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खामेनेई की मौत से उनके गुरु के पुश्तैनी गांव किंतूर में शोक की लहर...

खामेनेई की मौत से उनके गुरु के पुश्तैनी गांव किंतूर में शोक की लहर...
Mar 03, 2026, 05:55 AM
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Posted By Gaandiv

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई के निधन के बाद उनके गुरु अयातुल्लाह रूहोअल्लाह खुमैनी के पैतृक गांव में शोक की लहर है. ख़ामेनेई के निधन के बाद किंतूर के लोगों का कहना है कि ख़ामेनेई के विचारों का असर दुनिया भर के शिया समुदाय पर रहा है.


इतना ही नहीं, ईरान के इस्लामी गणराज्य के संस्थापक रुहोल्लाह खुमैनी के पूर्वज सैयद अहमद मुसावी का किंतूर जन्मस्थान था, जो खुमैनी के दादा थे. 19वीं शताब्दी में जन्मे मुसावी भारत छोड़कर इराक के नजफ चले गए, जो शिया शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र था, और अंततः 1834 में ईरान के खुमैन शहर में बस गए. यहीं पर उनके परिवार ने अपनी नींव रखी, जो बाद में राजनीतिक और धार्मिक सत्ता के शिखर पर पहुंचने का कारण बनी.


मुसावी ने अपनी भारतीय पृष्ठभूमि के प्रतीक के रूप में "हिंदी" उपाधि को बरकरार रखा. जो ईरानी अभिलेखों में भी मिलता है और परिवार की वंशावली का एक मौन प्रमाण है.


किंतूर गांव, जो ऐतिहासिक रूप से शिया विद्वत्ता के केंद्र के रूप में जाना जाता है, अयातुल्ला रुहोल्लाह मुसावी खुमैनी का पैतृक घर है - जो 1979 की इस्लामी क्रांति के सूत्रधार और ईरान के इस्लामी गणराज्य के संस्थापक पिता थे.


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किंतूर गांव का महत्व...


बाराबंकी का किंतूर गांव छोटा होने के बावजूद ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. यहां से सैयद अहमद मुसावी ईरान पहुंचे और उनकी विचारधारा ने आगे चलकर ईरान के इतिहास को प्रभावित किया.

गांव के कुछ शिया परिवार आज भी अपने पूर्वजों के ईरान से संबंध का उल्लेख करते हैं. 70 वर्षीय सैयद निहाल काजमी का दावा है कि उनके परदादा मुफ्ती मोहम्मद कुली मुसावी और सैयद अहमद मुसावी चचेरे भाई थे.


1979 की ईरानी क्रांति


साल 1979 में रूहोल्लाह खुमैनी के नेतृत्व में ईरान में क्रांति हुई, जिसने शाह की सत्ता समाप्त कर देश को इस्लामी गणराज्य में बदला . इसके बाद खुमैनी ईरान के सर्वोच्च नेता बने. सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद खुमैनी सादा जीवन जीते थे. वे एक छोटे एक-मंजिला घर में रहते थे और निजी उपयोग के लिए सार्वजनिक धन लेने से इनकार करते थे.


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अली खामेनेई का उदय


अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 17 जुलाई 1939 को मशहद में हुआ था. वे खुमैनी के विचारों से प्रभावित होकर क्रांति में शामिल हुए और खुमैनी के करीबी सहयोगी बने.1989 में की मृत्यु के बाद खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर बने. हालांकि भारत से सीधा संबंध नहीं रहा, लेकिन उनके गुरु के पूर्वज भारत से जुड़े थे.


मुसावी की भारतीय स्वतंत्रा संग्राम में सक्रीय भूमिका...


