'पर्यटन का हब' बनी काशी ! नए साल के जश्न के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में एक...
Varanasi: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी इन दिनों सैलानियों से गुलजार है. सर्दियों की गुलाबी ठंड और त्योहारों के उत्साह के बीच देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए काशी पहली पसंद बन गई है. आलम यह है कि क्रिसमस, नए साल और मकर संक्रांति जैसे बड़े पर्वों को मनाने के लिए लोग दूर-दराज से बाबा विश्वनाथ की नगरी पहुंच रहे हैं.
इतना ही नहीं अब कुछ दिन बाद नए साल का आगमन होने वाला है. ऐसे में अगर आप भी नए साल को अपना याददार चाहते है तो आपको एक बार सांस्कृतिक राजधानी काशी आना चाहिए...
अगर आप काशी आना चाह रहे है तो सबसे बेहतर हैं यहां पर बेहतर कनेक्टिविटी सुगम रास्तों और क्रूज सेवाओं ने पर्यटकों का सफर आसान बना दिया है.घाटों का आकर्षण भी हैं यहां गंगा घाटों की सफाई और शाम की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर रही है.
पर्यटकों को पसंद आ रही काशी...
बता दें कि पिछले कई साल के एबॉट करें तो लोग अपना न्य साल काशी में बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से शुरू करना चाहते है इसलिए हर साल यहाँ नए साल में लाखों पर्यटक आते है. जिसमें प्रदेश के साथ साथ देश और विदेश पर्यटक भी शामिल रहते है.
काशी की लोकप्रियता के मुख्य कारण...
काशी विश्वनाथ धाम का विकास: कॉरिडोर के निर्माण से मंदिर परिसर का विस्तार हुआ, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अनुभव बेहतर हुआ है.
बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: सड़कों, घाटों और अन्य सुविधाओं के विकास से यहां पहुंचना आसान हो गया है.
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: भगवान शिव की नगरी और गंगा नदी के किनारे होने के कारण इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है.
सुरक्षा और व्यवस्था: मजबूत कानून व्यवस्था और बेहतर सुविधाओं ने पर्यटकों का विश्वास बढ़ाया है.
हर साल बढ़ रही पर्यटकों की संख्या ..
2025 में काशी में रिकॉर्ड 146.97 मिलियन (लगभग 14.7 करोड़) पर्यटक पहुंचे, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है.
2014 से सितंबर 2025 तक 454.48 मिलियन (45 करोड़ से अधिक) भारतीय और विदेशी पर्यटक आए हैं.
विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है, और यह गोवा जैसे पारंपरिक स्थलों से आगे निकल गया है.नए साल के मौके पर भी काशी पर्यटकों के लिए पहली पसंद है और यहां के घाटों व मंदिरों में भारी भीड़ देखी जा रही है.



