यूनेस्को हाउस में खालिद अंसारी को मिला ‘विज़नरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’, काशी का बढ़ाया मान

वाराणसी.के कारोबारी जगत के लिए गौरव का एक और मौका सामने आया है. कोरल ग्रुप के प्रबंध निदेशक खालिद अंसारी को उद्यमिता, व्यवसायिक उत्कृष्टता और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘विज़नरी एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली स्थित यूनेस्को हाउस, यूनेस्को रीजनल ऑफिस फॉर साउथ एशिया में आयोजित वैश्विक सम्मेलन के दौरान मिला.
26 अगस्त 2026 को आयोजित ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन सस्टेनेबल डेवलपमेंट एंड बिजनेस एक्सीलेंस का आयोजन यूनेस्को और वर्ल्ड एसोसिएशन फॉर स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (WASME) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया. सम्मेलन में सतत विकास, उद्यमिता, नवाचार, व्यवसायिक उत्कृष्टता और छोटे एवं मध्यम उद्यमों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हुई. कार्यक्रम में यूनेस्को रीजनल ऑफिस फॉर साउथ एशिया के डायरेक्टर एवं रिप्रेजेंटेटिव टिम कर्टिस ने खालिद अंसारी को यह सम्मान प्रदान किया.
छोटे कारोबार को लेकर खालिद अंसारी ने कही बड़ी बात
सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान खालिद अंसारी ने छोटे और मध्यम उद्यमों की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी कारोबार को सिर्फ उसके आकार या टर्नओवर के आधार पर छोटा नहीं समझना चाहिए.
उन्होंने कहा, “कोई भी बिजनेस छोटा नहीं होता, सोच बड़ी होनी चाहिए.
खालिद अंसारी के मुताबिक छोटे और मध्यम उद्यम देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करने से लेकर स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने तक इन व्यवसायों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमों को बेहतर अवसर, संसाधन और अनुकूल कारोबारी माहौल मिलना जरूरी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मिला सम्मान
कार्यक्रम में कई देशों के राजनयिकों, यूनेस्को के वरिष्ठ अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही. इनमें यूनेस्को के टिम कर्टिस, बेन्नो बोअर और राम बूझ समेत कई प्रमुख नाम शामिल रहे.
इसके अलावा अंगोला के राजदूत क्लेमेंटे पेड्रो फ्रांसिस्को कैमेनहा, फिजी के राजदूत जगन्नाथ सामी और इथियोपिया के दूतावास के चार्जे डी'अफेयर्स नेबियू टेडला सहित विभिन्न देशों के राजनयिक एवं प्रतिनिधि सम्मेलन में मौजूद रहे.
टेक्सटाइल से रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी तक कारोबार
खालिद अंसारी के नेतृत्व में कोरल ग्रुप ने टेक्सटाइल, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में काम किया है. टेक्सटाइल क्षेत्र में समूह का जुड़ाव वाराणसी की पारंपरिक बनारसी वस्त्र और हस्तकरघा विरासत से भी रहा है.
वहीं, रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में समूह ने आधुनिक परियोजनाओं और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के जरिए अपनी पहचान बनाने की दिशा में काम किया है। समूह की कारोबारी गतिविधियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास को भी महत्व देने की बात कही गई है।
वाराणसी से दिल्ली और अब वैश्विक मंच तक
खालिद अंसारी के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि उनकी कारोबारी यात्रा वाराणसी से जुड़ी है. यूनेस्को हाउस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ काशी के कारोबारी और उद्यमिता जगत के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है.
सम्मान मिलने के बाद खालिद अंसारी ने इसे अपनी जिम्मेदारी बढ़ने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि व्यवसाय की सफलता तभी सार्थक है, जब उससे समाज और देश के विकास में भी सकारात्मक योगदान हो. उन्होंने कहा कि हर उद्यमी को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और ऐसा कारोबारी माहौल तैयार किया जाना चाहिए, जहां छोटे और मध्यम उद्यम भी अपने सपनों को बड़े स्तर पर साकार कर सकें. खालिद अंसारी ने कहा कि कारोबार की असली ताकत उसके आकार में नहीं, बल्कि उसकी सोच, उद्देश्य और समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव में होती है.



