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तीजन बाई के मन में बसते थे कबीर और उनकी काशी, निधन से मर्माहत हुए काशीवासी...

तीजन बाई के मन में बसते थे कबीर और उनकी काशी, निधन से मर्माहत हुए काशीवासी...
Jul 05, 2026, 09:40 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : पंडवानी गायिका तीजन बाई का निधन हो गया है. यह संगीत और संस्कृति की दुनिया की क्षति के साथ काशी का बड़ा नुकसान है. काशी उनके मन में बसती थी. यहां जन्मे कबीर दास को ईश्वर के रूप में पूजती थीं और अपनी प्रस्तुति कबीर के पद के बाद ही करती थीं. उन्होंने पूरी दुनिया में कबीर को पहुंचाया.


तीजन बाई कई बार वाराणसी आईं यहां उन्होंने अलग-अलग जगहों पर अपनी प्रस्तुति दी. वर्ष 2018 में तीजन बाई वाराणसी आईं थीं तो वह 62 वर्ष की थीं लेकिन उनकी ऊर्जा 18 साल के युवा की थी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय में पंडवानी गायन के प्रस्तुतीकरण के बाद अस्सी घाट पर जब उन्होंने गायन की शुरुआत की तो थकान साफ दिख रही थी. गले से खुलकर नमस्कार भी साफ साफ नहीं निकला था मगर जैसे-जैसे महाभारत में जुए का प्रकरण आगे बढ़ता गया कथानक में भावनात्मकता बढ़ती गई, वैसे तीजन बाई का गला भी खुलता गया. द्रोपदी चीरहरण की कहानी सुनाते सुनाते वक्त तीजन बाई का गायन अपने चरम पर था. तीजन बाई की कबीर के प्रति आस्था को ऐसे समझा जा सकता है कि वह सभी प्रस्तुति में कबीर के पद गाया करती थीं. अस्सी घाट पर भी उस दिन उन्होंने


पंडवानी गायन के बाद उज्जैन के प्रह्लाद सिंह टिपानिया ने विशेष अंदाज में कबीर को याद किया। गुरु वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत करने के उपरांत कबीर के कई प्रसिद्ध पद गाए। पारंपरिक वाद्य यंत्र लेकर बैठी अपनी टोली के साथ वह डेढ़ घंटे से अधिक समय तक काशी वासियों को कबीर वाणी का श्रवण कराती रहीं। उन्होंने अपनी पसंदीदा रचना जरा हल्के गाड़ी हांको मेरे राम गाड़ी वाले की प्रस्तुति से श्रोताओं को विभोर कर दिया। यह भजन टिपानिया के हृदय के बहुत करीब है। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने यह कहा कि काशी में कबीर के पदों का गायन उनके लिए सौभाग्य की बात है.


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तीजन बाई की विरासत


जन्म: 8 अगस्त 1956, गनियारी गांव (छत्तीसगढ़)।

पुरस्कार: पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण समेत अनेक

राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मान।


महाभारत के प्रसंगों (खासकर द्रौपदी चीरहरण, जुए का खेल आदि) को गायन, अभिनय और वार्ता शैली में प्रस्तुत करना.


तीजन बाई ने पंडवानी को पुरुष-प्रधान क्षेत्र से बाहर निकालकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी. महाभारत के प्रसंगों को अपनी अनोखी शैली से जीवंत करने वाली इस महान कलाकार ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नई ऊंचाई दी.


उनके निधन पर कला जगत गमगीन है. काशी की वह आखिरी प्रस्तुति काशीवासियों को हमेशा याद रहेगी.

