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काशी तमिल संगमम 4.0 - नमो घाट पर स्टॉल संख्या 29 बना मुख्य आकर्षण

काशी तमिल संगमम 4.0 - नमो घाट पर स्टॉल संख्या 29 बना मुख्य आकर्षण
Dec 04, 2025, 09:23 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करते हुए काशी तमिल संगमम 4.0 इस समय नमो घाट पर अपनी सांस्कृतिक भव्यता के साथ छटा बिखेर रहा है, एक तरफ उत्तर भारत की प्राचीन परंपराएं तो दूसरी ओर तमिल संस्कृति का गहन संबंध जीवंत रूप में प्रकट हो रहा है. “तमिल करकलाम” (तमिल सीखो) की थीम पर आधारित यह आयोजन सांस्कृतिक संवाद, ज्ञान-परंपरा और कला विरासत के संरक्षण का संदेश लेकर चल रहा है. वहीं, शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नमो घाट पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा स्टाल लगाया गया है.

इसी क्रम में स्टॉल संख्या 29, जिसे वाराणसी के प्रतिष्ठित डीसी हैंडीक्राफ्ट्स द्वारा सजाया गया है, आगंतुकों के बीच अत्यधिक लोकप्रियता हासिल कर रहा है. काष्‍ठकला इस स्टॉल पर प्रदर्शित हर कलाकृति न केवल काशी की सात पीढ़ियों पुरानी काष्ठ-परंपरा का प्रमाण है, बल्कि इसके पीछे खड़े कलाकारों की संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरक कथा भी कहती है.


लकड़ी में अद्भुत जीवंतता पैदा कर रहे कलाकार

Kashi Tamil Sangamam 4.0 - Stall No. 29 at Namo Ghat becomes the main attraction

वाराणसी के ओम प्रकाश शर्मा और नंद लाल शर्मा इस विशिष्ट काष्ठ-कला के सातवीं पीढ़ी के कलाकार हैं. आज वे इस कला के शहर के अकेले संरक्षक हैं, जो हाथों की निपुणता और वर्षों की साधना से लकड़ी में अद्भुत जीवंतता पैदा करते हैं. वे केवल पारंपरिक कारीगर नहीं, बल्कि काष्ठ-कला के शिक्षक भी हैं, जो इस विरासत को बचाए रखने के लिए एनआईएफटी रायबरेली सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यशालाएँ आयोजित करते रहे हैं. लेकिन उनकी यात्रा हमेशा इतनी आसान नहीं रही. एक समय ऐसा भी आया जब वे आर्थिक कठिनाइयों और इस कला की घटती मांग के कारण गहरी निराशा में थे. तभी वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन ने उनके जीवन को नया मोड़ दिया. प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से उनका उत्साह बढ़ाया, उन्हें अपनी विरासत को जीवित रखने के लिए प्रेरित किया और काशी तमिल संगमम् जैसे बड़े मंचों से उनकी कला को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर प्रदान किया. नंद लाल शर्मा कहते हैं कि प्रधानमंत्री के प्रेरणा-संदेश ने उन्हें केवल आशा ही नहीं बल्कि एक नयी दृष्टि और दिशा भी प्रदान की, और आज उनकी कला देश-विदेश में प्रशंसा पा रही है.


अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी मिली ख्‍याति


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डीसी हैंडीक्राफ्ट्स की काष्ठ-कला न केवल भारत में प्रिय है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है. उनकी उत्कृष्ट कृति ‘राज गद्दी – राम दरबार’ को वर्ष 2022 के G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री द्वारा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो को भेंट किया जाना वाराणसी की कला परंपरा के लिए अत्यंत गौरव का विषय है. नमो घाट पर लगे इस स्टॉल पर आगंतुक बड़े उत्साह के साथ स्थानीय कला को अपनाते दिखाई देते हैं.

स्टॉल का सबसे आकर्षक केंद्र उनकी भव्य पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति है, जिसे कलाकारों ने पूरी तरह हाथ से, बिना किसी मशीन के छह महीनों की साधना में तैयार किया है. लगभग ₹1,20,000 लागत वाली यह कलाकृति कालमा, कदम और गूलर जैसी लकड़ियों के संयोजन से तैयार की गई है, जिनका रंग और सुगंध चंदन जैसा प्रतीत होता है. कलाकार बताते हैं कि उनकी लघु काष्ठ-कला केवल दोपहर 12 से 2 बजे तक प्राकृतिक धूप में ही बनाई जा सकती है, क्योंकि कृत्रिम प्रकाश में वह सूक्ष्मता संभव नहीं होती. यह तथ्य उनकी कला को और भी रहस्यमय और अद्वितीय बनाता है.


