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काशी के विकास को लगे पंख, 2537.84 करोड़ से चमकेगा शहर

काशी के विकास को लगे पंख, 2537.84 करोड़ से चमकेगा शहर
Feb 26, 2026, 06:48 AM
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Posted By Anurag Sachan

वाराणसी : नगर निगम की कार्यकारिणी ने शहर विकास को नई रफ्तार देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 2533.33 करोड़ रुपये का बजट को हरी झंडी दे दी है. इसमें नगर निगम का 2262.42 करोड़ रुपये तथा जलकल का 275.42 करोड़ रुपये शामिल है. बजट में पहली बार पद्म पुरस्कार विजेताओं और सेवा बस्तियों (मलिन बस्तियों) के लिए विशेष धनराशि का प्रावधान किया गया है.

महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में शहर के विकास का अब तक का सबसे बड़ा खाका खींचा गया. मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी (सीएफओ) मनीष शुक्ल ने नगर निगम तथा जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह ने जलकल विभाग के वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रस्तावित व 2025-26 का पुनरीक्षित आय-व्यय का ब्यौरा कार्यकारिणी में प्रस्तुत किया.


varanasi  nagar nigam budget 2026-27


​​ ​तीन साल में दोगुने से ज्यादा हुआ बजट



महापौर, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल व कार्यकारिणी सदस्यों के सुझाव पर कई मदों में खर्चों में कटौती करने व कुछ मदों में व्यय बढ़ाने के सुझाव पर सहमति बनी. संशोधित बजट पर आगामी सदन की बैठक में चर्चा की जाएगी । सदन की मंजूरी के बाद इसे प्रभावी माना जाएगा. पिछले तीन वर्षों में नगर निगम के बजट में 2.69 गुने की वृद्धि हुई है. वहीं, पिछले साल की तुलना में यह सीधे तौर पर 1.7 गुना (लगभग 938 करोड़ अधिक) है, जो शहर की बदलती तस्वीर और राजस्व संग्रहण में हुई वृद्धि को दर्शाता है. 2023-24 में जहां बजट 840.90 करोड़ था, वहीं 2026-27 में यह बढ़कर 2262.42 करोड़ तक पहुंच गया है. यह शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं पर होने वाले खर्च में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है. वहीं ​जलकल विभाग के बजट शहरवासियों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति और बेहतर सीवरेज सिस्टम प्रदान करने के लिए जलकल के बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं.


kashi


जलकल विभाग में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 270.91 करोड़ रुपये का व्यय (खर्च) प्रस्तावित किया गया है. विभाग ने अपनी आय के स्रोतों, विशेषकर जल मूल्य (वाटर टैक्स) और सीवर टैक्स की वसूली को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है. इस प्रकार जलकल विभाग के बजट में भी पिछले वास्तविक आंकड़ों की तुलना में लगभग 1.5 गुना की वृद्धि की गई है, जो शहर के विस्तार और बढ़ती जरूरतों को दर्शाता है.


पद्म पुरस्कार विजेताओं की गलियां बनेंगी 'मॉडल'


​काशी की कला और संस्कृति का मान बढ़ाने वाले पद्म पुरस्कार विजेताओं के सम्मान में नगर निगम ने बड़ी पहल की है. उनके आवास की गलियों को 'मॉडल गली' के रूप में विकसित करने के लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इन गलियों को कलात्मक स्वरूप देने के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.


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सेवा बस्तियों के लिए 30 करोड़ का 'कवच'


​शहर की सेवा बस्तियों में रहने वाले नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए बजट में 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इस राशि से इन क्षेत्रों में सीवर लाइन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक स्ट्रीट लाइट और अन्य मूलभूत सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा.


इनकी रही मौजूदगी...


कार्यकारिणी सदस्यों में उप सभापति नरसिंह दास, अमरदेव यादव, राजेश यादव चल्लू, प्रमोद राय, मदन मोहन, हनुमान प्रसाद, सुशील गुप्ता योगी, प्रवीन राय, अशोक मौर्या , माधुरी सिंह, सुशीला देवी, राजकुमार चौधरी।बैठक में उपस्थित थे । इसके अलावा अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता, मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिह, पीआरओ संदीप श्रीवास्तव, संयुक्त नगर आयुक्त जितेंद्र आनंद, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, सीटीओ कुमार असीम रंजन, मुख्य अभियंता आरके सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डा. संतोष पाल सहित अन्य निगम व जलकल के अधिकारी उपस्थित थे.

आंकड़ों की नजर में बजट का सफर (एक नजर में).


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नगर निगम बजट: तीन वर्षों का तुलनात्मक विवरण

(वित्तीय वर्ष बजट राशि (करोड़ में) कितनी हुई वृद्धि)


2023-24 840.90 (आधारवर्ष )

2024-25 1049.17 1.24 गुना (+208.27 करोड़)

2025-26 1324.46 1.57 गुना (+275.29 करोड़)

2026-27 2262.42 2.69 गुना ( +937.96 करोड़)

​"यह बजट वाराणसी को वैश्विक पटल पर एक मॉडल सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। हमने जनसुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है."

