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जाम का नया स्‍पाट कज्‍जाकपुरा, जानकारी के अभाव में गाड़ियां मार रहीं चक्‍कर पर चक्‍कर

जाम का नया स्‍पाट कज्‍जाकपुरा, जानकारी के अभाव में गाड़ियां मार रहीं चक्‍कर पर चक्‍कर
Dec 16, 2025, 08:18 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - ज्‍यो ज्‍यों दवा की मर्ज बढता गया. वाराणसी शहर में यातायात व्‍यवस्‍था कुछ इसी लाइन पर चल रही है. यातायात जाम से निपटने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों और चौराहों को यू टर्न या वनवे में तब्दील किया जा रहा है. नई व्‍यवस्‍था में रामनगर चौराहा भी रूट डायवर्जन की श्रेणी में शामिल हो चुका है. कज्जाकपुरा ओवरब्रिज शुरू होने के बाद से जाम का नया स्‍पाट बना हुआ है. बीच में डिवाइडर लगाए जाने के बाद से बड़े वाहनों की आवाजाही के दौरान भीषण जाम लग रहा है. कैंट से पीडीडीयूनगर जाने वाले वाले बाहरी वाहन भी ओवरब्रिज पकड़कर सारनाथ की ओर निकल जा रहे हैं. साइनेज के अभाव और क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी नहीं होने के चलते बाहरी गड़ियां चक्‍कर पर चक्‍कर मार रही हैं.


रूट डायवर्जन के तहत प्रमुख स्थानों पर वनवे किया गया है. बावजूद इसके लोगों को जाम से निजात नहीं मिल पा रही है. हर दिन जाम में फंसकर लोग परेशान हैं. कज्जाकपुरा ओवरब्रिज चालू होने के बाद से गोलगड्डा, कज्जाकपुरा मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक है. छोटे वाहनों को दिक्कत नहीं है लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही के बाद से ही जाम लग रहा है. सुबह से देर शाम तक मार्ग प्रभावित रहता है. भोजूबीर और अर्दली बाजार, कचहरी, मैदागिन और लंका, भेलूपूर क्षेत्र भी डायवर्जन में आहत है.


वरुणा पुल से कचहरी की ओर जाते समय अंबेडकर पार्क के पास डायवर्जन है, इस कारण गड़ियों को जेपी मेहता रोड से यू टर्न लेकर कचहरी जाना पड़ रहा है. ऐसे में इस तफ वाहनों की लंबी लइन लग रही है. भोजूबीर तिराहे से यूपी कॉलेज की ओर जाते समय वनवे की व्यवस्था है. बकयदा टायर बर्स्‍टर लगाया गया है. यूपी कॉलेज या रिंग रोड पड़ने के लिए लोगों को सदर तहसील से यूटर्न लेकर आना पड़ रहा है. मैदागिन के पास यातायात डायवर्जन के चलते हर समय चारों तफ जाम लग रहा है. बैरिकेडिंग और अस्थाई डिवाइडर के बीच दोपहिया वाहन चालकों को चलना भी मु्किल हो रहा है.


राजघाट: एक किमी के लिए 15 से 20 किमी की करनी पड़ेगी यात्रा


राजघाट पुल पर मरम्मत और सामनेघाट पुल पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए नई व्‍यवस्‍था की गई. 18 दिसंबर से बड़ी गाड़ियां आवाजाही नहीं करेंगी. इन वाहनों को हाईवे के रास्ते मोहनसराय, अमरा अखरी और डाफी से आवाजाही करनी पड़ेगी. राजघाट पुल पर तो सिर्फ पैदल राहगीर और दोपहिया वाहनों को अनुमति है. ऑटो, ई-रिक्शा, कार, मालवाहक वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है.


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इन वाहनों को रामनगर-सामनेघाट पुल की ओर डायवर्ट किया जाना है. सामनेघाट पुल पर भी यातायात दबाव को देखते हुए बड़े वाहन जैसे ट्रवेलर, स्कूल बस, मालवाहक वाहन आवाजाही नहीं करेंगे. यह वाहन हाईवे के रास्ते आवाजाही करेंगे. स्कूल संचालकों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी समस्या है कि पुल से आवाजाही करने वाले स्कूल बसों को अमरा अखरी, मोहनसराय और डाफी की ओर से घूमकर आवाजाही करनी पड़ेगी. इससे समय और डीजल खर्च भी बढ़ रहा है.


राजघाट पुल और सामनेघाट पुल पर स्कूली बस आवाजाही नहीं करेंगी. इससे लगभग 5 हजार स्कूली बच्चे, कर्मचारी समेत अन्य प्रभावित होंगे. राजघाट पुल पर 10 हजार वाहन रोजाना आवाजाही करते हैं. एक से डेढ किमी की दूरी तय करने के लिए 15 से दो किमी की दूरी वाहन सवारों को तय करनी पड़ेगी.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।