सांस्कृतिक गौरव का सजीव मंच


नमो घाट पर काशी तमिल संगमम् 4.0 में डीसी हैंडीक्राफ्ट्स का स्टॉल केवल एक व्यावसायिक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, कारीगरी, धैर्य और सांस्कृतिक गौरव का सजीव मंच है. ओम प्रकाश और नंद लाल शर्मा की यात्रा यह सिद्ध करती है कि जब परिश्रम, परंपरा और सही दिशा मिलती है तो स्थानीय कला न केवल राष्ट्रीय पहचान बनती है, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी चमकती है. यह स्टॉल वास्तव में काशी तमिल संगमम् की उस भावना को मूर्त रूप देता है, जिसका उद्देश्य भारत की विविधता को एकसूत्र में पिरोना और उसकी सांस्कृतिक जड़ों को नई पीढ़ियों तक पहुँचाना है.

Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake: ईरान में भूकंप के तेज झटके महसूस, जिम्मेदार इजरायल-अमेरिका युद्ध
Earthquake in Iran: ईरान में आज मंगलवार को भूकंप के तेज झटके देखने को मिले है. इसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.3 रही है. भूकंप के ये तेज झटके ईरान के अमेरिका और इजरायल से युद्ध के बीच आया है. जिसका कारण मिसाइल का अटैक माना जा रहा है. ईरान के गेराश प्रांत में यह भूकंप आया है, हालांकि इसमें जानमाल के नुकसान की खबरें अभी तक सामने नहीं आई हैं. ⁠USGS यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, ईरान के गेराश इलाके में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. यह 10 किलोमीटर की गहराई में था. हालांकि ऐसी किसी परमाणु परीक्षण की वजह से हुआ है, इसके कोई संकेत नहीं मिले हैं. अभी तक के संकेतों के अनुसार, ये टेक्टोनिक प्लेट के बीच टकराहट से होने वाली प्राकृतिक घटना लग रही है.विशेषज्ञों का कहना है कि अगर परमाणु बम का परीक्षण किया जाता है तो अलग तरह की तरंगें और सिग्नल आते हैं.चार दिनों से चल रहा ईरान-इजरायल के बीच युद्धआपको बता दें कि, ईरान और इजरायल के बीच युद्ध करीब चार दिनों से चल रहा है. इजरायल और अमेरिकी वायुसेना लगातार ईरान पर मिसाइलें दाग रही हैं. ईरान के कई परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है. तेहरान, इस्फहान, कौम जैसे शहरों में भी भयंकर बमबारी की गई है. वहीं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स उन मध्य पूर्व देशों को निशाना बना रहा है, जहां अमेरिकी बेस हैं. इसमें इराक, कुवैत, बहरीन, यूएई और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं. ईरान अपनी मिसाइलों और शाहेद ड्रोन से लगातार हमले कर रहा है.गेराश शहर में भूकंप यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे यानि (USGS) ने बताया कि इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के बीच आज मंगलवार को दक्षिणी ईरान के गेराश शहर में 4.3 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. जिसे लेकर यूएसजीएस ने कहा कि भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर नीचे आया और झटकों से लोगों में घबराहट फैल गई. हालांकि, इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए कुछ लोगों ने अंदाजा लगाया कि क्या ईरान ने न्यूक्लियर टेस्ट किया है. हालांकि, ऐसे दावों का समर्थन करने वाली कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.ये भूकंप 3 मार्च, 2026 को लोकल टाइम के हिसाब से दोपहर 12:24 बजे ईरान के गेराश से 52 किमी. उत्तर-पश्चिम में आया, इसका सेंटर लैटीट्यूड 28.036°N और लॉन्गीट्यूड 53.789°E पर था और भूकंप धरती की सतह से 10 किमी. नीचे आया. सीस्मोलॉजिस्ट बताते हैं कि ईरान के एक्टिव फॉल्ट जोन में इतने बड़े झटके आम हैं और कुदरती भूकंपों से होने वाले सीस्मिक पैटर्न जमीन के नीचे न्यूक्लियर धमाकों से होने वाले पैटर्न से बहुत अलग होते हैं.
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
होली के दिन बंद रहेंगी शराब की दुकानें, एक दिन पहले उमड़ी शराब ग्राहकों की भीड़
