वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा और विश्वसनीय स्रोत मानी जाती है. उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीति निर्माण का मजबूत आधार बनेंगे.


दो चरणों में होगी जनगणना


जनगणना–2027 का आयोजन दो चरणों में किया जाएगा.

  1. प्रथम चरण: मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ 22 मई से 20 जून 2026 तक कराया जाएगा.
  2. द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना का कार्य पूरे देश में फरवरी 2027 में संपन्न होगा.


डिजिटल माध्यम से होगी पूरी प्रक्रिया


इस बार जनगणना का संचालन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा.पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया गया है. इसके अंतर्गत 7 मई से 21 मई 2026 तक नागरिक सेल्फ एन्युमरेशन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन प्रश्नावली भरकर स्वयं अपनी जनगणना कर सकेंगे.

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संपूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस आधारित मानचित्रों और डिजिटल ऐप्स के माध्यम से सभी नगर निकायों एवं ग्रामों के गणना ब्लॉक तैयार किए जाएंगे.


33 प्रकार की जानकारियों का होगा संग्रह


मकान सूचीकरण के दौरान प्रगणक द्वारा भवन के उपयोग, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कमरों की संख्या, स्वामित्व की स्थिति, शौचालय की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, खाना पकाने में प्रयुक्त ईंधन, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, परिवार द्वारा उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज, फोन, वाहन, टेलीविजन एवं इंटरनेट सुविधा सहित कुल 33 प्रकार की सूचनाओं का संग्रह किया जाएगा.

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान दी गई सभी जानकारियाँ पूर्णतः गोपनीय रहेंगी.


हजारों कार्मिकों की लगेगी ड्यूटी


जनगणना–2027 के सफल संचालन के लिए बड़ी संख्या में कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। अनुमान के अनुसार—

  1. वाराणसी: लगभग 10 हजार
  2. जौनपुर: 11 हजार
  3. गाजीपुर: लगभग 9 हजार
  4. चंदौली: लगभग 5 हजार
  5. कार्मिकों को 15 फरवरी से चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा.


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मंडलायुक्त ने दिए निर्देश


मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने प्रशिक्षण की महत्ता को रेखांकित करते हुए सभी जिलाधिकारियों को प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने और उपयुक्त प्रशिक्षकों के चयन के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूरी कर ली जाएँ.

बैठक का समन्वय डॉ. एस.एस. शर्मा, संयुक्त निदेशक (जनगणना), भारत सरकार द्वारा किया गया.बैठक में चारों जिलों के जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, नगर आयुक्त वाराणसी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे.

