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Kamada Ekadashi Vrat Katha: आज कामदा एकादशी व्रत, जानें पौराणिक कथा का रहस्य

Kamada Ekadashi Vrat Katha: आज कामदा एकादशी व्रत, जानें पौराणिक कथा का रहस्य
Mar 29, 2026, 05:43 AM
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Posted By Preeti Kumari

Kamada Ekadashi 2026: कामदा एकादशी पर पूजा-पाठ और व्रत के साथ ही दान का भी विशेष महत्व होता है. इसलिए आज भगवान विष्णु की पूजा के बाद दान जरूर करें. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कादमा एकादशी अपनी राशि के अनुसार दान किया जाए तो भगवान विष्णु की कृपा और अधिक प्राप्त होती है. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कई प्रकार की परेशानियां दूर होती हैं. जान लीजिए कामदा एकादशी पर किस राशि वाले जातकों को क्या दान करना चाहे. बता दें, आज रविवार 29 मार्च को चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि है, जिसे कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है.


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पापों का नाश करती एकादशी व्रत


कामदा एकादशी का व्रत पापों का नाश करती है और पुण्य दिलाती है. कामदा एकादशी पर पूजा-पाठ और व्रत के साथ ही दान का भी विशेष महत्व होता है. इसलिए आज भगवान विष्णु की पूजा के बाद दान जरूर करें. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कादमा एकादशी अपनी राशि के अनुसार दान किया जाए तो भगवान विष्णु की कृपा और अधिक प्राप्त होती है. इससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है और कई प्रकार की परेशानियां दूर होती हैं. जान लीजिए कामदा एकादशी पर किस राशि वाले जातकों को क्या दान करना चाहे.


एकादशी तिथि को कामदा एकादशी का व्रत


चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कामदा एकादशी का व्रत किया जाता है. पद्म पुराण में इसे बहुत उत्तम और पापों का नाश करने वाली तिथि माना गया है।. मान्यता है की एकादशी व्रत करने से अत्यंत शुभ फल प्राप्त होता है, साथ ही, इसे पिशाचत्व दोष का नाश करने वाली बताया गया है यानी इसके व्रत से जातक को राक्षस योनि प्राप्त नहीं होती है. इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ पद्म पुराण में वर्णित व्रत कथा का पाठ भी अवश्य करना चाहिए.


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कामदा एकादशी व्रत कथा


युधिष्ठिर ने पूछा- वासुदेव, आपको मेरा नमस्कार है. आप मुझे बताइए कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में कौन सी एकादशी आती है.

भगवान कृष्ण ने कहा- राजन, इस पुरातन कथा को सुनो, जिसे वसिष्ठजी ने दिलीप के पूछने पर बताया था.

दिलीप ने पूछा- भगवन, मैं सुनना चाहता हूं कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में कौन-सी एकादशी आती है?

वसिष्ठजी ने कहा- चैत्र शुक्ल पक्ष में 'कामदा' नामक एकादशी आती है, जो परम पुण्यमयी है. यह पाप रूपी ईंधन के लिए यह दावानल ही है.

प्राचीन काल में एक नागपुर नाम का सुंदर नगर हुआ करता था. वहां, सोने के महल निर्मित थे और उस नगर में पुण्डरीक आदि महा भयंकर नाग रहते थे. वहां पुण्डरीक नाम का नाग राज्य करता था. किन्नर, अप्सराएं और गन्धर्व भी उस नगर का सेवन करती थीं. वहां एक ललिता नाम की श्रेष्ठ अप्सरा थी और उसके साथ ललित नामक गन्धर्व भी था. दोनों एक साथ पति-पत्नी के रूप में रहा करते थे, दोनों परस्पर काम से पीड़ित थे, ललिता के हृदय में अपने पति की मूर्त बसी हुई थी, वहीं, ललित के हृदय में सुंदरी ललिता का हमेशा निवास रहता था.


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एक बार नागराज पुण्डरीक राजसभा में बैठकर मनोरंजन में लगा था, तभी ललित का गान होने लगा था. लेकिन उसके साथ में ललिता नहीं मौजूद थी. गाते वक्त उसके मन में ललिता का स्मरण आ गया, इसके चलते ललित के पैरों की गति रुक गई और जीभ भी लड़खड़ाने लगी. नागों में श्रेष्ठ ककोंटक को ललित के मन का संताप पता लगा. तब उसने राजा पुण्डरीक को ललित के पैरों की गति थमने और जीभ लड़खड़ाने की बात बता दी. इस बात को सुनकर नागराज पुण्डरीक की आंखें क्रोध से लाल हो गईं, उसने ललित को शाप दिया कि 'दुर्बुद्धे तू मेरे सामने गान करते हुए भी पत्नी के वशीभूत हुआ, इसलिए तू राक्षस हो जा.


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राजा पुण्डरीक के ऐसा कहने पर गंधर्व राक्षस हो गया. भयंकर मुख, विकार आंखें और देखने भर से भय लाने वाला रूप बन गया. राक्षस बनकर वह कर्म का फल भोगने लगा. ललिता अपने पति को इस रूप में देखकर मन ही मन बहुत चिंतित होने लगी. भारी दुख से कष्ट भोगने लगी और सोचने लगी कि अब में 'क्या करूं? कहां जाऊं? मेरे पति पाप से कष्ट उठा रहे हैं.' विलाप करती हुई ललिता घने जंगलों के बीच पति की पीछे-पीछे घूमने लगी. वहां वन में एक सुदंर आश्रम दिखाई पड़ा, जहां एक शांति मुनि बैठे थे. उनकी किसी के साथ भी किसी प्रकार का वैर-विरोध नहीं था, ललिता शीघ्रता से उनके पास गई और मुनि को प्रणाम किया.

 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.
लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...
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वाराणसी : लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दूसरे दिन भी वाराणसी में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. मंगलवार की सुबह सीएफओ आनंद सिंह राजपूत टीम के साथ दुर्गाकुंड इलाके में स्थित कोचिंग संस्थानों पर पहुंचे. सबसे पहले दुर्गाकुंड कबीरनगर स्थित जेआरएस कोचिंग पहुंचे जहां कोचिंग में लगे फायर इक्विपमेंट को चेक किया गया. इस दौरान साकेत नगर और संकटमोचन स्थित एलन कोचिंग सेंटर को सील किया गया. वाराणसी विकास प्राधिकरण और फायर की टीम ने कोचिंग संस्थानों पर पहुंचकर छानबीन की. कोचिंग परिसर में घूम कर वायरिंग और एंट्री एग्जिट चेक किया. इसके बाद बेसमेंट को चेक किया. जहां लकड़ी की बेंच और एसी सहित एक्सपायर हुए उपकरण पड़े थे.कुछ संस्थानों पर खामियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए. जिन कोचिंग सेंटरों के भवन का नक्शा पास नहीं था उन्हें वीडीए द्वारा सील किया गया. पांडेयपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू हुई. यहां फायर एवं सेफ्टी की पड़ताल प्रशासन द्वारा की गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए. तीन कोचिंग सेंटरों को सील करने की बात सामने आ रही है.ALSO READ : मगहर से काशी तक पहुंचेगी 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' की गूंज, कबीर जयंती पर होगा आगाज...इसी क्रम में पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने क्षेत्र स्थित आकाश इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया. इस दौरान फायर सेफ्टी अलार्म, अग्निशमन उपकरणों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई. साथ ही संस्थान प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.