सिगरा पुलिस ने शातिर चोर को चोरी के मोबाइल के साथ दबोचा...
सिगरा पुलिस ने शातिर चोर को चोरी के मोबाइल के साथ दबोचा...
वाराणसी: सिगरा थाना पुलिस ने चोरी के मामले में वांछित एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ वाराणसी के विभिन्न थानों में चोरी, लूट और अन्य अपराधों के कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं.पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डीसीपी काशी जोन एवं एसीपी चेतगंज के नेतृत्व में सिगरा पुलिस ने सोमवार को एनईआर ग्राउंड के पास से अंकित कन्नौजिया उर्फ खली (22) निवासी महादेव नगर कॉलोनी, माधोपुर, थाना सिगरा को गिरफ्तार किया.पुलिस के अनुसार आरोपी सिगरा थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 0333/2026 में वांछित था. उसकी तलाशी के दौरान चोरी का रेडमी 5जी एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा 250 रुपये नकद बरामद हुए. बरामद मोबाइल इसी मुकदमे से संबंधित बताया गया है.जांच में सामने आया कि आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास है. उसके खिलाफ सिगरा, लक्सा, भेलूपुर, कैंट, चितईपुर और लालपुर-पांडेयपुर थानों में चोरी, लूट और अन्य अपराधों के 16 मुकदमे दर्ज हैं.also read:दालमंडी में लंगड़ा हाफिज मस्जिद का कुछ हिस्‍सा कमेटी ने शुरू कराया तोड़ना, अंतिम चरण में परियोजना...गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है. इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र के नेतृत्व में उपनिरीक्षक भृगुपति त्रिपाठी, अंकित कुमार राय, अभय कुमार गुप्ता तथा पुलिस टीम के अन्य जवान शामिल रहे.
दालमंडी में लंगड़ा हाफिज मस्जिद का कुछ हिस्‍सा कमेटी ने शुरू कराया तोड़ना, अंतिम चरण में परियोजना...
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वाराणसी : दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार को लंगड़ा हाफिज मस्जिद परिसर में चिन्हित निर्माण हटाने का कार्य शुरू हुआ. प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच सहमति बनने के बाद कमेटी ने स्वयं मजदूरों के माध्यम से ध्वस्तीकरण कराया. इससे पहले प्रभावित 24 दुकानों को खाली कराकर नई दुकानों का निर्माण भी शुरू किया गया है, जहां व्यापारियों को स्थानांतरित किया जाएगा. प्रशासन ने पहले मस्जिद के प्रभावित हिस्से को चिन्हित किया था, जिसके बाद कई दौर की वार्ता हुई.इससे पहले करीमुल्ला बेग, निसारन, अली रजा खान, संगमरमर और रंगीले शाह मस्जिद की कमेटियां भी सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करते हुए प्रभावित हिस्से हटा चुकी हैं. प्रशासन का कहना है कि परियोजना आपसी सहमति से आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विकास कार्य समय पर पूरा हो सके. जानकारों का कहना है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है. अब केवल सात निर्माण हटाए जाने शेष हैं, जिनमें लंगड़ा हाफिज मस्जिद भी शामिल है. प्रशासन के अनुसार मस्जिद का कुछ हिस्सा मस्जिद कमेटी से जुड़े लोग स्वयं हटवा रहे हैं, जबकि शेष छह निर्माणों को पुलिस प्रशासन की निगरानी में जल्द ध्वस्त किया जाएग.अभियान के दौरान दो भवनों का ध्वस्तीकरण किया गया. इसके साथ ही एक दिन पहले तोड़े गए भवनों के बचे हुए हिस्सों को भी भारी मशीनों की मदद से हटाया गया. ध्वस्तीकरण के साथ-साथ मलबा हटाने का कार्य भी लगातार जारी है, ताकि सड़क निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आएदालमंडी चौड़ीकरण योजना के तहत कुल 187 निर्माण चिह्नित किए गए थे, जिनमें छह मस्जिदें भी शामिल हैं. अधिकांश निर्माण हटाए जा चुके हैं और अब परियोजना अपने अंतिम चरण में है.ALSO READ:हैरान कर देगा एटीएम से कैश उड़ाने का शातिराना अंदाज, छह ठग गिरफ्तार...प्रशासन का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद सड़क निर्माण का कार्य तेजी से शुरू कराया जाएगा. परियोजना के तहत 17.4 मीटर चौड़ाई में आधुनिक सड़क विकसित की जानी है. इसमें दोनों ओर पांच-पांच मीटर चौड़ी सड़क, 3.2-3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ तथा दोनों तरफ आधा-आधा मीटर चौड़ी नालियों का निर्माण होगा. इसके अलावा बिजली, पेयजल और अन्य जनसुविधाओं की लाइनें फुटपाथ के नीचे भूमिगत की जाएंगी, जिससे भविष्य में बार-बार सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और यातायात भी बाधित नहीं होगा. पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि इसी महीने के अंत तक सड़क निर्माण शुरू करने की तैयारी है. इसके लिए पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है. ध्वस्तीकरण और मलबा हटाने का कार्य समानांतर रूप से चल रहा है, ताकि निर्माण कार्य बिना विलंब के शुरू कराया जा सके.
नरसिंह दास चौथी बार निर्विरोध उपसभापति निर्वाचित, बोले- शहर की जनसमस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता
नरसिंह दास चौथी बार निर्विरोध उपसभापति निर्वाचित, बोले- शहर की जनसमस्याओं का समाधान पहली प्राथमिकता
वाराणसी : नगर निगम की कार्यकारिणी में सोमवार को हुए उपसभापति के चुनाव में नरसिंह दास निर्विरोध चुन लिए गए. इससे पहले वह जुलाई 2024, जुलाई 2018 तथा दिसंबर 2020 में भी उपसभापति रह चुके हैं. इस प्रकार वार्ड नं. 96 (दशाश्वमेध) के पार्षद नरसिंह चौथी बार उपसभापति चुने गए हैं. सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी के सभागार में महापौर अशोक तिवारी की अध्यक्षता में उपसभापति के चुनाव की प्रक्रिया सोमवार दोपहर 12. 40 बजे शुरू हुई. इस दौरान महापौर ने कार्यकारिणी के सदस्यों से उपसभापति पद के प्रत्याशी के लिए प्रस्ताव मांगे.वार्ड नं 28 ( सरायनंदन) के पार्षद मदनमोहन तिवारी ने उपसभापति पद के लिए नरसिंह दास के नाम का प्रस्ताव रखा. इसका अनुमोदन कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने मेज थपथपा कर किया. इसके बाद महापौर ने उपसभापति पद पर नरसिंह दास के निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की. पटेल बिरादरी से आने वाले नरसिंह दास नगर निगम के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी पार्षदों में गिने जाते हैं. नव-निर्वाचित उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि कहा कि पार्टी का भरोसा मेरे ऊपर रहा जो चौथी बार मुझे उपसभापति बनाया गया है. मेरी जिम्मेदारी है कि मै सभी पार्षदों को एक साथ लेकर चलूंगा. मेरी पहली प्राथमिकता है कि शहर में जनता को कोई समस्या न हो.Also read : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह 29 जुलाई को, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी अध्यक्षतामैं सभी पार्षदों को साथ लेकर निष्पक्ष व ईमानदारी से कार्य करूंगा ताकि शहर की जनता को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े. संचालन संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद ने किया. बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, कार्यकारिणी सदस्यों में प्रवीण राय, मदन मोहन तिवारी, अशोक मौर्या, माधुरी सिंह, सुशीला, इंद्रारानी, राजकपूर चौधरी, गोविंद प्रसाद सिंह, संजय कुमार केशरी, बलराम कन्नौजिया, संदीप रघुवंशी सहित अन्य उपस्थित रहे.