विदेश मंत्रालय ने US के दावों की खोली पोल, कहा- ईरान पर मिसाइलें नहीं दाग रहा अमेरिका
विदेश मंत्रालय ने US के दावों की खोली पोल, कहा- ईरान पर मिसाइलें नहीं दाग रहा अमेरिका
Iran Israel War: भारत ने अमेरिका के अपने बंदरगाहों का इस्तेमाल करके ईरान पर हमला करने के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने इसे 'बेबुनियाद' और 'झूठा' बताया है. यह प्रतिक्रिया तब आई जब पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क यानि (OAN) को दिए एक इंटरव्यू में साफ तौर पर कहा कि,अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ जंग में भारतीय नौसैनिक अड्डों और बंदरगाहों पर निर्भर हो गई है. इसी के आगे मैकग्रेगर ने कहा कि, "हमारे सभी बेस तबाह हो चुके हैं. हमारे बंदरगाह सुविधाएं नष्ट हो गई हैं. हमें अब भारत और भारतीय बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जो आदर्श नहीं है." लेकिन भारत ने इन बातों को सिरे से नकार दिया है.विदेश मंत्रालय ने दावे को किया खारिजविदेश मंत्रालय के फैक्टचेक अकाउंट ने एक्स पर पोस्ट किया, "OAN पर किए जा रहे दावे फेक और फॉल्स हैं, हम आपको ऐसी बेबुनियाद और गढ़ी गई टिप्पणियों से सावधान करते हैं." भारत ने स्पष्ट किया कि उसके बंदरगाहों का अमेरिकी नौसेना की ओर से ईरान के खिलाफ किसी भी ऑपरेशन में इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, यह खबर ऐसे समय आई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. भारत ने क्षेत्रीय संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने, बढ़ोतरी रोकने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है.ईरान पर अटैक के लिए भारतीय बंदरगाहों का उपयोगबता दें, भारत उन दावों को खारिज करता है जिनमें ये कहा जा रहा था कि अमेरिका, ईरान पर अटैक करने के लिए भारतीय बंदरगाहों का उपयोग कर रहा है, भारत ने इन आरोपों को 'बेबुनियाद और मनगढ़ंत' ठहराया है. भारतीय विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया उस वक्त आई जब अमेरिका के पूर्व आर्मी कर्नल Douglas Macgregor, अमेरिकी न्यूज चैनल One America News Network (OANN) को दिए एक इंटरव्यू में बोले कि अमेरिकन नेवी, ईरान-अमेरिका संघर्ष में ईरान पर अटैक करने के लिए इंडियन नेवी के ठिकानों पर निर्भर है.अमेरिकी पूर्व आर्मी कर्नल ने बोला झूठइस इंटरव्यू में Douglas Macgregor का दावा था कि अमेरिका की नेवी का इन्फ्रास्ट्रक्चर भारी नुकसान झेल चुका है, इसकी वजह से उसे भारत के बंदरगाहों पर डिपेंड होना पड़ रहा है. उन्होंने कहा, 'हमारे करीब-करीब सभी बेस तबाह हो चुके हैं. हमारे पोर्ट्स की सुविधाएं भी नष्ट हो गई हैं, ऐसे में हमें भारत और इंडियन पोर्ट्स का सहारा लेना पड़ रहा है, जो आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन यही नेवी का कहना है.'हालांकि, इन दावों को खारिज करते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल फैक्ट चेक यूनिट ने OANN पर चल रही इन खबरों को 'फर्जी और झूठा' कहा, मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में लोगों को भारत के रोल को लेकर 'बेबुनियाद और मनगढ़ंत' बयान फैलाने से अलर्ट रहने की सलाह दी गई.
Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake in Iran: ईरान में आज मंगलवार को भूकंप के तेज झटके देखने को मिले है. इसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.3 रही है. भूकंप के ये तेज झटके ईरान के अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच आया है. जिसका कारण मिसाइल का अटैक माना जा रहा है. ईरान के गेराश प्रांत में यह भूकंप आया है, हालांकि इसमें जानमाल के नुकसान की खबरें अभी तक सामने नहीं आई हैं. ⁠USGS यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, ईरान के गेराश इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. यह 10 किलोमीटर की गहराई में था. हालांकि ऐसी किसी परमाणु परीक्षण की वजह से हुआ है, इसके कोई संकेत नहीं मिले हैं. अभी तक के संकेतों के अनुसार, ये टेक्टोनिक प्लेट के बीच टकराहट से होने वाली प्राकृतिक घटना लग रही है.विशेषज्ञों का कहना है कि अगर परमाणु बम का परीक्षण किया जाता है तो अलग तरह की तरंगें और सिग्नल आते हैं.चार दिनों से चल रहा ईरान-इजरायल के बीच युद्धआपको बता दें कि, ईरान और इजरायल के बीच युद्ध करीब चार दिनों से चल रहा है. इजरायल और अमेरिकी वायुसेना लगातार ईरान पर मिसाइलें दाग रही हैं. ईरान के कई परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. तेहरान, इस्फहान, कौम जैसे शहरों में भी भयंकर बमबारी की गई है. वहीं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स उन मध्य पूर्व देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी बेस हैं. इसमें इराक, कुवैत, बहरीन, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं. ईरान अपनी मिसाइलों और शाहेद ड्रोन से लगातार हमले कर रहा है.गेराश शहर में भूकंप यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे यानि (USGS) ने बताया कि इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के बीच आज मंगलवार को दक्षिणी ईरान के गेराश शहर में 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. जिसे लेकर यूएसजीएस ने कहा कि भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर नीचे आया और झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई. हालांकि, इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए कुछ लोगों ने अंदाजा लगाया कि क्या ईरान ने न्यूक्लियर टेस्ट किया है. हालांकि, ऐसे दावों का समर्थन करने वाली कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.ये भूकंप 3 मार्च, 2026 को लोकल टाइम के हिसाब से दोपहर 12:24 बजे ईरान के गेराश से 52 किमी. उत्तर-पश्चिम में आया, इसका सेंटर लैटीट्यूड 28.036°N और लॉन्गीट्यूड 53.789°E पर था और भूकंप धरती की सतह से 10 किमी. नीचे आया. सीस्मोलॉजिस्ट बताते हैं कि ईरान के एक्टिव फॉल्ट जोन में इतने बड़े झटके आम हैं और कुदरती भूकंपों से होने वाले सीस्मिक पैटर्न जमीन के नीचे न्यूक्लियर धमाकों से होने वाले पैटर्न से बहुत अलग होते हैं.
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
वाराणसी: होली के दिन चार मार्च को जिले भर की देशी-अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें बंद रहेंगी. आबकारी विभाग की ओर से बताया गया है कि इसका कडाई से अनुपालन कराया जाएगा. इस बीच होलिका दहन के दिन से ही शहर और ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली. दोपहर से ही देसी, विदेशी और बीयर की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लोग लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए.होली पर्व को लेकर शराब दुकानों पर बढ़ी भीड़वहीं, कई स्थानों पर देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा. त्योहार को देखते हुए कई लोगों ने पहले से ही खरीदारी करने का मन बनाया था. जैसे-जैसे शाम नजदीक आई, दुकानों पर भीड़ और बढ़ती गई. स्थिति यह रही कि कई स्थानों पर ग्राहकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. कुछ दुकानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी.ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे. गांवों के आसपास स्थित ठेकों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कई स्थानों पर लोग सड़क किनारे कतारबद्ध खड़े दिखे. भीड़ अधिक होने के कारण कुछ जगहों पर हल्की नोकझोंक की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग की सक्रियता से व्यवस्था सामान्य रही.होली पर्व ने बाजारों में बढ़ाई रौनकगौरतलब है कि होली के मौके पर रंग-गुलाल के साथ-साथ खान-पान और अन्य तैयारियों में भी बाजारों में रौनक बढ़ गई है. वहीं शराब की दुकानों पर उमड़ी भीड़ ने त्योहार की तैयारियों की एक अलग तस्वीर भी पेश की. वहीं शराब पीकर हुडदंग मचाने वालों की खैर नहीं है. इसके लिए भी पुलिस प्रशासन की ओर पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं. शराब के खुफिया ठिकानों पर भी पुलिस छापेमारी कर रही है. कच्‍ची शराब बनाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर है.