वाराणसी: होली के दिन चार मार्च को जिले भर की देशी-अंग्रेजी शराब और बीयर की दुकानें बंद रहेंगी. आबकारी विभाग की ओर से बताया गया है कि इसका कडाई से अनुपालन कराया जाएगा. इस बीच होलिका दहन के दिन से ही शहर और ग्रामीण इलाकों में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ देखने को मिली. दोपहर से ही देसी, विदेशी और बीयर की दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लोग लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए.होली पर्व को लेकर शराब दुकानों पर बढ़ी भीड़वहीं, कई स्थानों पर देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा. त्योहार को देखते हुए कई लोगों ने पहले से ही खरीदारी करने का मन बनाया था. जैसे-जैसे शाम नजदीक आई, दुकानों पर भीड़ और बढ़ती गई. स्थिति यह रही कि कई स्थानों पर ग्राहकों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. कुछ दुकानों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी.ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे. गांवों के आसपास स्थित ठेकों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. कई स्थानों पर लोग सड़क किनारे कतारबद्ध खड़े दिखे. भीड़ अधिक होने के कारण कुछ जगहों पर हल्की नोकझोंक की स्थिति भी बनी, हालांकि पुलिस और आबकारी विभाग की सक्रियता से व्यवस्था सामान्य रही.होली पर्व ने बाजारों में बढ़ाई रौनकगौरतलब है कि होली के मौके पर रंग-गुलाल के साथ-साथ खान-पान और अन्य तैयारियों में भी बाजारों में रौनक बढ़ गई है. वहीं शराब की दुकानों पर उमड़ी भीड़ ने त्योहार की तैयारियों की एक अलग तस्वीर भी पेश की. वहीं शराब पीकर हुडदंग मचाने वालों की खैर नहीं है. इसके लिए भी पुलिस प्रशासन की ओर पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं. शराब के खुफिया ठिकानों पर भी पुलिस छापेमारी कर रही है. कच्‍ची शराब बनाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर है.
होली पर एहतियात-वाराणसी में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट, चौबीस घंटे मुस्तैद एंबुलेंस सेवाएं
होली पर एहतियात-वाराणसी में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट, चौबीस घंटे मुस्तैद एंबुलेंस सेवाएं
वाराणसी: होली को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है. किसी भी आकस्मिक परिस्थितियों के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. सार्वजनिक अवकाश की वजह से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे की जगह केवल दोपहर 12 बजे तक चलेगी. वहीं, इमरजेंसी में मरीजों का बेहतर इलाज हो सके, इसके लिए डॉक्टरों की विशेष टीम तैनात की गई है. इधर, होली के दिन किसी तरह की घटना पर लोगों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके, इसके लिए चौराहों पर 108 एंबुलेंस खड़ी रहेगी. प्रभारी सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद ने बताया कि अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों की टीम तैनात कर दी गई है.एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी विकास तिवारी का कहना है कि आम लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी एंबुलेंस चालक, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की काउंसिलिंग की गई है। होली वाले दिन प्रमुख चौराहों पर जहां एंबुलेंस मौजूद रहेगी, वहीं फोन आने पर निर्धारित समय के भीतर सेवा का लाभ पहुंचाया जाएगा.होली पर छह घंटे बंद रहेंगे बीएचयू के पांच गेटहोली के दिन बीएचयू के मुख्य द्वार के अलावा बाहर जाने वाले रास्तों पर आवागमन बंद रहेगा. यानी, पांच गेट, सीर, छित्तूपुर, नरिया, केंद्रीय विद्यालय और हैदराबाद गेट, बंद रहेंगे. बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संदीप पोखरिया द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि बुधवार को लंका स्थित मुख्य गेट को छोड़कर परिसर के अन्य सभी गेट सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे.सुबह से शाम तक नाव संचालन बंद होली पर गंगा में इस बार नाव नहीं चलेंगी. चार मार्च की भोर 4 बजे से शाम 4 बजे तक पूरी तरह से संचालन पर प्रतिबंध रहेगा. प्रशासन ने इसके लिए सोमवार को निर्देश जारी किए. होली में घाटों पर भारी भीड़ होती है. होली की हुड़दंगई में कुछ लोग नावों की सवारी करते हैं. लापरवाही के कारण कोई हादसा न हो, इसे देखते हुए प्रशासन ने सख्ती की है. प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हर बार की तरह ही इस बार भी होली धूमधाम से मनाई जाएगी.शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पिछली बार की तरह ही इस बार भी 4 मार्च को सुबह 4 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक सभी प्रकार के नावों का संचालन बंद रहेगा. शाम 4 बजे से माहौल शांत होने के बाद नावों का संचालन शुरू होगा. रात 8 बजे तक ही नावें चलेंगी, इसके बाद फिर से संचालन बंद रहेगा.