गंभीर बीमारी के चलते खालिदा जिया का निधन, बांग्लादेश में हलचल

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का 80 साल की उम्र में आज निधन हो गया है. काफी लंबे समय से वो किडनी की समस्या के साथ कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं. ये दुखद जानकारी देते हुए उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट ने बताया कि खालिदा जिया ने ढाका के एवरकेयर अस्पताल में इलाज के दौरान अपने जीवन की अंतिम सांसे ली. बीते 23 नवंबर को सांस लेने में उन्हें काफी दिक्कते होने लगी, जिसकी वजह से इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, पर अफसोस कि उनकी स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि डॉक्टर उन्हें बचा ना सके. जिससे उनका निधन हो गया. उनके निधन से राजनीति में शोक की लहर दौड़ पड़ी हैं.

जाने खालिदा का करियर
खालिदा का जन्म 1945 में जलपाईगुड़ी (अब भारत के पश्चिम बंगाल) में हुआ था. उन्होंने शुरू में दिनाजपुर मिशनरी स्कूल में पढ़ाई की और बाद में 1960 में दिनाजपुर गर्ल्स स्कूल से मैट्रिक किया, खालिदा के पिता इस्कंदर मजूमदार बिजनेसमैन थे और मां तैयबा मजूमदार हाउसवाइफ थीं. 1960 में उनकी शादी जिया उर रहमान से हुई, वह उस समय पाकिस्तान आर्मी में कैप्टन थे और उन्होंने 1965 तक दिनाजपुर के सुरेंद्रनाथ कॉलेज में अपनी पढ़ाई जारी रखी, जब वह अपने पति के साथ रहने के लिए पश्चिमी पाकिस्तान चली गईं.

जियाउर रहमान की हत्या के बाद खालिदा ने उठाया बड़ा कदम
वहीं 30 मई, 1981 को जियाउर रहमान की हत्या के बाद, BNP एक गंभीर संकट में फंस गई. इस मुश्किल समय में, खालिदा जिया ने राजनीति में पैर रखा. वह पार्टी में शामिल हुईं और 12 जनवरी, 1984 को इसकी वाइस-प्रेसिडेंट बनीं.उन्हें 10 मई, 1984 को BNP का चेयरपर्सन चुना गया. बता दें, खालिदा जिया 20 मार्च 1991 को पहली बार पीएम पद की शपथ ली. इसके बाद 1996 में वह दोबारा प्रधानमंत्री बनीं. हालांकि इस चुनाव में कई पार्टियों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया था.