-अशोक कुमार तिवारी, महापौर

व्‍यवसायी हत्‍याकांड : कार्रवाई के लिए विधायक के नेतृत्‍व में प्रतिनधिमंडल ने की CP से मुलाकात...
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वाराणसी : रोहनिया के व्‍यवसायी जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हुई हत्‍या को लेकर विधायक सुनील पटेल के नेतृत्‍व में एक प्रतिनधिमंडल ने शनिवार को पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अवलेशपुर में हुई हालिया घटना पर चर्चा करना था. प्रतिनिधिमंडल में वाराणसी के पूर्व महापौर, ब्लॉक प्रमुख, पार्षद सहित कई अन्य लोग भी शामिल थे.मुलाकात के मुख्य बिंदु पुलिस प्रशासन का आश्वासन: बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले पर पूरी गंभीरता और तत्परता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी.दोषियों पर सख्त कार्रवाई: प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि घटना में शामिल दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं के भी हों. मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है.जांच का दायरा: मामले की जांच को लेकर यह जानकारी दी गई है कि इस घटना के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जो लखनऊ तक जांच करेंगी. इसके अलावा, चंदौली, बिहार और गुजरात के लिए भी टीमें लगाई गई हैं ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जा सके.ALSO READ : वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...जनता से सहयोग की अपील: प्रतिनिधिमंडल ने जनता और सभी संबंधित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अपना काम पूरी मजबूती से कर रहा है और अपराधियों को किसी भी हाल में भागने नहीं दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मामले का पूरा खुलासा हो जाएगा और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा. बता दें कि पिछले दिनों दुकान बंद कर घर लौट रहे व्‍यवसायी की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी.
वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...
वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...
वाराणसी : खानपान की विरासत को लेकर नगर निगम ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और स्विगी के साथ मिलकर "वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ" नामक एक नई पहल की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य वाराणसी की समृद्ध खाद्य विरासत का जश्न मनाना और शहर के लाखों पर्यटकों तथा निवासियों को यहां के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजनों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करना है. इस पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विधायक (वाराणसी उत्तर) रवींद्र जायसवाल ने 12 प्रतिष्ठित स्थानीय खाद्य आउटलेट्स के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया, जिनमें काशी चाट भंडार, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार, नीलू कचौरी, टेस्ट किंग, पाठक जी ठंडाई वाला, नेताजी पान भंडार, गौरी शंकर कचौरी वाला और बनारसी पान मंदिर (लक्सा) शामिल हैं. इन सभी आउटलेट्स को एक औपचारिक प्रमाणन प्रदान किया गया, जो उनकी विरासत, गौरव और गुणवत्ता का प्रतीक है.जानकारी के अनुसार इस पहल के अंतर्गत वाराणसी के कुछ प्रमुख घाटों, जैसे नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर पारंपरिक ठेले स्थापित किए जाएंगे. इन ठेलों पर आने वाले आगंतुक इन प्रसिद्ध स्थानीय भोजनालयों के लोकप्रिय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे. भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "वाराणसी की खाद्य परंपराएं इसके इतिहास, संस्कृति और यहां के लोगों की रचनात्मकता का प्रतिबिंब हैं.बताया क‍ि स्थानीय विक्रेताओं द्वारा पीढ़ियों से तैयार किए जा रहे ये व्यंजन शहर के पर्यटन आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. स्विगी की इस पहल के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं को एक ऐसा मंच मिलेगा, जिससे वे शहर का दौरा करने वाले पर्यटकों सहित एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकेंगे. इस तरह के सहयोग से हमारे खाद्य उद्यमियों के लिए स्थायी अवसर पैदा होंगे और स्थानीय खाद्य विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी."जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा, "काशी को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल में बदलना हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी) पहल का उद्देश्य वाराणसी की पाक विरासत को भारत और वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है. स्विगी की इस पहल से शहर की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच और अधिक दृश्यता मिलेगी, जिससे उनकी पहचान मजबूत होगी."ALSO READ : दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा, "भोजन किसी भी शहर की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग होता है. हमें विश्वास है कि यह पहल पवित्र शहर का दौरा करने वाले लाखों पर्यटकों के बीच यहां के स्थानीय और प्रतिष्ठित व्यंजनों को बढ़ावा देने में मदद करेगी. स्विगी सुविधाजनक पहुंच के लिए जानी जाती है और इस साझेदारी के साथ, हम इस खूबसूरत शहर की पाक विरासत को तलाशने के लिए और अधिक ग्राहकों को जोड़ने के लिए उत्साहित हैं. मैं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी नगर निगम का इस विज़न को धरातल पर उतारने में उनके सहयोग के लिए आभार जताता हूं."
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
वाराणसी : दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण योजना के तहत प्रस्तावित भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है.अदालत ने अगली सुनवाई तक संबंधित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिससे प्रभावित पक्ष को बड़ी राहत मिली है.जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी ने अलिमुन्निशा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. याचिका में नगर निगम वाराणसी के जोनल अधिकारी एवं सहायक नगर आयुक्त द्वारा 26 मई 2026 को उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331 के तहत जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी.याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि नोटिस जारी करने और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में प्रक्रियागत अनियमितताएं बरती गई हैं तथा बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए कार्रवाई शुरू कर दी गई.पक्षकार ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया.मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल विवादित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है.अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी.ALSO READ : बीएचयू के शिक्षा संकाय में संशोधित सिलेबस को मिली मंजूरी, बैठक में हुआ अनुमोदन...गौरतलब है कि दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर पिछले कुछ समय से क्षेत्र में विवाद बना हुआ है.ऐसे में हाईकोर्ट का यह आदेश परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.अब सभी की निगाहें मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पक्षकार अपनी विस्तृत दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.