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कर्नाटक की सियासत में खेला, फिर खतरे में CM सिद्दरमैया की कुर्सी

कर्नाटक की सियासत में खेला, फिर खतरे में CM सिद्दरमैया की कुर्सी
Feb 10, 2026, 09:09 AM
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Posted By Preeti Kumari

कर्नाटक की कांग्रेस में कलह जरा भी थमता नजर नहीं आ रहा है. डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के समर्थकों ने एक बार फिर से सीएम चेहरा बदलने के लिए मोर्चा खोल दिया है. ये कलह कोई पहली बार नहीं जब कर्नाटक सीएम की कुर्सी खतरे में हो, बल्कि इससे पहले भी इसी मामले पर नवंबर 2025 में राजनीतिक सियासत छिड़ी थी. जब सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल के आधे सफर पर पहुंची थी. लेकिन इस बार कर्नाटक की मुख्यमंत्री कुर्सी को लेकर शुरू हुआ खींचतान फीका पड़ता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि, इस बार कांग्रेस के विधायक इकबाल हुसैन ने मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया के द्वारा दिए गए हालिया बयान पर कटाक्ष करते हुए उन्हें अनुशासन में रहने की सलाह भी दी है.


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डीके को कर्नाटक का सीएम चेहरा बनाने की रिक्वेस्ट


विधायक हुसैन ने डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की भी मांग करते हुए कहा कि कम से कम 80 पार्टी MLAs ने डिप्टी चीफ मिनिस्टर DK शिवकुमार का नाम CM पद के लिए हाईकमान को दिया था, इसी के साथ ही डीके को कर्नाटक का सीएम चेहरा बनाने की रिक्वेस्ट भी की है. इस दौरान इकबाव हुसैन ने कहा कि, सिद्दरमैया के बेटे का जो बयान सामने आया है उन बयानों से ये साफ झलकता है कि यतींद्र बहुत दबंगई के साथ ये बात कह रहे है.


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हम एक डिसिप्लिन्ड पार्टी हैं, और हमें ठीक से पेश आना होगा. हमें यह बिलकुल भी पसंद नहीं है कि यतींद्र सिद्धारमैया बार-बार अपने पिता के पक्ष में बोलें और हाईकमान को शर्मिंदा करें. ये सच है कि हर पिता अपने बेटे से प्यार करता है, और बेटा पिता से, लेकिन पॉलिटिक्स में हमें डिसिप्लिन में काम करना होता है, ऐसे बयानों से दूसरों को भड़काना नहीं चाहिए. '.


आखिर क्यों छिड़ा कर्नाटक सियासी बवाल


दरअसल, बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने अपने बयानों में ये कहा था कि, पार्टी हाईकमान ने मुख्यमंत्री बदलने के प्रयासों पर ध्यान नहीं दिया है, उनके पिता अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे. उन्होंने इस तरह की टिप्पणी शिवकुमार के चहेते बसवराज वी शिवगंगा के उस बयानबाजी पर पलटवार के तौर पर की थी, जिसमें बसवराज ने साफ कहा था कि राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर चल रही उलझन को दूर करने के लिए हाईकमान को हस्तक्षेप करना ही चाहिए.


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हालांकि, उनके इन बयानों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के चयन में उनका वोट काफी मायने रखता है, वो इसलिए भी कि वो विधायक हैं, जबकि यतींद्र सिद्धारमैया एमएलसी होने के नाते ऐसी कोई भूमिका नहीं निभाते है, जिसके चलते उन्होंने कटाक्ष करते हुए यतींद्र से ये पूछा कि जब उनके पास वोट ही नहीं है तो आप उनके बयानों पर ध्यान ही क्यों देते हैं? उसके बाद भी यतींद्र सिद्धारमैया चिल्ला-चिल्ला कर ये कह रहे हैं कि, सीएम सिद्धारमैया पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे, उनके ऐसे बेतुके बयानों को पार्टी हाईकमान को ये स्पष्ट करना चाहिए कि सत्ता-साझाकरण की कोई व्यवस्था है या फिर नहीं.

काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि के पहले दिन सजी भव्य सांस्कृतिक संध्या, भजनों और नृत्य से भक्तिमय हुआ माहौल
काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि के पहले दिन सजी भव्य सांस्कृतिक संध्या, भजनों और नृत्य से भक्तिमय हुआ माहौल
वाराणसी। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित मंदिर चौक में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। मां भगवती की आराधना और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित इस कार्यक्रम में भजन गायन और नृत्य की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन उद्घोषिका मीनाक्षी दीक्षित ने किया।सांस्कृतिक संध्या में भजन गायक प्रवीण कुमार सिंह ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिमय वातावरण बनाया। इसके बाद भजन गायक शेर सिंह ने भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिक भाव से जोड़ा। वहीं, सोनी सेठ के नृत्य समूह की आकर्षक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिए।ALSO READ : बीएचयू के श्री विश्वनाथ मंदिर में कलश स्थापना के साथ नौ दिवसीय पूजा कार्यक्रम का शुभारंभ.नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के साथ भारतीय कला, संगीत और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ना है। मंदिर न्यास की ओर से नवरात्रि के प्रत्येक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे धाम आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिल सके।श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है।
सगरा तालाब के आसपास से हटेगा अतिक्रमण, नगर आयुक्त ने दिए सीमांकन के निर्देश.
सगरा तालाब के आसपास से हटेगा अतिक्रमण, नगर आयुक्त ने दिए सीमांकन के निर्देश.
वाराणसी। शहर में तालाबों के संरक्षण और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने माधोपुर स्थित सगरा तालाब का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान तालाब के आसपास फैली गंदगी और अतिक्रमण की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तालाब की पैमाइश कराकर उसका सीमांकन कराने और अवैध अतिक्रमण को जल्द हटाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने तालाब के आसपास की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि तालाबों का संरक्षण और उनके आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए तालाब की वास्तविक सीमा निर्धारित करना जरूरी है, ताकि उसके क्षेत्र में किए गए अवैध कब्जों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।नगर आयुक्त ने अधिकारियों को सगरा तालाब की तत्काल पैमाइश कराने और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब के आसपास यदि अवैध अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही तालाब और उसके आसपास के परिसर में व्यापक सफाई अभियान चलाकर गंदगी को दूर करने के निर्देश भी दिए।ALSO READ : केंद्रीय कारागार वाराणसी में बंदियों की रामलीला का शुभारंभ, मुकुट पूजन के साथ नारद मोह की लीला का मंचनसोमवार से शुरू होगी सफाई और आगे की कार्रवाईनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए सोमवार से ही सफाई अभियान और आगे की कार्रवाई की योजना पर काम शुरू करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि तालाब के आसपास साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ ही सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए, ताकि तालाब की स्थिति में सुधार हो सके।नगर आयुक्त ने साफ किया कि तालाब के संरक्षण और सुंदरीकरण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।नगर निगम की इस पहल से माधोपुर स्थित सगरा तालाब के आसपास स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने, उसकी सीमा स्पष्ट करने और अतिक्रमण की समस्या दूर करने की दिशा में कार्रवाई की उम्मीद है। अब संबंधित विभागों की ओर से की जाने वाली पैमाइश, सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
केंद्रीय कारागार वाराणसी में बंदियों की रामलीला का शुभारंभ, मुकुट पूजन के साथ नारद मोह की लीला का मंचन
केंद्रीय कारागार वाराणसी में बंदियों की रामलीला का शुभारंभ, मुकुट पूजन के साथ नारद मोह की लीला का मंचन
वाराणसी: केंद्रीय कारागार वाराणसी में नवरात्रि के प्रथम दिन रविवार को बंदियों द्वारा मंचित दस दिवसीय रामलीला का शुभारंभ विधि-विधान से मुकुट पूजन के साथ हुआ। रामलीला के पहले दिन नारद मोह की लीला का मंचन किया गया। बंदियों ने अपनी अभिनय कला के माध्यम से नारद मोह की कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान जेल के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।रामलीला का शुभारंभ मुकुट पूजन के साथ हुआ। इसके बाद नारद मोह की लीला का मंचन शुरू किया गया। कथा के अनुसार, कामदेव द्वारा नारद की समाधि भंग करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन वह इसमें असफल रहता है। इसके बाद नारद को अपनी तपस्या पर अभिमान हो जाता है और वह स्वयं को कामदेव पर विजय प्राप्त करने वाला मानने लगते हैं। नारद इस घटना का समाचार भगवान शिव को सुनाते हैं। भगवान शिव उन्हें भगवान विष्णु से इस प्रसंग का उल्लेख नहीं करने की सलाह देते हैं।अभिमान के वशीभूत नारद भगवान विष्णु के सामने भी अपनी विजय का वर्णन करते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु अपने भक्त के अहंकार को दूर करने के लिए माया रचते हैं। माया के प्रभाव में नारद राजा शीलनिधि की कन्या पर मोहित हो जाते हैं और उससे विवाह करने की इच्छा व्यक्त करते हैं। वह भगवान विष्णु से अपने लिए सुंदर रूप प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं।भगवान विष्णु नारद को वानर का रूप देकर भेजते हैं। स्वयंवर में अपने रूप को लेकर नारद को अपमान का सामना करना पड़ता है। इससे क्रोधित होकर नारद भगवान विष्णु को मनुष्य रूप धारण करने और नारी वियोग में दर-दर भटकने का श्राप दे देते हैं। इसी श्राप को भगवान राम के अवतार और उनके वनवास के प्रसंग से जोड़कर दिखाया गया। इसके बाद भगवान राम अपने अंशों सहित अयोध्या में महाराज दशरथ के यहां प्रकट होते हैं। इसी प्रसंग के साथ रामलीला के पहले दिन का मंचन संपन्न हुआ।ALSO READ : सपा कार्यालय में मनाई गई लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती, संपूर्ण क्रांति के विचारों पर हुई चर्चा.केंद्रीय कारागार में बंदियों द्वारा आयोजित इस रामलीला का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना है। दस दिनों तक चलने वाली इस रामलीला में विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। बंदियों की सहभागिता से आयोजित यह कार्यक्रम जेल परिसर में धार्मिक वातावरण और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का माध्यम बना।इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्साधिकारी लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, चिकित्साधिकारी अभिषेक सिंह, जेलर अखिलेश कुमार, डिप्टी जेलर अखिलेश कुमार मिश्र, अमित कुमार वर्मा, अशोक कुमार राय, अयोध्या प्रसाद, भोजराज, श्रीमती अमिता श्रीवास्तव और फार्मासिस्ट संदीप खरे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।