काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन के नाम पर फर्जीवाड़ा, 23 लोग गिरफ्तार

23 people arrested for fraud in the name of darshan at Kashi Vishwanath temple
Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से पैसे लेकर 'स्पर्श दर्शन' कराने के नाम पर विवाद और हंगामा शुरू हो गयी. इसके आरोप में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट की चौक थाना पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत चालानी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया है. इसी के साथ ही पुलिस मामले की कार्रवाई में जुटी हुई है.
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जानिए क्या है पूरा मामला
दरअसल, काशी विश्वनाथ मंदिर में महादेव का स्पर्श दर्शन कराने के नाम पर गजब का खेल खेला जा रहा है, वहां भक्तों से पैसे लेकर विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कराया जा रहा है, जिसे लेकर भक्तगण हंगामा करने लगे. मामले को शांत कराने आई चौक थाना पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच जमकर नोकझोंक हो गई, जिसके आरोप में पुलिस ने 23 से ज्यादा लोगों को अपनी हिरासत में ले लिया है.

पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में किया पेश
पकड़े गए लोगों में रंजीत पांडेय, कन्हैया पांडेय, बाबू पांडेय, राजवंश गुप्ता, प्रताप कुमार, आदित्य नारायण श्रीवास्तव, मोनू केसरी, अश्वनी लेई, संजय गुप्ता, ऋषि यादव, रवि प्रकाश उपाध्याय, सौरभ श्रीवास्तव, शिव केसरी, देव शंकर तिवारी, बैदुल हसन, पंकज शास्त्री, मनोज पांडेय, पीयूष सिंह, गोविंद मौर्य, आयर्न कनौजिया, अभिषेक सागर, अंश मिश्रा और सोनू शामिल हैं. ऐसे में पुलिस का कहना है कि, गिरफ्तार हुए लोगों पर आरोप है कि , उन्होंने पुलिसकर्मियों से अभद्रता और मारपीट की कोशिश की, जिसके चलते सभी के खिलाफ बीएनएसएस की धाराओं में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया है.
मामले की जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस
मामले की जांच-पड़ताल में जुटे पुलिस के मुताबिक, बीते शनिवार को चौक थाना प्रभारी उपनिरीक्षक पुष्कर दूबे अपनी टीम के साथ मंदिर गेट नंबर-4 पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में तैनात थे. तभी कई दर्शनार्थियों और पर्यटकों ने शिकायत की और कहा कुछ लोग पैसे लेकर 'स्पर्श दर्शन' कराने का झांसा दे रहे हैं. आरोप है कि रुपयों के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

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घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को शांत कराने का प्रयास किया, मगर कुछ लोग उग्र हो गए और श्रद्धालुओं के साथ-साथ पुलिसकर्मियों से भी भिड़ने लगे. इससे मंदिर परिसर की शांति व्यवस्था प्रभावित होने लगी और किसी बड़ी घटना की आशंका पैदा हो गई. बिगड़ती स्थिति पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया और मानवाधिकार आयोग और उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उनके परिजनों को भी सूचना दे दी है.




