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काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...

काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
Jun 09, 2026, 12:37 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.


काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशन


काशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.


भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन


2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .


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स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.


स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगा


काशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोर
पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोर
वाराणसी : ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार तथा ग्राम्य विकास विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया. पंच सम्मेलन को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पंच सम्मेलन में चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार तथा झारखंड के पंचायत प्रमुखों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा आने वाला समय भारत का है तथा उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत का है. विकसित भारत जी राम जी कानून को बनाने हेतु जब संसद में प्रस्ताव रखा गया तो विपक्ष ने विरोध जरूर किया लेकिन जब उन्होंने इसके उद्देश्यों को जान लिया तब उन्होंने सांकेतिक विरोध किया. ग्रामीणों के स्वरूप को बदलने में पुरानी नरेगा योजना में केवल पैसे की बंदरबांट थी लेकिन वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास समेत विकसित पंचायत पर कार्य किया गया है.दवाई, कमाई तथा पढ़ाई की चिंताइस योजना में दवाई, कमाई तथा पढ़ाई की भविष्य की चिंताओं को सम्मिलित किया गया है. इस योजना में पीएम गतिशक्ति को शामिल करते हुए कार्यों के डुप्लीकेसी को रोका गया है. सरकार का लगातार ध्यान विकसित भारत के तरफ है. उन्होंने सभी से लक्ष्य तय करके कार्य करने हेतु प्रेरित किया. कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने प्रयासों से 25 करोड़ से ज्यादे लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया. उन्होंने पिछली सरकारों के बिना लक्ष्य के विजन को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जितने पीएम आवास वर्तमान सरकार में बने उतने आज तक पिछली सरकारों में कभी नहीं बने. आज भूखे पेट कोई नहीं सोता सभी को अन्न योजना से लाभान्वित किया गया है.यूपी में महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना करेगी सशक्‍तइलाज के अभाव में किसी को जीवन नहीं खोना पड़ेगा, आयुष्मान योजना से इलाज की व्यवस्था की गई है. उन्होंने सभी पंचायत प्रमुखों से कहा कि आप ऐसा कार्य करें की जिसके ऊपर आप हाथ रखें वहीं प्रधान बने जो की केवल आपके किए कार्यों से तय होगा. उत्तर प्रदेश में एक बड़ी योजना महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने जा रहे हैं. महिला सशक्तिकरण के तरफ हमारा लगातार ध्यान होना चाहिए ताकि आधी आबादी सशक्त हो. परिवारों का ही विकास विकसित भारत का विकास है. हमारा उद्देश्य लगातार जनता की सेवा करना रहा है. कार्य योजना पक्ष - विपक्ष सभी बैठकर बनाएं. 30 लाख से ग्रामों में समूह की फैक्ट्री बनाने का भी कार्य होगा. प्रशासनिक मद छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत किया गया है. गांवों के विकास का दूरगामी रोडमैप आप विकसित करें. गांव छोड़कर कोई शहर नहीं जाए हम इसपर लगातार कार्य करें.गांवों के विकास के लिए सरकार दृढ़ संकल्पितअनेकों योजनाएं गांवों के विकास को लाने हेतु सरकार दृढ़ संकल्पित है. ये सरकार न खाऊंगा न खाने दूंगा पर कार्य कर रही है. गांवों का सर्वांगीण विकास हो यही हमारा लक्ष्य है. उन्होंने वाराणसी में एलिवेटेड सड़कें बनाने हेतु कैबिनेट की मंजूरी एवं 25 हजार करोड़ की धनराशि आवंटित होने पर भी सभी को बधाई दी. उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि विकसित भारत तभी संभव है जब विकसित उत्तर प्रदेश विकसित होगा. आज गुंडे उत्तर प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं. आज देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, गरीबों के अन्याय को रोका गया. जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने को भी उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में रेखांकित किया.जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास के अगले पच्चीस वर्षों का विकास शामिलकेंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय के कार्यों पर भी सभी का ध्यान खींचा. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का तीसरा सबसे बड़ा मंत्रालय ग्रामीण विकास है. जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास के अगले पच्चीस वर्षों के विकास को शामिल किया गया है. उन्होंने प्रधानों से मजबूत ग्रामीण विकास की नींव रखने की अपेक्षा की. उन्होंने मनरेगा योजना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नरेगा योजना के तहत प्रतिवर्ष एक ही गड्ढे को बार - बार न खोदें बल्कि वर्तमान योजना से मजबूत विकसित पंचायत के तरफ बढ़ें. हमारा यह सामूहिक प्रयास हो कि समूहों के रोजगार को मार्केट देने के तरफ कार्य करें. लगातार सरस मेलों का आयोजन होना चाहिए. वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में 23 करोड़ बैंक खाते खोलने का कार्य किया है. पंद्रह साल पहले से वर्तमान काशी में अकल्पनीय, अतुलनीय, अविश्वस्नीय कार्य हुए हैं. विश्वनाथ कारीडोर बनने के बाद काशी की दिशा बदल गई है. काशी की पूरी व्यवस्था की बदलने का कार्य हुआ है. सड़कें, एयर कनेक्टिविटी भी उच्च स्तर पर विकसित हुए हैं.रोजगार की 100 दिन की गारंटी अब 125 दिनआयुक्त ग्राम्य विकास जी एस प्रियदर्शी ने कहा कि एक जुलाई 2026 को लागू किए गए कानून के तहत प्रथम पंच सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इसके तहत पंचायत अध्यक्षों से सीधे वार्ता की जाएगी. उन्होंने बताया अब रोजगार की 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है जिसके तहत बुनियादी रोजगार को भी इसमें सम्मिलित किया गया है.संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास भारत सरकार सुश्री रोहिणी आर जी ने कहा कि देश के स्तर पर प्रथम सम्मेलन वाराणसी में आयोजित हो रहा है जिसमें मै सभी अतिथियों का स्वागत करती हूं. सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार तथा झारखंड से भारी संख्या में पंचायत प्रमुखों को शामिल किया गया है. विकसित भारत जी राम जी अधिनियम एक जुलाई से देश के 2.8 लाख ग्रामों में एक साथ लागू किया गया जिसमें ये प्रावधान किया गया कि श्रमिकों को एक दिन भी बिना रोजगार के न बैठना पड़े इसकी व्यवस्था इसमें की गई है. आगे जाकर पंचायत की यह जिम्मेदारी है कि हम पंचायत को विकसित बनाने के प्रावधान बनाएं. उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में दो करोड़ से ज्यादे रोजगार सृजित किए गए हैं.ALSO READ: जमीन और मकान के नाम पर पुलिसकर्मियों से लाखों की धोखाधड़ी, मां और बेटों पर केस दर्जकार्यक्रम में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री एवं मंत्री ग्राम्य विकास केशव प्रसाद मौर्य, केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास भारत सरकार सुश्री रोहिणी आर, आयुक्त ग्रामीण विकास विभाग उत्तर प्रदेश जी एस प्रियदर्शी, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसी एनआरएलएम पवन सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा भारी संख्या में पंचायत प्रमुख शामिल रहे.
जमीन और मकान के नाम पर पुलिसकर्मियों से लाखों की धोखाधड़ी, मां और बेटों पर केस दर्ज
जमीन और मकान के नाम पर पुलिसकर्मियों से लाखों की धोखाधड़ी, मां और बेटों पर केस दर्ज