बता दें कि, सैयद अहमद मुसावी ने भारतीय स्वतंत्रा संग्राम में अहम् भूमिका निभाई. और उसके बाद 1834 में एक धार्मिक यात्रा पर ईरान गए. लेकिन तत्कालीन अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें वापस नहीं लौटने दिया क्यूंकि वह स्वतन्त्रता सेनानी थे. इसके बाद वह ईरान में ही बस ग

मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
वाराणसी: प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बुधवार को परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में खेल प्रतिभाओं का अनूठा संगम देखने को मिला. जन्मदिन समारोह में 1076राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बालिका खिलाड़ियों के साथ विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की. बड़ी संख्या में बेटियों की मौजूदगी से पूरा स्टेडियम उत्सव के रंग में रंगा नजर आया.कार्यक्रम के दौरान बालिका खिलाड़ियों और छात्राओं में खासा उत्साह रहा. खेल मैदान से लेकर समारोह स्थल तक बेटियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया. कार्यक्रम के समापन पर बालिकाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाल कटआउट के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सेल्फी लेकर इस यादगार अवसर को कैमरे में कैद किया. इसके बाद एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जन्मदिन की खुशियां साझा कीं.कार्यक्रम के संयोजक हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष एवं विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में कई प्रयास हुए हैं. इससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नए अवसर मिले हैं और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला है.उन्होंने कहा कि बेटियों की खेलों में बढ़ती भागीदारी देश के लिए सकारात्मक संकेत है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली खिलाड़ियों के साथ छात्राओं की सहभागिता से नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी.ALSO READ:रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तारसमारोह में 1076 बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही. खेल और युवा प्रतिभाओं को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने बेटियों की प्रतिभा, उत्साह और खेलों के प्रति उनके बढ़ते रुझान को सामने रखा.
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में पुलिस और SOG-2 की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंद मकान में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 47 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 10 लाख रुपये नकद, कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है।डीसीपी क्राइम नीतू काद्यान की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रथयात्रा के पास एक मकान में बाहर से ताला लगाकर अंदर जुआ खेले जाने की सूचना पुलिस को मिल रही थी। इसके बाद टीम ने करीब तीन से चार दिन तक मकान की गतिविधियों पर नजर रखी। जब अंदर बड़ी संख्या में लोग जुटे तो SOG-2 और सिगरा पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 47 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।पुलिस की जांच में सामने आया कि विशाल सिंह नाम के व्यक्ति ने मकान को लीज पर लिया था। पुलिस के अनुसार, इसी मकान से जुए का संचालन किया जा रहा था। पकड़े गए लोगों में वाराणसी के साथ आसपास के जनपदों के लोग भी शामिल हैं।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में संगठित अपराध समेत अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।ALSO READ:आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोरडीसीपी क्राइम नीतू काद्यान ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मीडिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोर
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वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) में आगामी वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बुधवार को कमेटी की बैठक आयोजित की गई। आईएमएस कमेटी रूम में हुई बैठक की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने की। बैठक में पिछले वर्ष के कार्यक्रम की समीक्षा के साथ इस वर्ष आयोजित होने वाले स्वास्थ्य मेले को और अधिक उपयोगी एवं जनसुलभ बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम समन्वयक प्रो. टी.पी. चतुर्वेदी ने पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम की गतिविधियों और अनुभवों की समीक्षा प्रस्तुत की। इसके बाद इस वर्ष के स्वास्थ्य मेले के समन्वयक प्रो. वी.एन. मिश्रा के साथ जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारियों पर चर्चा हुई।स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मददप्रो. वी.एन. मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष महामना के उद्देश्यों के अनुरूप स्वास्थ्य मेले को और व्यापक बनाने के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान के साथ आईआईटी-बीएचयू की तकनीकी विशेषज्ञता का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किए जाने की योजना है।बैठक में निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने कहा कि स्वास्थ्य मेले के माध्यम से काशी की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था के साथ आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद और डेंटल चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी उचित परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।कमेटी सदस्यों ने दिए सुझावबैठक में मेडिसिन संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. मूर्ति, डेंटल संकाय प्रमुख प्रो. अतुल भटनागर, प्रो. भुवाल राम और प्रो. एस.के. भारती समेत कमेटी के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।ALSO READ :लोहता में बुनकरों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर शुरू, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे परामर्श...इस अवसर पर प्रो. वी.एम. सिंह, वैद्य सुशील दुबे, डॉ. अखिलेश चन्द्र, डॉ. महेश, प्रो. संगीता, डॉ. नीरज त्रिपाठी, डॉ. संतोष सिंह और प्रो. अजय पांडे समेत अन्य कमेटी पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्वास्थ्य मेले को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और आम जनता के लिए उपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।