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Kanya Puja: कब है चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी, कन्या पूजन का जानें महत्व

Kanya Puja: कब है चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी, कन्या पूजन का जानें महत्व
Mar 25, 2026, 11:47 AM
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Posted By Preeti Kumari

नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. चैत्र नवरात्रि का आज सातवां दिन है, जहां माता कालरात्रि की पूजा-अराधना की जाती है. मां कालरात्रि के स्वरूप बड़ा ही सुंदर और मनमोहक होता है, जो भक्तों को बड़ी ही प्रिय लगता है. माता कालरात्रि को अंधकार, भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है. साथ ही मां को शुभंकारी, काली, महाकाली, भद्रकाली, भैरवी, चंडी भी कहा जाता है.


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मान्यता है कि मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से मां अपने भक्तों पर प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है. हालांकि, अब नौ दिनों की नवरात्रि अपने समापन के सफर पर आ चुकी है. जहां हर कोई कन्या पूजन की बात करता है. जिसे लेकर भक्तों के मन में ये सवाल उठने लगा है कि कब कन्या पूजन करना है. तो चलिए आपको कन्या पूजन के बारे में बताते हैं.


आखिर क्यों खिलाते है कन्या


पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है. जो 27 मार्च को समाप्त होगा. शक्ति के साधक इन 9 दिनों में देवी दुर्गा के 9 स्वरूपों का आशीर्वाद पाने के लिए पूरे विधि-विधान से माता की पूजा-अराधना करते हैं. मां दुर्गा के लिए नौ दिनों का व्रत भी करते है. शक्ति साधना के अंतिम दो दिन अष्टमी और नवमी तिथि को बेहद खास माना गया है, क्योंकि इन दो दिनों में ही देवी का दिव्य स्वरूप मानी जाने वाली छोटी-छोटी कन्याओं का पूजन कर सभी व्रतियां अपने नौ दिनों का व्रत पूजा करती है. ऐसी मान्यता है कि बिना कन्या पूजन के नवरात्रि की पूजा और भक्तों का व्रत कभी भी पूरा नहीं होता है.


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किस उम्र की कन्या का क्या होता है महत्व


हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि में 9 दिनों में देवी स्वरूपा कन्या की पूजा अत्यंत ही शुभ और पुण्यदायी मानी गई है. हिंदू मान्यता के अनुसार नवरात्रि में 2 से 10 साल की कन्या की पूजा का विधान है. जिसमें 2 वर्ष की कन्या कुमारी, 3 वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति, 4 वर्ष की कन्या कल्याणी, 5 वर्ष की कन्या रोहिणी, 6 वर्ष की कन्या कालिका, 7 वर्ष की कन्या शाम्भवी, 8 वर्ष की कन्या दुर्गा, 9 वर्ष की कन्या चंडिका और 10 वर्ष की कन्या को सुभद्रा कहते हैं.


जाने चैत्र नवरात्रि में कब करें कन्या पूजन


यदि आप अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं तो इस साल आपको 26 मार्च 2026 को दुर्गाष्टमी पर प्रात:काल 11:48 बजे तक कन्या पूजन कर लेना चाहिए, लेकिन यदि आप नवमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं तो यह पावन तिथि 26 मार्च को प्रात: 11:48 से प्रारंभ होकर अगले दिन 27 मार्च 2026 को प्रात:काल 10:06 बजे तक रहेगी. ऐसे में आप चाहें तो 26 को ही या फिर उदया तिथि के अनुसार अगले दिन प्रात: 10:06 बजे तक कन्या पूजन कर लें.


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ऐसे करें चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन


हिंदू मान्यताओं के अनुसार, चैत्र नवरात्रि में कन्या का पूजन करने के लिए साधक को अष्टमी या नवमी तिथि पर स्नान-ध्यान करने के बाद सबसे पहले प्रतिदिन ​की भांति देवी पूजा करनी चाहिए. इसके बाद कन्याओं को आदर के साथ अपने घर पर बुलाकर सबसे पहले उनके चरण धुलने चाहिए. 9 कन्याओं के साथ साधक को एक बालक को जरूर भैरव के रूप में बुलाना चाहिए. इसके बाद देवी स्वरूपा कन्याओं के माथे और चरण पर रोली और अक्षत लगाएं.


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इसके बाद उनके हाथ में मौली बांधकर उन्हें लाल रंग की चुनरी अर्पित करें. फिर कन्याओं को आसन पर बिठाकर पूरी, सब्जी, चना, हलवा, खीर, फल आदि अर्पित करें. इसके बाद प्रत्येक कन्या को अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार, वस्त्र, धन आदि देकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें.