वाराणसी : जमीन और मकान दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में मां और बेटों ने पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोड़ा. पीडित पुलिसकर्मियों ने लालपुर-पांडेयपुर थाने में 20.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए हैं. पुलिस की शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ है वह बेहद हेरान करने वाला है. आरोपी जमीन कारोबारियों ने पिछले 24 महीनों के भीतर 10 से ज्यादा पुलिसवालों से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है. पुलिस सूत्रों का मानना है कि यदि पूरी कड़ियां जोड़ी जाएं, तो यह महाघोटाला 5 से 10 करोड़ रुपये के बीच पहुंच सकता है.लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर मुख्य आरोपी और जमीन कारोबारी गौरव गुप्ता, उसके सगे भाई दीपक गुप्ता, मां कस्तूरी देवी (निवासी: अशोक विहार कॉलोनी) सहित अन्य सहयोगियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है. इस गिरोह के चंगुल में सिर्फ पुलिसवाले ही नहीं, बल्कि कचहरी के पेशकार और मुंशी भी फंस चुके हैं.ALSO READ: जीएसटी की डिप्‍टी कमिश्‍नर 50 हजार रश्वित लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, महिला दरोगा से उलझी...पर्यटक थाने में तैनात सिपाही विशाल कुमार ने आरोप लगाया कि साल 2024 में आरोपियों ने उन्हें एक मकान दिलाने के नाम पर 13 लाख रुपये हड़प लिए. लंबे समय बाद भी जब रजिस्ट्री नहीं हुई और विशाल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी. पीड़ित की शिकायत पर मंगलवार को पुलिस ने मामला दर्ज किया. कैंट थाने में तैनात और मूल रूप से गोंडा के रहने वाले आरक्षी भवन कुमार ने भी साल 2024 में जमीन खरीदने के लिए गौरव गुप्ता से संपर्क किया था. आरोपियों ने झांसे में लेकर उनसे 7.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली. यह पहली बार नहीं है जब इस जालसाज परिवार पर केस दर्ज हुआ है. इससे पहले भी इनके खिलाफ शहर के अन्य थानों में मामले दर्ज हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही इन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
जीएसटी की डिप्‍टी कमिश्‍नर 50 हजार रश्वित लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, महिला दरोगा से उलझी...
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वाराणसी : फाइल निस्‍तारण के लिए 50 हजार रुपये रिश्‍वत लेते विजिलेंस टीम ने जीएसटी की डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त) अंबिका सिंह को बुधवार शाम चेतगंज स्थित एक रेस्टोरेंट के पास रंगेहाथ गिरफ्तार किया. इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है. आरोप है कि उन्होंने एक उद्यमी की जीएसटी संबंधी फाइल पास करने के एवज में रिश्वत मांगी थी. गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने अंबिका सिंह से कोतवाली स्थित महिला थाने में पूछताछ की. इस दौरान चेतगंज में गिरफ्तारी के समय वह विजिलेंस की महिला दरोगा से उलझने के साथ राहगीरों से बचाने की गुहार लगाती रहीं लेकिन पुलिसकर्मियों की सख्ती के बाद शांत हो गईं. अंबिका सिंह फतेहपुर जिले के धाता थाना क्षेत्र की निवासी हैं.उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, वाराणसी सेक्टर के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भेलूपुर थाना क्षेत्र के बजरडीहा लखरांव निवासी तथा ब्लैक स्मिथ इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अजय कुमार मौर्य ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, उनकी कंपनी के फरवरी 2023 के रिटर्न और राज्य जीएसटी के आकलन से संबंधित फाइल के निस्तारण के लिए सेक्टर-6 की डिप्टी कमिश्नर अंबिका सिंह 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रही थीं. शिकायतकर्ता का आरोप था कि फाइल सही होने के बावजूद उसमें अनावश्यक खामियां निकाली जा रही थीं.ALSO READ:जनजातीय शिक्षा को नई दिशा, जनजातीय कार्य मंत्रालय और सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच एमओयू...शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने गोपनीय जांच कराई. जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया. बुधवार शाम चेतगंज स्थित दादा रेस्टोरेंट के पास जैसे ही अंबिका सिंह ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये वाला लिफाफा लिया, पहले से मौजूद महिला पुलिसकर्मियों और विजिलेंस टीम ने उन्हें पकड़ लिया.गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने शोर मचाया और महिला पुलिसकर्मियों से उलझने का भी प्रयास किया. उनके खिलाफ विजिलेंस थाना, वाराणसी सेक्टर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है.