BHU में 7 साल पुराने जबड़े के ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, पैर की हड्डी से बनाया नया जबड़ा
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वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय की ओरल एवं मैक्सिलोफेसियल सर्जरी (OMFS) इकाई ने जटिल सर्जरी कर 35 वर्षीय युवक को नई जिंदगी दी। युवक के निचले जबड़े में करीब सात वर्षों से एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर था, जिसके कारण उसके चेहरे की बनावट पूरी तरह बिगड़ गई थी। चिकित्सकों ने ट्यूमर से प्रभावित जबड़े को निकालकर मरीज के पैर की फिबुला हड्डी से नया जबड़ा तैयार किया।लखीमपुर खीरी निवासी युवक लंबे समय से चेहरे की असमानता से परेशान था। सामाजिक रूप से असहज महसूस करने के कारण वह लोगों के बीच जाने से भी हिचकिचाता था। कई जगह उपचार कराने के बावजूद स्थायी राहत नहीं मिलने पर उसे BHU में इलाज की सलाह दी गई।मरीज ने प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की OPD में चेहरे पर सूजन और निचले जबड़े में असमानता की शिकायत के साथ संपर्क किया। जांच में निचले जबड़े में बड़ा एमेलोब्लास्टोमा पाया गया, जिसने जबड़े की सामान्य संरचना और चेहरे के आकार को काफी प्रभावित कर दिया था।करीब आठ घंटे चली जटिल सर्जरी में ट्यूमर से पूरी तरह प्रभावित निचले जबड़े के हिस्से को निकाल दिया गया। इसके बाद मरीज के दाहिने पैर से फिबुला हड्डी निकालकर उसे जबड़े के आकार में तैयार किया गया। माइक्रोवैस्कुलर तकनीक की मदद से फिबुला की रक्त वाहिकाओं को गर्दन की रक्त वाहिकाओं से जोड़ा गया, जिससे नए जबड़े में रक्त संचार स्थापित किया जा सके। इस प्रक्रिया को माइक्रोवैस्कुलर फ्री फिबुला फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है।ALSO READ: तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठकसर्जरी का नेतृत्व OMFS इकाई के प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने किया। टीम में प्रो. नरेश कुमार शर्मा, डॉ. श्वेता, डॉ. आशुतोष आर्या, डॉ. अंशु और डॉ. पूनम यादव शामिल रहीं। एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. यशपाल सिंह, डॉ. तनवी आनंद और डॉ. दीपक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ऑपरेशन BHU ट्रॉमा सेंटर के OMFS ऑपरेशन थिएटर में किया गया। सर्जरी के बाद मरीज के चेहरे की बनावट और समानता लगभग सामान्य हो गई है। उसके पैर में किसी तरह की महत्वपूर्ण कमजोरी नहीं है और वह सामान्य रूप से चल-फिर रहा है। लंबे समय से चेहरे की विकृति के कारण सामाजिक असहजता झेल रहे मरीज में अब आत्मविश्वास भी लौटा है।दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रो. एच.सी. बरनवाल ने इस जटिल और सफल शल्यक्रिया के लिए पूरी चिकित्सकीय टीम को बधाई दी।
तिरंगा यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी, भाजपा महानगर कार्यालय में जनप्रतिनिधियों की बैठक
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वाराणसी: आगामी तिरंगा यात्रा को भव्य, ऐतिहासिक और प्रभावी बनाने की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी महानगर की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को गुलाब बाग स्थित महानगर कार्यालय में हुई.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया.बैठक में तिरंगा यात्रा की तैयारियों, संगठनात्मक सहभागिता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और यात्रा को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते हुए यात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया.महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता, गौरव, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है. काशी की पावन धरती से निकलने वाली तिरंगा यात्रा राष्ट्र के प्रति समर्पण और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का काम करेगी.उन्होंने कहा कि यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी. पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और युवा शक्ति मिलकर इसे जन-जन का अभियान बनाएंगे. उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यापक जनसंपर्क कर अधिक से अधिक लोगों को यात्रा से जोड़ने का आह्वान किया.तिरंगा यात्रा के महानगर संयोजक मधुकर चित्रांश ने यात्रा की तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी. साथ ही विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर पदाधिकारियों के साथ समन्वय किया गया.ALSO READ:ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तारबैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, आयुष राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर अशोक कुमार तिवारी, प्रदेश राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक नीलकंठ तिवारी समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने तिरंगा यात्रा को राष्ट्रभक्ति, एकता और जनभागीदारी का भव्य उत्सव बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का संकल्प लिया.
ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत बड़ी सफलता दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का नामजद आरोपी गिरफ्तार
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वाराणसी: कमिश्नरेट की थाना लोहता पुलिस ने युवती के साथ दुष्कर्म करने, अश्लील सामग्री भेजकर ब्लैकमेल करने और पैसे ऐंठने के गंभीर मामले में वांछित चल रहे नामजद अभियुक्त को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को मुढैला तिराहे के पास से धर दबोचा.वाराणसी पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत, सहायक पुलिस आयुक्त रोहनियां के नेतृत्व में लोहता पुलिस टीम को यह सफलता मिली.यह पूरा मामला 5 अगस्त 2026 का है, जब पीड़िता ने थाना लोहता पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी थी. शिकायत में बताया गया था कि अभियुक्त ने उसके साथ दुष्कर्म किया, मोबाइल पर अश्लील सामग्री भेजी, जान से मारने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए अवैध पैसों की मांग की. पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान संदीप कुमार मौर्या (उम्र करीब 28 वर्ष), पुत्र राजनारायण मौर्या, निवासी ग्राम कनक सराय, थाना कछवा, जनपद मिर्जापुर के रूप में हुई है. आरोपी के खिलाफ मु०अ०सं० 231/2026, धारा 64(1), 351(3), 308(2) बीएनएस (BNS) एवं 67 आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है.ALSO READ:पत्थर से हमला कर साड़ी कारीगर की हत्या दो घायल वारदात के बाद इलाके में मचा हड़कंप...इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में लोहता थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय, उप-निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, कांस्टेबल रत्नेश राय और रिक्रूट कांस्टेबल दुर्गेश कुमार यादव शामिल रहे.पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है.